मान्यता है कि इसके प्रभाव से व्यक्ति को स्वंय और पितरों को भी मोक्ष मिलता है. इस साल निर्जला एकादशी कुछ राशियों के लिए खास है.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Nirjala Ekadashi 2025: निर्जला एकादशी का व्रत श्रेष्ठफलदायी माना गया है. कहते हैं सालभर में यही एकमात्र ऐसा व्रत है जिसको करने से समस्त एकादशी का फल प्राप्त हो जाता है, हालांकि ये व्रत बेहद कठिन होता है क्योंकि इसमें निर्जला यानी बिना जल के व्रत करने का विधान है. भीम ने अपने पापों का प्रायश्चति करने और मोक्ष की प्राप्ति के लिए मात्र इसी एकादशी का व्रत किया था. इसके प्रभाव से उनके लिए मोक्ष के द्वार खुल गए थे.
इस साल निर्जला एकादशी 6 जून 2025 को है. इस साल ये व्रत बहुत खास माना जा रहा है, इस दिन बनने वाले शुभ योग और ग्रहों की शुभ स्थिति कुछ राशियों के जीवन में सुख-सौभाग्य लाने वाली है.
निर्जला एकादशी पर ग्रहों का शुभ संयोग
शुक्र – इस साल निर्जला एकादशी से पहले धन, वैभव, ऐश्वर्य के कारक ग्रह शुक्र का गोचर होने वाला है. 31 मई को शुक्र मेष राशि में प्रवेश करेंगे और यहां 29 जून तक विराजमान रहेंगे.
बुध-बृहस्पति की युति
बृहस्पति मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं और निर्जला एकादशी वाले दिन 6 जून को बुध भी मिथुन में आ जाएंगे. बुध बृहस्पति की युति व्यक्ति के व्यक्तित्व में बुद्धिमत्ता, आशावाद और संचार कौशल का अनूठा मिश्रण लाती है. बहुमुखी प्रतिभा का धनी, नेक बुध का जातक जिस राह पर चलता है, कामयाबी उसके पीछे-पीछे चलती है. साथ ही यदि बृहस्पति का साथ मिल जाए तो उसके प्रभाव में चार चांद लग जाते हैं.
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