BY- डीबी न्यूज अपडेट
Edited By- सुप्रिया
जबलपुर.
Pitra pakcha: पितृ पक्ष हिंदू धर्म में पूर्वजों को समर्पित एक महत्वपूर्ण समय होता है. यह अवधि भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से शुरू होकर आश्विन महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तक चलती है. इस समय में लोग अपने पितरों (पूर्वजों) की आत्मा की शांति और तृप्ति के लिए श्राद्ध, तर्पण, और पिंडदान जैसे कर्म करते हैं.
इस संबंध में ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा से पितृ पक्ष में किस प्रकार का भोजन करना चाहिए और किन सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए? इस संबंध में उन्होंने विस्तृत जानकारी दी और बताया कि इस दौरान ऐसा माना जाता है कि इन सब्जियों या दालों को खाने से पितृ नाराज हो सकते हैं. इसलिए भूलकर भी इनका सेवन नहीं करना चाहिए.
पितृ पक्ष में भूलकर भी न करें ये काम
- 1 – इस दौरान विवाह, नया व्यापार, गृह प्रवेश, या अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं.
- 2 -बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है.
- 3 -नए वस्त्र, आभूषण, या कीमती वस्त्रों की खरीदारी नहीं की जाती है.
- 4 -खान-पान में सात्विकता रखनी चाहिए.
- 5 – मांस, मछली, लहसुन, प्याज जैसे तामसिक भोजन से दूर रहना चाहिए.
- 6 – कुछ सब्जियों को खाने की मनाही भी होती है.
इन सब्जियों से करें परहेज
- — पितृ पक्ष के दौरान कुछ सब्जियों को पकाने से बचा जाता है. विशेष रूप से, प्याज, लहसुन, करेला, सरसों का साग, चुकंदर, अरबी और बैंगन जैसी तामसिक या अशुद्ध मानी जाने वाली सब्जियाँ नहीं बनाई जाती हैं.
- — कटहल और मूली भी नहीं खाने की सलाह दी जाती है. इन सब्जियों को पितृ पक्ष के समय वर्जित माना जाता है क्योंकि यह अवधि पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए होती है और तामसिक भोजन से मन अशांत हो सकता है.
हल्का भोजन को प्राथमिकता दें
पितृ पक्ष के दौरान सात्विक और हल्का भोजन जैसे दाल, हरी सब्जियाँ, और फल खाने की परंपरा है, जिससे मन और शरीर शुद्ध रहे.

