जबलपुर बरगी नहर के मझगवां थाना क्षेत्र के कूम्हिखुर्द गांव के पास एक तेज रफ्तार कार रात करीब 1 बजे गिर गई। हादसे के बाद शुभम विश्वकर्मा निवासी कंचनपुर व बाबा टोला निवासी अनु अंसारी किसी तरह कार से बाहर आ गए।
Source : DB News Update
By- DBnewsupdate| Edited by – Supriya
Jabalpur MP. मझगवां थाना क्षेत्र के कूम्हिखुर्द गांव के पास एक तेज रफ्तार कार रात करीब 1 बजे बरगी नहर में गिर गई। इस दुर्घटना में कार में सवार चार युवकों में से दो युवक तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि दो युवक अब भी लापता हैं। पुलिस के अनुसार चार दोस्त कार नम्बर एमपी 20 सीएफ 7886 में सवार होकर जबलपुर से सीमली की ओर जा रहे थे। रात 10 बजे मझगवां के कोनी खुर्द गांव के पास कार अनियंत्रित होकर बरगी नहर में गिर गई। हादसे के बाद शुभम विश्वकर्मा निवासी कंचनपुर व बाबा टोला निवासी अनु अंसारी किसी तरह कार से बाहर आए और तैर कर सुरक्षित बच निकले। कार शुभम चला रहा था।
एसडीईआरएफ टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ (State Disaster Emergency Response Force) की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। लापता युवकों की तलाश जारी है और टीम पूरी तत्परता से बचाव कार्य में जुटी हुई है।
मझगवां के कोनी खुर्द में हादसा, देर रात तक चली खोजबीन
पुलिस के अनुसार चार दोस्त कार नम्बर एमपी 20 सीएफ 7886 में सवार होकर जबलपुर से सीमली की ओर जा रहे थे। रात 10 बजे मझगवां के कोनी खुर्द गांव के पास कार अनियंत्रित होकर बरगी नहर में गिर गई। हादसे के बाद शुभम विश्वकर्मा निवासी कंचनपुर व बाबा टोला निवासी अनु अंसारी किसी तरह कार से बाहर आए और तैर कर सुरक्षित बच निकले। सूचना पर मझगवां थाना पुलिस रात में ही मौके पर पहुंच गई। शकील और अंकित की तलाश शुरू की। बुधवार सुबह एसडीईआरएफ मौके पर पहुंची। सुबह 8:30 बजे कार को पानी से निकाला। लेकिन लापता युवकों का पता नहीं चला। बोट के जरिए युवकों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने शुभम विश्वकर्मा और अनु अंसारी के बयान दर्ज किए हैं।
बचाव कार्य में आ रही बाधा
हादसे की जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन नहर में 8 फीट पानी होने के कारण बचाव कार्य में बाधा पड़ी, अंधेरा होने के कारण भी कुछ समझ नहीं आ रहा था। मझगवां थाना प्रभारी के अनुसार दोनों युवकों की तलाश के लिए नहर के बड़े हिस्से में अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन फिलहाल कुछ पता नहीं चल रहा है। वहीं बच निकले लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
लेकिन उनके दोस्त शकील और अंकित कार में ही फंसे रह गए थे सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों युवकों की तलाश शुरू की लेकिन पानी ज्यादा होने के चलते उनका पता नहीं चला, बुधवार की सुबह एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई और कार को पानी में से निकाला गया लेकिन दोनों युवकों का पता नहीं चल सका है। अभी बोट के जरिए युवकों की तलाश की जा रही है।
घर में सूचना देकर कार के नहर में गिरने की बात बताई
जैसे-तैसे रवि कार से निकला और ज्वेलर्स संचालक के घर में सूचना देकर कार के नहर में गिरने की बात बताई। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। इधर वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को नहर में कार गिरे होने की सूचना दी। जिसके बाद बरगी नगर चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर क्रेन बुलाई गई। लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद कार को निकाला जा सका।
सुरक्षा इंतज़ामों की कमी
नहर के किनारों पर कई जगहों पर न तो मजबूत रेलिंग है और न ही पर्याप्त चेतावनी संकेत, जिससे लोग अनजाने में फिसलकर गिर जाते हैं। बरगी नहर में पानी का बहाव काफी तेज़ रहता है, खासकर जब बांध से पानी छोड़ा जाता है। ऐसे में गिरने के बाद बच निकलना मुश्किल हो जाता है। कई लोग नहर में नहाने, कपड़े धोने या किनारे बैठने चले जाते हैं, जबकि यह बेहद खतरनाक है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस या प्रशासन की नियमित निगरानी नहीं होती, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है।
रात के समय रोशनी की कमी
कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में खतरा और बढ़ जाता है। इस कारण नहर किनारे मजबूत बैरिकेडिंग और रेलिंग लगाना, चेतावनी बोर्ड और खतरनाक क्षेत्रों को चिन्हित करना, नियमित पुलिस की गश्त और निगरानी बढ़ाने सहित स्थानीय लोगों में जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए।

