एमपीटी के होटल मैन्यू में मिलेगा स्थानीय व्यंजन, धर्मस्व विभाग के तीर्थ दर्शन योजना को प्रोत्साहित करने से प्रादेशिक स्तर पर पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
Source : DB News Update
By- DB News Update | Edited By- Supriya
Bhopal. मध्यप्रदेश ने धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पर्यटन के ऐसे कई दार्शनिक स्थल है, जो विश्व पटल पर अंकित है। उन्हें स्थानीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत है। इसी मुद्दे को लेकर पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने बैठक की और अधिकारियों को प्रदेश के ऐसे अनछुएं धार्मिक और पर्यटन स्थल है जो रमणीय और अद्भुत तो है, लेकिन लोगों की पहुँच से दूर है, लोगों को इसकी पूर्ण जानकारी भी नहीं है। ऐसे स्थलों तक आमजन आसानी से दर्शन लाभ लें सकें इसके लिये जल्द ही धार्मिक पर्यटन टूरिज्म पैकेज को शुरू किया जायेगा। श्री लोधी मंगलवार को मंत्रालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा कर रहे थे।
पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लोधी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन टूरिज्म पैकेज की कार्य-योजना को जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। इसमें विभिन्न चिन्हित स्थलों के रूट तय कर बस की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह धर्मस्व विभाग तीर्थ दर्शन योजना को प्रोत्साहित करता है। उसी प्रकार प्रादेशिक स्तर पर ऐसी योजना के शुरू होने से पर्यटन के क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि एमपीटी के होटल्स के मैन्यू में स्थानीय व्यंजनों को शामिल किया जायेगा। उन्होंने सभी होटलों में प्लास्टिक फ्री पानी की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये। श्री लोधी ने कहा कि जिन स्थानों पर पर्यटकों की आवागमन ज्यादा है, वहां पर अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कराये जायें। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में पर्यटन स्थल है, उन पर्यटन स्थलों के आस-पास स्वागत द्वार बनायें जायें, जिसमें उस पर्यटन स्थल की जानकारी विस्तृत रूप से अंकित की जाये।
ग्रामीण पर्यटन अंतर्गत 123 नये होम-स्टे ले आउट किये गये
प्रमुख सचिव पर्यटन श्री शिवशेखर शुक्ला ने पिछले आठ माह में अर्जित विशिष्ट उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा महिलाओं के लिये सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के तहत 74 कार्य-शालाओं का आयोजन कर 3986 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही स्कूल एवं महाविद्यालय की 11847 बालिकाओं और युवतियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया। पर्यटन केन्द्र पर महिला कार्यकर्ताओं/हितधारकों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न पर्यटन उद्यमों से संबंधित 2563 महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने जानकारी दी कि ग्रामीण पर्यटन अंतर्गत 123 नये होम-स्टे ले आउट किये गये, 104 नवीन होम-स्टे का कार्य प्रगति पर है तथा 29 नये होम स्टे के निर्माण कार्य पूर्ण कर लिये गये। 33 होम-स्टे का संचालन प्रारंभ किया गया एवं 10 होम-स्टे का पंजीयन कराया गया है।
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के एमडी श्री टी. इलैया राजा ने निर्माण कार्यों, बोर्ड क्लब की जानकारी, वार्षिक आयोजन के तहत आने वाले फेस्टिवल की कार्य-योजना एवं विभिन्न निर्माण कार्यों की जानकारी साझा की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
आधुनिक बसों से पर्यटक घूम सकेंगे
- – कैरावेन में बैड उपलब्ध होगा, जो फोल्ड करके सोफा बन जाएगा.
- – इसमें फोल्डिंग किचिन पैक होगा, जो गाड़ी के पीछे खुल जाएगा. इसमें खाना बनाने का पूरा सामान उपलब्ध होगा. इसमें छोटा फ्रिज और माइक्रोवेव भी होगा.
- – इसमें टॉयलेट और पर्याप्त फ्रेश वॉटर होगा.
- – ड्राइवर सीट के पीछे इसमें पार्टीशन होगा, ताकि पर्यटक की प्राइवेसी बनी रहे.
- – ड्राइवर और यात्री के बीच कम्यूनिकेशन की बेहतर व्यवस्था होगी.
- – यह पूरी तरह से एयर कंडीशनर होगा.
- – इसमें खाने की टेबल, कुर्सियां की व्यवस्था भी होगी.
- – इसमें चार्जिंग सिस्टम, ऑडियो, वीडियो की सुविधा उपलब्ध होगी. यह जीपीएस से कनेक्ट होगा.
यह होंगी कैरावेन में सुविधाएं
मध्यप्रदेश सरकार पर्यटन को लगातार बढ़ावा दे रही है. प्रदेश में पर्यटन की भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं. दो ज्योर्तिलिंग के अलावा चित्रकूट, दतिया, ओरछा, सलकनपुर सहित कई धार्मिक स्थलों पर देश-विदेश से लोग पहुंच रहे हैं. मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट, लैपर्ड स्टेट का दर्जा भी प्राप्त है. प्राकृतिक रूप से घूमते वन्य जीवों को देखने प्रदेश के टाइगर रिजर्व में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं. इसके अलावा हेरिटेज टूरिज्म की भी यहां भरपूर संभावनाएं मौजूद हैं. बाहर से आने वाले टूरिस्ट कैरावेन के जरिए पर्यटन स्थलों का और भी आनंद ले सकेंगे. इसमें कई तरह की सुविधाएं उपलब्ध होंगी.

