नेताजी सुभाषचंद बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अभी हाल ही में हुआ ब्लड दलाली का पर्दाफास, सुपर स्पेशलिटी में भर्ती करवाने के लिए मांगते हैं 5 हजार रुपए, जल्दी जांच करवाना हो तो उसका भी कमीशन लगता है
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Netaji Subhash Chandra Bose Medical College Jabalpur News : मध्य प्रदेश जबलपुर संभाग का नेताजी सुभाषचंद बोस मेडिकल कॉलेज दलाली के चंगुल में फंसा है. दलालों के बिना यहां मरीजों को राहत नहीं मिल सकती है. हर काम में कमीशनबाजी तय हो गई है. भर्ती करवाने से लेकर एंबुलेंस उपलब्ध कराने और जल्दी जांच कराने के रेट तय हैं. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है. कई विभाग तो ऐसे हैं, जहां मरीजों को भर्ती करने की जगह तक नहीं मिल पा रही है. इन विभागों के वार्ड में अलग से पलंग लगवाए जा रहे हैं. लिहाजा मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब यहां दलाल सक्रिय हैं, जिन्होंने विभागों में भर्ती के लिए अलग-अलग रेट तय कर रखे हैं. बाहर से आने वाले मरीज इन दलालों की गिरफ्त में फंसकर लुट रहे हैं. बीमारी जितनी गंभीर होती है, दलाल भर्ती करवाने के लिए उनसे अनाप-शनाप मांग करते हैं. सूत्रों की मानें तो मरीज को भर्ती कराने के लिए सबसे ज्यादा कीमत सुपर स्पेशलिटी के लिए चुकाना पड़ रही है. यहां भर्ती करवाने के लिए 5 हजार रुपए तक मांगी जा रही है, क्योंकि यहां के ज्यादातर वार्ड हमेशा मरीजों से फुल रहते हैं.
कैंपस से लेकर बाहर तक घूमते रहते है
सूत्रों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती के नाम पर सक्रिय दलाल कैंपस से लेकर बाहर तक घूमते रहते हैं. बाहर से आने वाले मरीजों को गेट के पास ही रोककर पूछताछ शुरू हो जाती है. जैसे ही मरीज बताता है कि उन्हें किसी विभाग में जाना है, दलाल वहां का पता बताकर स्पष्ट कर देता है कि वार्ड फुल हैं. भर्ती होना हो तो बता देना हम बात करके भर्ती करा देंगे. इसके बाद दलाल उनके आसपास ही घूमता रहता है.
वार्ड फुल फिर भी बेड दिलवाने की गारंटी
जानकारों का कहना है कि मेडिकल में ज्यादातर समय यही स्थिति होती है कि वार्ड फुल रहते हैं. इन वार्डों में मरीजों को रखने की जगह तक नहीं होती. इसके बाद भी दलाल गारंटी लेते हैं कि वे संबंधित वार्ड में बेड दिलवा देंगे. जैसे ही बेड खाली होगा, मरीज को उसमें शिफ्ट करवा दिया जाएगा, क्योंकि बेड खाली न होने पर डॉक्टर की भर्ती करने की पर्ची के बाद भी स्टाफ मरीज को भर्ती नहीं करता है.
दलालों की गैंग कर रही काम
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करवाने के नाम पर सक्रिय दलालों की पूरी गैंग है. दलाल मरीज के मेडिकल में भीतर जाने से लेकर ओपीडी में पर्ची बनने और डॉक्टर द्वारा भर्ती से पहले करवाई जाने वाली जांच तक मरीज के परिजनों के आसपास मंडराते रहते हैं. जैसे ही उन्हें पता चलता है कि मरीज को जिस वार्ड में भर्ती करवाना है, वहां बेड खाली नहीं है तो फिर दलाल परिजनों से संपर्क करना शुरू कर देते हैं.
अस्पताल के जिम्मेदार बेखबर
नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस बुक करानी हो या फिर ब्लड बैंक से रेयर ब्लड की जरूरत हो या फिर भर्ती करवाना हो, हर काम के लिए दलालों को मुहंमांगी रकम देनी पड़ रही है. दलाल अस्पताल के कैंपस में घूमते रहते हैं और जिस मरीज का परिजन परेशान दिखा, उसे अपने चंगुल में फंसा लेते हैं. जानकारों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दलालों का बड़ा रैकेट घूम रहा है और मेडिकल प्रशासन बेखबर है. शायद यही वजह है कि उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है.
कई बार उठ चुका है दलाली का मामला
नेता सुभाषचन्द्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में खून की दलाली का मामला कोई नया नहीं है. इससे पहले भी इस प्रकार का मामला उठ चुका है और किसी भी दलाल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. जिसके कारण दलालों के हौंसले बुलंद हैं. अस्पताल में ब्लड की दलाली करने वाले खुलेआम अस्पताल के अंदर-बाहर घूम रहे हैं. इन पर लगाम लगाने वाले अधिकारियों की संलिप्ता भी नजर आ रही है. तभी तो इतना सबकुछ होने के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है.

