रसोई गैस के उपभोक्ता करीब एक माह से परेशान हैं. वेटिंग बढ़ने से एचपी गैस सिलेण्डर की कालाबाजारी का अंदेशा.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
HP Gas Cylinder Supply Crisis: मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में एचपी कंपनी की रसोई गैस सप्लाई पूरी तरह से चरमरा गई है. जिन उपभोक्ताओं को तुरंत रसोई गैस की जरूरत पड़ रही है, उन्हें भी ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद एक सप्ताह बाद रसोई गैस मिल रही है. रसोई गैस वितरण करने वाली कंपनियों के गोदामों के आसपास काफी भीड़ देखने को मिल रही है. इस संबंध में जब बारीकी से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो पता चला कि जिन एजेंसियों के पास 600 उपभोक्ता प्रतिदिन रसोई गैस रिफिल करा रहे हैं और उन्हें तुरंत गैस सिलेण्डर की जरूरत पड़ रही है, उन एजेंसियों में 200 रसोई गैस सिलेण्डरों की सप्लाई हो रही है. यानी करीब 400 उपभोक्ता वेटिंग में चल रहे हैं. उन्हें समय पर रसोई गैस सिलेण्डर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. इस समस्या से जिले के रसोई गैस के उपभोक्ता करीब एक माह से परेशान हैं. वेटिंग बढ़ने से एचपी गैस सिलेण्डर की मांग लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे कालाबाजारी होने का अंदेशा है.
जिले मे 2.50 लाख उपभोक्ता रजिस्टर्ड
एचपी गैस कंपनी में जबलपुर जिले के करीब 2.50 लाख उपभोक्ता रजिस्टर्ड हैं, जिन्हें रसोई गैस के लिए बारी-बारी से परेशान होना पड़ रहा है. ऑनलाइन बुकिंग होने के बाद लंबी वेटिंग चल रही है और कई उपभोक्ता एजेंसियों के पास लाइन लगाए रसोई गैस सिलेण्डर का इंतजार कर रहे हैं. लंबे समय तक इंतजार कर रहे उपभोक्ता एजेंसी संचालकों पर गुस्से से लाल हो रहे हैं, जबकि रसोई गैस की सप्लाई प्रदेश स्तर पर बनी हुई है.
500 कैप्सूल की जगह 200 की सप्लाई
सूत्रों से पता चला है कि प्रदेश में एचपी गैस कंपनी के 500 कैप्सूल टैंकर रसोई गैस की जरूरत पड़ रही है, लेकिन गैस बॉटलिंग प्लांट तक 200 कैप्सूल टैंकर ही पहुंच रहे हैं. उन्हें भी जबलपुर जिले की गैस एजेंसियों में सप्लाई नहीं किया जा रहा है, बल्कि भोपाल, छिंदवाड़ा, सिवनी जैसी जगहों पर सप्लाई किया जा रहा है, जिसके कारण शहर में रसोई गैस की किल्लत बनी हुई है.
केवायसी में उलझे रहे उपभोक्ता
रसोई गैस की किल्लत बहुत दिनों से है. सबसे पहले रसोई गैस सिलेण्डर का कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ता केवायसी अपडेट कराने में उलझे रहे. उनका ई-केवायसी अपडेट नहीं होने से रसोई गैस सिलेण्डर नहीं मिल रहा था। कंपनियों ने सबसे पहले यही आदेश निकाला था कि ई-केवायसी जब तक नहीं हो जाएगा. रसाोई गैस उपभोक्ताओं को सिलेण्डर मुहैया नहीं कराया जाएगा. अब जब ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी हो गई तो सिलेण्डर सप्लाई में समस्या सामने आ खड़ी हुई. रसोई गैस उपभोक्ताओं को समय पर सिलेण्डर ही उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.
इन एजेंसियों में नहीं पहुंच रही रसोई गैस
एचपी एजेंसी रांझी, एके एजेंसी, अधारताल-महाराजपुर, संस्कारधानी गैस एजेंसी शिव नगर, जौहर गैस एजेंसी, गोरखपुर, मदन-महल गैस एजेंसी, महाकाेशल गैस एजेंसी मॉडल रोड बस स्टैण्ड, दीप गैस एजेंसी, गुलौआ, जायसवाल गैस एजेंसी, गौरीघाट बादशाह हलवाई मंदिर के अलावा बरेला, कटंगी, मझौली जैसे ब्लॉक स्तर पर कई एजेंसियाें में सिलेण्डर नहीं पहुंच रहे हैं.
हॉकर से भी छीन लिए अधिकार
रसोई गैस सिलेण्डर लेकर घर-घर पहुंचाने वाले एजेंसी के हॉकरों के अधिकार में कटौती कर दी गई है. जिन गरीबों का मोबाइल गुम हो जाता है या फिर ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते हैं. ऐसे रसोई गैस उपभोक्ताओं को सिलेण्डर पहुंचाने वाले हॉकर अपने मोबाइल से रसोई गैस सिलेण्डर की बुकिंग करके सिलेण्डर गरीब उपभोक्ताओं को दे देते थे. अब उनके अधिकारों में भी कटौती किए जाने के कारण उज्जवला योजना या फिर गरीब उपभोक्ताओं को सिलेण्डर ही नहीं मिल पा रहा है. उन्हें एजेंसी के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
ये है हकीकत
- > 2.50 लाख एचपी गैस के उपभोक्ता जिले में रजिस्टर्ड हैं.
- > 500 रसोई गैस कैप्सूल टैंकर की जरूरत प्रदेश के उपभोक्ताओं को प्रतिदिन पड़ रही है.
- > 200 गैस कप्सूल के टैंकर प्लांट पहुंच रहे हैं, यानी कैप्सूल टैंकरों में कटौती के कारण स्थिति विकराल बन रही है.
- > 600 रसोई गैस सिलेण्डर प्रतिदिन जिस एजेंसी को जरूरत है, वहां 200 रसोई गैस सिलेण्डर ही पहुंच पा रहे हैं.
- > 1 माह से रसोई गैस को लेकर उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं.

