राम भक्तों के लिए साल 2026 में राम नवमी का त्योहार सालों बाद शुभ संयोग लेकर आ रहा है. जानें तारीख और शुभ मुहूर्त.
Source : DB News Update
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Ram Navami 2026: राम भक्तों के लिए राम नवमी का त्योहार शुभ संयोल लेकर आ रहा है. साल 2026 में राम नवमी दो दिन मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था. इस दिन राम नवमी मनाई जाती है. लेकिन इस साल पंचांग भेद के कारण जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाएगी. यह श्रद्धालुओं के लिए शुभ संगोग है.
राम नवमी 2026 कब
चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन होता है. इस साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को सुबह 11.38 से शुरू होकर 27 मार्च को सुबह 10.06 मिनट तक रहेगी.
श्रीराम की पूजा का मुहूर्त सुबह 11.13 से दोपहर 1.41 तक है.
मध्यान्हकाल पूजा के लिए शुभ
राम नवमी पूजा अनुष्ठान आदि करने के लिए मध्याह्न का समय सर्वाधिक शुभ है. ग्रंथों के अनुसार मध्याह्न के मध्य का समय श्री राम जी के जन्म के क्षण को दर्शाता है. राम नवमी मध्याह्न का क्षण – दोपहर 12:27 है. मन्दिरों में इस क्षण को भगवान श्री राम के जन्म काल के रूप में मनाया जाता हैं. श्रीराम का जन्म दोपहर 12 हुआ था इसलिए इस दिन पूजा करना श्रेष्ठ होगा.
वैष्णव संप्रदाय के लोग 27 को मनाएंगे राम नवमी
उदयातिथि के अनुसार वैष्णव संप्रदाय के लोग 27 मार्च 2026 को राम नवमी मनाएंगे. इस दिन राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11:13 से दोपहर 01:41 तक है.
कैसे करें राम नवमी व्रत
राम नवमी के समय आठ प्रहर उपवास करने का सुझाव दिया जाता है. जिसका अर्थ है कि, भक्तों को सूर्योदय से सूर्योदय तक व्रत पालन करना चाहिएं. राम नवमी का व्रत तीन अलग अलग प्रकार से किया जाता है
नैमित्तिक – जिसे बिना किसी कारण के किया जाता है.
नित्य – जिसे जीवन पर्यन्त बिना किसी कामना एवं इच्छा के किया जाता है.
काम्य – जिसे किसी विशेष मनोरथ की पूर्ती हेतु किया जाता है.
राम नवमी की पूजा के उपाय
रामनवमी पर भगवान राम से मनचाहा आशीर्वाद अपनी कामनाओं को पूरा करने के लिए रामलला की सच्चे मन से पूजा करते हुए पीले पुष्प, पीले वस्त्र और पीले चंदन का तिलक अर्पित करें. मान्यता है कि पूजा के इस उपाय को करने पर सभी कार्य सफल होते हैं और भगवान राम की कृपा से सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है.
हिंदू धर्म में किसी देवी या देवता को प्रसन्न करके उनकी कृपा पाने के लिए व्रत को उत्तम माध्यम माना गया है. ऐसे में भगवान राम को प्रसन्न करके मनचाहा आशीर्वाद पाने के लिए
रामनवमी का व्रत पूरे विधि-विधान से करें
यदि आप तमाम बड़े संकटों से घिरे हुए हैं और आपको संकटों से छुटकारा पाना है तो उसमें विजय पाने के लिए रामनवमी पर विशेष रूप से श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ जरूर करना चाहिए.
यदि आपको संतान सुख की प्राप्ति अभी तक नहीं हो पाई है तो आपको भगवान राम की तरह आज्ञाकारी पुत्र पाने के लिए रामनवमी वाले दिन उनके बालस्वरूप यानि रामलला का दर्शन और विशेष पूजन करना चाहिए.
रामनवमी के दिन भगवान राम को तुलसी की माला अर्पित करके श्री रामचरितमानस के बालकांड का पाठ करना चाहिए.
मान्यता है कि मानस का पाठ करने से प्रभु श्री राम शीघ्र ही प्रसन्न होकर मनचाहा आशीर्वाद प्रदान करते हैं.
भगवान राम की कृपा सदा बनाए रख्नीने के लिए रामनवमी के पावन पर्व पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की विधि-विधान से पूजा करके मंत्र का जप तुलसी की माला से करना चाहिए.
इन कामों को करने भाग्य का उदय होता है
गरीबों को भोजन- भगवान राम ने अपने जीवन में दूसरों की सेवा और दान का महत्व बताया है. इस दिन, निर्धन और असहाय लोगों को अन्नदान करना बहुत ही शुभ माना जाता है. इससे घर में समृद्धि बनी रहती है और भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त होती है.
अखंड दीप जलाएं- रामनवमी के अवसर पर घर या मंदिर में अखंड दीप जलाना चाहिए. यह भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है और इसे जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
तुलसी पूजन- तुलसी माता भगवान विष्णु को बहुत प्रिय हैं, और श्रीराम को विष्णु का अवतार माना जाता है. इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा करना चाहिए, घर में शुभता आती है और पापों का नाश होता है.
जरूरतमंदों को दान- रामनवमी के अवसर पर वस्त्र, खाद्य सामग्री, जल, पुस्तकें और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करना चाहिए. जीवन में सकारात्मकता और भाग्य का उदय होता है.
हनुमान जी की पूजा- रामनवमी के दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करना बहुत शुभ होता है. इससे सभी प्रकार के संकट और भय दूर होते हैं और जीवन में सफलता प्राप्त होती है.
माता-पिता व गुरुजनों का आशीर्वाद- भगवान राम की भांति अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में सफलता, समृद्धि और सकारात्मकता बनी रहती है.
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