Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
इंडिया गठबंधन शुरूआती रूझानों में एनडीए को कड़ी टक्कर देते हुए नजर आ रही थी रिपोर्ट्स के मुताबिक, वोटों की गिनती के बीच दिल्ली सीएम पल-पल की अपडेट्स लेते रहे हैं
Delhi News: नई दिल्ली। सातों चरण की वोटिंग पूरी होने के बाद आज मंगलवार (4 जून) को मतों की गणना हो रही थी, सुबह आठ बजे से जब वोटों की गिनती शुरू हुई तब से लेकर अभी तक जेल में बंद अरविंद केजरीवाल नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। इंडिया गठबंधन शुरूआती रूझानों में एनडीए को कड़ी टक्कर देते हुए नजर आ रही थी रिपोर्ट्स के मुताबिक, वोटों की गिनती के बीच दिल्ली सीएम पल-पल की अपडेट्स लेते रहे हैं। लेकिन दिल्ली के नतीनों ने उन्हें मायूस कर दिया है.
विदित हो कि सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को चुनाव प्रचार के लिए 21 दिनों की जमानत दी थी। हेल्थ संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए दिल्ली सीएम ने जमानत की अवधि बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी थी जिसे अदालत ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद केजरीवाल ने जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट का रूख किया था जिसे राउज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज कर दिया। जिस वजह से अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 3 जून को सरेंडर करना पड़ा।
केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को प्रचार अभियान का मुद्दा बनाया
चुनाव प्रचार के लिए जेल से बाहर आए अरविंद केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को प्रचार अभियान का मुद्दा बनाया था। इंडिया गठबंधन के लिए चुनाव प्रचार करते हुए केजरीवाल वोटरों से इमोशनल अपील करते हुए नजर आए। यही नहीं आप ने अपने चुनावी अभियान का थीम ही ‘केजरीवाल को जेल का जवाब वोट से देने का संदेश दिया था। उन्होंने बयान दिया था कि आप को वोट देने पर उन्हें जेल नहीं जाना पड़ेगा। 21 दिन के चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली सीएम हर बार अपनी गिरफ्तारी को लेकर बीजेपी को घेरते नजर आए। इंटरव्यूज में अरविंद केजरीवाल ने इंडिया गठबंधन की जीत का दावा भी किया था। केजरीवाल ने कहा था कि इंडिया गठबंधन बेहतरीन परफॉर्मेंस देते हुए 295 से ज्यादा लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगी। अरविंद केजरीवाल ने इंडिया गठबंधन के सरकार बनाने का दावा भी किया था।
दिल्ली में हाल ही में हुई मतगणना के बाद सामने आए नतीजों ने आम आदमी पार्टी के प्रमुख Arvind Kejriwal को निराश कर दिया है। शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम परिणामों तक पार्टी की उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं हो सका, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी मायूसी देखी गई।
कई सीटों पर कड़ी टक्कर देखने को मिली
चुनाव परिणामों में कई सीटों पर कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन अपेक्षित बढ़त हासिल न होने के कारण पार्टी को झटका लगा है। चुनाव से पहले किए गए दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर साफ दिखाई दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मतदाताओं ने स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ अन्य कारकों को भी ध्यान में रखकर मतदान किया, जिसका असर नतीजों पर पड़ा। वहीं विपक्षी दलों ने इन परिणामों को जनता का स्पष्ट संदेश बताया है।
हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने कहा है कि वे इन नतीजों की समीक्षा करेंगे और भविष्य की रणनीति को नए सिरे से तैयार करेंगे। Arvind Kejriwal ने संकेत दिया है कि जनता के फैसले का सम्मान करते हुए संगठन को और मजबूत बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।
आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि पार्टी इस झटके से कैसे उबरती है और अपनी राजनीतिक दिशा को किस तरह से आगे बढ़ाती है।
बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया
स्थानीय मुद्दे (बिजली, पानी, स्कूल, मोहल्ला स्तर की राजनीति) कई सीटों पर निर्णायक बने. कई बड़े नेताओं की सीटों पर भी मुकाबला सीधा और टाइट रहा. दिल्ली विधानसभा चुनाव (2025) के नतीजों में वाकई कई सीटों पर कड़ी टक्कर देखने को मिली, हालांकि कुल मिलाकर परिणाम एकतरफा दिखे क्योंकि बीजेपी ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया.
दिल्ली चुनाव में “करीबी मुकाबले” लोकल स्तर पर जरूर दिखे, लेकिन राज्य स्तर पर मतदाताओं ने एकतरफा फैसला दिया.

