अयोध्या आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को व्यापक इंतजाम के निर्देश दिए, 12 जनवरी से 28 फरवरी तक व्यवस्थाएं रहेंगी.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Mahakumbh 2025 : महाकुंभ के दौरान देश-विदेश के श्रद्धालु अयोध्या भी पहुंचेंगे. रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो चुके हैं, इसलिए यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि हो सकती है. इसे देखते हुए गत दिनों अयोध्या आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को व्यापक इंतजाम के निर्देश दिए थे. उन्होंने कहा था कि यहां पड़ने वाले प्रांतीय मेले में भी किसी श्रद्धालु को परेशानी नहीं होनी चाहिए. इस पर नगर निगम ने मास्टर प्लान तैयार किया. आश्रय स्थलों में 24 घंटे साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश तथा रात में अलाव की भी व्यवस्था रहेगी. श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए अयोध्या के प्रमुख मठ, मंदिरों के महंत व प्रबंधन से भी आश्रय प्रदान करने की अपील की जा रही है. ये व्यवस्थाएं 12 जनवरी से 28 फरवरी तक रहेंगी.
यहां होंगे 10 हजार लोगों के ठहरने के इंतजाम
- अयोध्या बस अड्डे के समीप आश्रय स्थल-3000
- सभी रैन बसेरे-600
- अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन-3000
- निषाद राज गुह्य आश्रय गृह-700
- राम कथा पार्क के निकट आश्रय गृह-500
- सतरंगी पुल के नीचे रामघाट हॉल्ट-600
- रायबरेली रोड पर कल्याण मंडप-300
- अमानीगंज जलकल के सामने एमएलसीपी पार्किंग स्थल-350
- कलेक्ट्रेट के पीछे एमएलसीपी पार्किंग स्थल-350
- जोनल कार्यालय आशिफबाग़-300
- साकेत सदन-300
कुल 1125 सीटों के शौचालय की व्यवस्था
अयोध्या धाम सम्पूर्ण मेला क्षेत्र समेत अन्य स्थानों में 40 स्थायी शौचालयों में उपलब्ध 487 सीटों के अतिरिक्त 38 स्थलों को चिह्नित कर 638 सीट के अस्थायी शौचालय की स्थापना कराई गई है. कुल 1125 सीटों के शौचालय की व्यवस्था की गई हैं. प्रत्येक 10 सीट पर एक कर्मी की ड्यूटी लगायी गयी है. वाह्य क्षेत्रों, पार्किंग होल्डिंग एरिया में 34 मोबाइल टॉयलेट (196 सीट) के माध्यम से शौचालय की व्यवस्था की गयी हैं. सभी शौचालयों पर हैंडवॉश, मिरर आदि की व्यवस्था की गयी है. अस्थायी शौचालयों के नियमित देखरेख के लिए एक केयरटेकर व समस्त मोबाइल टॉयलेट पर एक-एक कर्मी की ड्यूटी लगायी गयी है.
यहां रख सकेंगे अपने जूता-चप्पल
- -राज सदन के समीप-10000 बैग
- -सरयू आरती स्थल के समीप-5000 बैग
- -बिड़ला धर्मशाला के सामने-10000 बैग
सिंगल यूज पॉलीथिन के खिलाफ चलेगा अभियान
संपूर्ण मेला क्षेत्र में पॉलीथीन निषिद्ध क्षेत्र के साथ प्रवर्तन कार्य एवं जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा. यहां आईईसी टीम द्वारा येलो, रेड स्पॉट्स एवं जीवीपी को निरंतर चिह्नित करने के साथ-साथ आम जनमानस से उसे साफ़ रखने के लिए जागरूक भी किया जायेगा. स्प्रिंकलर के माध्यम से निरंतर डस्ट कंट्रोल किया जाएगा. सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में में निराश्रित गोवंशों को प्रतिबंधित किए जाने हेतु तीन टीमें गठित की गई हैं. नगर निगम के कर्मचारी रामपथ व धर्मपथ, भक्तिपथ मार्ग पर आवश्यकतानुसार जगहों पर छुट्टा जानवरों के रोकथाम का कार्य करेंगे. राज्य स्मार्ट सिटी के अंतर्गत पब्लिक एड्रेस सिस्टम व वेरिएबल मैसेजिंग सिस्टम के माध्यम से स्वछता, पॉलिथीन प्रतिबंध, अतिक्रमण, यातायात व्यवस्था के लिए जागरूक किया जायेगा.
शासन-प्रशासन सुविधा जुटाने में लगा
महाकुंभ से पहले प्रशासन और सरकार बड़े स्तर पर तैयारियाँ कर रहे हैं ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें. महाकुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जो विशेष रूप से प्रयागराज में आयोजित होता है.
ठहरने की व्यवस्था
श्रद्धालुओं के लिए इस बार खास इंतज़ाम किए जा रहे हैं-
टेंट सिटी (Tent City): गंगा किनारे विशाल टेंट शहर बसाया जा रहा है, जिसमें लाखों लोगों के ठहरने की सुविधा होगी.
धर्मशालाएं और आश्रम: कई धार्मिक संस्थान अपने परिसर श्रद्धालुओं के लिए खोल रहे हैं.
होटल और गेस्ट हाउस: शहर के होटलों को अपग्रेड किया जा रहा है और ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी मजबूत किया जा रहा है.
होम-स्टे योजना: स्थानीय लोगों को अपने घरों में यात्रियों को ठहराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.
प्रशासनिक स्तर की सुविधाएँ
- साफ-सफाई और स्वच्छता मिशन के तहत विशेष अभियान
- बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट और पार्किंग
- 24×7 स्वास्थ्य सेवाएं और मोबाइल क्लीनिक
- सुरक्षा के लिए हाईटेक निगरानी (CCTV, ड्रोन)
प्रशासन द्वारा मॉनिटरिंग की सुविधा
राज्य सरकार महाकुंभ के आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग कर रही है. सरकार की मंशा है कि उत्तर प्रदेश आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जाने चाहिए.

