अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर केसरिया रंग की इस धर्म ध्वजा की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हो रही है.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Ram mandir Flag Hoisting: अयोध्या राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा फहराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर पहुंच चुके हैं. उन्होंने पूजा-अर्चना प्रारंभ कर दी है. इससे पहले रोड शो में उन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम जन्मभूमि के परिसर में मौजूद हैं. उन्होंने सप्त मंदिर में पूजा अर्चना की. पीएम मोदी राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराएंगे. कुछ ही देर बाद अयोध्या में राम मंदिर के मुख्य शिखर पर 191 फुट की ऊंचाई पर धर्म ध्वजा (केसरिया झंडा) स्थापित की. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ध्वज भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है. उन्होंने कहा, यह पवित्र ध्वज इस बात का प्रमाण होगा कि अंततः सत्य की ही असत्य पर विजय होती है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र इस देश के डीएनए में बसा है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों के उत्थान के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि राम भेदभाव नहीं करते और सरकार भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ रही है. उन्होंने नागरिकों से समावेशिता को अपनाने का आग्रह किया क्योंकि देश विकसित भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
सदियों पुराने घाव और दर्द भर रहे हैं-मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरा होने के साथ ही सदियों पुराने घाव और दर्द भर रहे हैं, क्योंकि 500 साल पुराना संकल्प आखिरकार पूरा हो रहा है। अयोध्या शहर के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा कि अयोध्या विकसित भारत की रीढ़ बन रही है और आने वाले वर्षों में यह आध्यात्मिकता और आधुनिक तकनीक के संगम का गवाह बनेगी.
आकाशवाणी संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह अयोध्या में एक रोड शो किया, जिसमें हजारों लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़े. प्रधानमंत्री ने बाद में सप्तमंदिर का दौरा किया, जहां महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी से संबंधित मंदिर हैं. इसके बाद, उन्होंने शेषवतार मंदिर का दर्शन किया, जो देश में भगवान राम के कुछ दुर्लभ मंदिरों में से एक है. प्रधानमंत्री ने माता अन्नपूर्णा मंदिर का भी दर्शन किया और राम लल्ला गर्भगृह में दर्शन एवं पूजा की.
धर्म ध्वजा की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट
धर्म ध्वजा की ऊंचाई 10 फुट और लंबाई 20 फुट है. ध्वज पर उकेरा गया दीप्तिमान सूर्य भगवान राम के तेज और वीरता का प्रतीक माना जाता है. इस पर ‘ॐ’ का चिन्ह और कोविदार वृक्ष की आकृति भी अंकित है.
रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक है धर्म ध्वजा
यह पवित्र ध्वजा गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देती है तथा रामराज्य के आदर्शों का प्रतीक मानी जा रही है. ये पवित्र भगवा ध्वज, राम राज्य के आदर्शों को प्रतिबिंबित करते हुए, गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देती रहेगी. धर्म ध्वजा स्थापित होने के पश्चात अयोध्या आए सभी भक्तों ने जय घोष किया और भगवान श्रीराम के प्रति अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए. भगवान श्रीराम मंदिर का अलौकिक दृश्य देखकर उपस्थित जन जमूह भाव-विभोर हो गया और नरेन्द्र मोदी के द्वारा किए गए इस कार्य की सराहना की.
‘अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं’
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “अयोध्या वह भूमि है, जहां आदर्श आचरण में बदलते हैं. यही वह नगरी है, जहां से श्रीराम ने अपना जीवन पथ शुरू किया. इसी अयोध्या ने संसार को बताया कि कैसे एक व्यक्ति समाज की शक्ति से उसके संस्कारों से पुरुषोत्तम बनता है. जब राम अयोध्या से गए तो युवराज राम थे, लेकिन जब लौटे तो मर्यादा पुरुषोत्तम बनकर आए. इसमें अगिनत लोगों की भूमिका रही. विकसित भारत बनाने के लिए सामूहिक स्तर की भूमिका है.”
उत्तर भारतीय शैली में निर्मित
राम मंदिर में अर्पण हो रही यह धर्म ध्वजा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में निर्मित है. इसे मंदिर के ‘शिखर’ पर फहराया गया. ध्वजा की एक झलक पाने के लिए उपस्थित श्रद्धालु लालयित देखे गए और जैसे ही मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा को लहराते हुए देखा. उपस्थित सभी भक्तों ने भगवान श्रीराम के जयघोष से परिसर गुजायमान हो गया.
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