श्रीकृष्ण की अगवानी में गरज-चमक के साथ बादल बरसे, यशोदा के लाल का स्वागत करने सड़कों पर उमड़ी भीड़, सनातन धर्म महासभा के तत्वावधान में निकाली गई भव्य शोभायात्रा

By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Krishna Janmashtami 2025: हिंदू पंचाग की गणना के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण के 5252वें जन्मोत्सव पर देश भर में धूम मची हुई है. अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र पर इस पर्व को मनाने की परंपरा है, इस दिन रात्रि 12 बजे श्रद्धालु-भक्त अपने घर पर और संत-महंत मंदिरों में बड़ी धूम-धाम के साथ कान्हा का जन्मोत्सव मनाते हैं. कई जगह भगवान की झांकी, झूला रखने की परंपरा है. लेकिन एमपी जबलपुर में कुछ अलग ही परंपरा है. यहां विगत 44 साल से संस्कारधानी के सभी मठ-मंदिर के पदाधिकारी और भक्त एकजुट होकर विशाल शोभायात्रा निकाल रहे हैं. इस शोभायात्रा का नेतृत्व व अगवानी नृसिंहपीठाधीश्वर जगद्गुरु डॉ. स्वामी नृसिंहदेवाचार्य जी महाराज कर रहे है. इसी कड़ी में आज शनिवार 16 अगस्त 2025 को दोपहर 2:00 बजे सनातन धर्म तिराहा (पुराना बस स्टैण्ड) से 45वें वर्ष विशाल शोभायात्रा निकाली गई. जिसमें संतजन, धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाओं के पदाधिकारी और राजनेता शामिल हुए.यह शोभायात्रा सनातन धर्म महासभा के बैनर तले निकाली गई.
इसके अलावा सभी मठ-मंदिरों में भजन-कीर्तन और प्रवचन हो रहे हैं. संस्कारधानी जाबालिपुरम् के सभी मंदिरों के पदाधिकारी और सदस्य मिलकर यशोदा नंदन श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मना रहे हैं.

शोभायात्रा का यह रहा रूट
भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा सनातन धर्म तिराहा से प्रारंभ होकर नगर निगम चौक, मालवीय चौक लॉर्डगंज चौक, बड़ा फुहारा, कमानिया गेट, कोतवाली, मिलोनीगंज, हनुमानताल, घोड़ा नक्काश, बड़ी खेरमाई मंदिर होते हुए त्रिमूर्ति मंदिर भानतलैया में धर्म सभा के रूप में तब्दील हो गई. जहां संतों और पदाधिकारियों का सम्मान और उद्बोधन हुए. शोभायात्रा में शामिल संतों और पदाधिकारियों का जगह-जगह स्वागत किया गया और प्रसाद का वितरण हुआ. चाचर नृत्य के साथ शोभायात्रा में बैण्डदल की प्रस्तुति मनमोहक रही.

इन मंदिरों की रही सहभागिता
श्रीकृष्ण शोभायात्रा में जबलपुर की विभिन्न मंदिरों द्वारा भगवान कृष्ण की संजीव झांकियों का प्रदर्शन किया गया. इसके अलावा मानवता की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा की गई लीलाओं से संबंधित मूर्ति शोभायात्रा में शामिल रहीं, जो आकर्षण का केन्द्र रहीं. भगवान श्रीकृष्ण की इन झांकियों के निर्माण में श्री कृष्ण मंदिर गोरखपुर, श्री राम मंदिर मदन महल, श्री कृष्ण मंदिर छोटी ओमती, जगदीश मंदिर गढ़ा फाटक, यादव महासभा, गोपाल लाल जी मंदिर हनुमानताल, जयकृष्णी सभा बाई का बगीचा, गोपाल मंदिर घमापुर के अलावा अन्य मंदिरों का सहयोग रहा. इन मंदिरों की सहभागिता के चलते श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित झांकियां, अखाड़े, अश्वरोही दल, बैंड दल, दुलदुल घोड़ी एवं अन्य पारंपरिक भजन मंडली शोभायात्रा में आकर्षण का केन्द्र रहीं.

शोभायात्रा में शामिल हुए संत-महंत और राजनेता
भगवान श्रीकृष्ण की शोभायात्रा में प्रमुख रूप से महामण्डलेश्वर अखिलेश्वरानंद जी, जगद्गुरु बालगोविंदाचार्य जी, जगद्गुरु राजारामाचार्य जी, स्वामी बालकदास जी, स्वामी रामजी शरण, स्वामी कालिकानंद के अलावा राकेश सिंह, कैबिनेट मंत्री एमपी, आशीष दुबे, सांसद, जगतबहादुर सिंह अन्नू, महापौर, अभिलाष पाण्डे, विधायक, रिंकू विज, अध्यक्ष नगर निगम, रत्नेश सोनकर, अध्यक्ष भाजपा, तरुण भनोत, पूर्व कैबिनेट मंत्री, काके आनंद पार्षद, डॉ. पवन स्थापक, कौशल सूरी, संदीप जैन, श्याम साहनी, गुलशन माखीजा, अंजू भार्गव, राजेन्द्र यादव, डॉ. संदीप मिश्रा, मनोज पटेल, शरद काबरा सहित बड़ी संख्या श्रद्धालु उपस्थित रहे.

