सावन में शिवपूजन से सर्वसंकट खत्म होते हैं. सावन महीने में शिवजी को कई चीजें अर्पित की जाती हैं. लेकिन सावन सोमवार के दिन शिवजी को ‘शिवा मुट्ठी’ जरूर अर्पित करना चाहिए.
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Sawan 2025 Shiva Mutthi: सावन महीने की शुरुआत होते ही जलाभिषेक और रुद्राभिषेक की तरह की ‘शिवा मुट्ठी’ का भी अपना एक अलग महत्व है. खासकर सावन सोमवार के दिन शिवजी पर शिवा मुट्ठी चढ़ाया जाए तो इससे बहुत पुण्य मिलता है. लेकिन अगर आप शिवा मुट्ठी के बारे में नहीं जानते या पहले कभी भगवान शिव को शिवा मुट्ठी नहीं चढ़ाया तो आइये आपको बताते हैं कि, शिवा मुट्ठी क्या है और सावन में इसे चढ़ाने की विधि क्या है?
शिवपुराण में है ‘शिवा मुट्ठी’ का उल्लेख
शिव पुराण में शिवा मुट्ठी का उल्लेख मिलता है. इसके अनुसार, सावन महीने में शिवजी को मुट्ठी भर अनाज चढ़ाने का विधान है, जिसे शिवा मुट्ठी कहा जाता है. मान्यता है कि सावन में यदि शिवजी को उनके प्रिय अनाज चढ़ाया जाए तो इससे वे प्रसन्न होते हैं.
5 प्रकार के अनाज से बनती है ‘शिवा मुट्ठी’
शिवा मुट्ठी में 5 प्रकार के अनाज अक्षत, सफेद तिल, गेहूं या जौ, उड़द की दाल, खड़ी मूंग और सतुआ होते हैं. शिवा मुट्ठी को सावन के सोमवार के दिन शाम के समय चढ़ाना चाहिए.
‘शिवा मुट्ठी’ चढ़ाने का विधान
‘शिवा मुट्ठी’ चढ़ाने का भी विधान होता है. पहले सोमवार एक मुट्ठी अक्षत शिवलिग पर चढ़ाएं, दूसरे सोमवार एक मुट्ठी सफेद तिल चढ़ाएं, तीसरे सोमवार एक मुट्ठी खड़ी मूंग और आखिरी सोमवार एक मुट्ठी गेहूं या जौ शिवलिंग अर्पित करें. वहीं अगर किसी वर्ष सावन में पाचं सोमवार पड़े तो पांचवे सोमवार को एक मुट्ठी सतुआ अर्पित करना चाहिए.
इस साल सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिसमें एक सोमवार बीत चुका है और तीन सावन सोमवार शेष हैं. बता दें कि, अगर किसी सोमवार आप शिवा मुट्ठी चढ़ाना भूल गए हों तो आप अगले सोमवार वह अनाज शिवजी को चढ़ा सकते हैं.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

