CM मोहन यादव की अध्यक्षता में कई विभागों की समीक्षा शुरू, E-KYC प्रक्रिया की हुई सराहना, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा शुरुआत में हुई.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP Khajuraho News: मंदिरों के शहर खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा की गई. जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विभागवार प्रमुख मुद्दों पर अपनी बात रखी. प्रमुख रूप से खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा की गई. इस दौरान उन्होंने पीडीएस अंतर्गत संपन्न ईकेवायसी प्रक्रिया की सराहना की है. समीक्षा बैठक में सिंहस्थ कुंभ-2028 की तैयारी का मुद्दा भी चर्चा में रहा. क्योंकि सिंहस्थ कुंभ मेले में आने वाले साधु-संतों और भक्तों के भोजन की व्यवस्था करना सरकार का दायित्व है. लिहाजा खाद्यन्न वितरण व्यवस्था को लेकर रणनीति तैयार करने के निर्देश भी सीएम द्वारा दिए गए.
समीक्षा के दौरान कई फैसले लिए गए हैं. इस बीच प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ की लागत का 66.25 लाख मेट्रिक टन नि:शुल्का खाद्यन्न वितरण किया जाएगा.
इन प्रमुख बिंदुओं पर लगी मुहर
- सिंहस्थ कुंभ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और अखाड़ों की मांग अनुसार अस्थाई राशन कार्ड जारी किया जाना प्रस्तावित है. अखाड़ों को अस्थाई गैस कनेक्शन भी जारी किए जाएंगे.
- पीडीएस अंतर्गत 536.23 लाख हितग्राहियों में से 497.08 लाख हितग्राहियों का हुआ ईकेवायसी.
- ईकेवायसी के बाद 34.87 लाख हितग्राहियों का पोर्टल से बिलोपन. इससे प्रतिमाह 32.43 करोड़ की बचत प्रतीक्षारत लगभग 14 लाख नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क खाद्यन्न का वितरण होगा.
- केवायसी करने के 72 घण्टे में पात्रता पर्ची जारी की.
- लाड़ली बहनों एवं उज्जवला योजना से लाभान्वित महिलाओं को विगत दो वर्ष में 911.3 करोड़ राशि का अनुदान.
- शहरी गैस वितरण कंपनी को अपेक्षित सहयोग के लिए जिला स्तर पर सिंगल विडों पोर्टल का शुभारंभ.
- इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण केंद्र के रूप में उन्नयन.
- पात्र हितग्राहियों के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा राशन प्रदाय की सूचना.
- मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग.
- उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएंगी.
- साल 2024-25 में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 125 रुपए और वर्ष 2025-26 में 175 रुपए का बोनस दिया गया.
- खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में प्रोत्साहन राशि का भुगतान.
- मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाए गए हैं.
- गोदामों की छत पर सोलर पैनल की स्थापना प्रस्तावित है.
दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियाँ
- प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 9.46 लाख आवास स्वीकृत, 8.77 लाख पूर्ण, दो वर्षों में 1.64 लाख पक्के घर तैयार, 2.65 लाख हितग्राहियों को ₹1,749.17 करोड़ DBT, 96,903 गृहप्रवेश और PMAY 2.0 में 50,143 नए आवास स्वीकृत हुए।
- अमृत मिशन 1.0 में 32 शहरों में ₹4,921 करोड़ से 204 जल-सीवर परियोजनाएँ पूर्ण, 5.06 लाख सीवरेज और 6.87 लाख नल कनेक्शन दिए गए। अमृत 2.0 में 413 शहरों में 321 कार्य पूर्ण, 732 जारी और सभी की रियल-टाइम मॉनिटरिंग ‘अमृत रेखा’ ऐप से हो रही है.
- स्वच्छ भारत मिशन में 110 में से 54 नगरीय निकायों में 21.50 लाख टन लीगेसी वेस्ट का निपटान, 14 निकायों को राष्ट्रीय सम्मान, इंदौर प्रथम और जबलपुर द्वितीय रहे, 202 स्टार रेटिंग, 24 Water Plus, 338 ODF++ और 64,000 सफाई मित्रों को योजनाओं का लाभ प्राप्त हुआ.
- SASCI 2025–26 में मध्यप्रदेश ने ₹1306 करोड़ का देश का सबसे बड़ा दावा प्रस्तुत किया.
- राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन में राज्य को PRAISE और SPARK Award में प्रथम स्थान, दीनदयाल रसोई में 2.66 करोड़ भोजन वितरण, 117 आश्रय स्थलों में 2.44 लाख लोगों को आसरा, 4,111 हितग्राहियों को ₹54.8 करोड़ ऋण, 10,128 SHG निर्माण, 2.90 लाख स्ट्रीट वेंडर्स को ₹1122.11 करोड़ ऋण और 5.55 लाख वेंडर्स को ₹32.35 करोड़ कैशबैक मिला.
- NCAP में इंदौर व जबलपुर क्रमशः प्रथम और द्वितीय, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में 71.84 लाख पौधारोपण, CITIIS 2.0 में उज्जैन और जबलपुर चयनित तथा ₹31.35 करोड़ प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ.
- ई-गवर्नेंस में ‘गरुड़ पोर्टल’ से 413 निकायों के GIS बेस मैप, 305 में संपत्ति सर्वे पूरा होकर 147% राजस्व वृद्धि, ALPASS में 12,896 प्रकरण निपटान, ABPAS में 24,209 प्रकरण स्वीकृत, ऑनलाइन सेवाओं से ₹482 करोड़ राजस्व और CM हेल्पलाइन में 6.24 लाख में से 5.85 लाख शिकायतें (93.66%) निराकृत हुईं.
- मिशन कर्मयोगी में 63,195 कर्मचारी पंजीकृत, 1.24 लाख ऑनलाइन कोर्स पूरे, 371 जनप्रतिनिधि व 4,236 अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त, AeBAS में 1.50 लाख कर्मचारी जोड़े गए तथा ‘गीता भवन योजना’ हेतु ₹100 करोड़ प्रावधान हुआ.
- गृह निर्माण मंडल ने 1954 भवन, 1296 भूखंड विकसित किए, 170.80 एकड़ भूमि आवंटित हुई, 6 रीडेंसिफिकेशन परियोजनाएँ पूर्ण हुईं, DigiLocker पर दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और MPOnline से ₹531.10 करोड़ की संपत्तियाँ बेची गईं.

