नर्मदा महोत्सव पर अभिलिप्सा पांडा ने दी प्रस्तुति, मां नर्मदा पूजन के साथ शुरू हुआ दो दिवसीय महोत्सव
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Narmada Mahotsav Bhedaghat Jabalpur 2025: विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट जबलपुर की संगमरमरी वादियों में दो दिवसीय नर्मदा महोत्सव की शानदार शुरुआत हुई. नर्मदा महोत्सव के शुभारंभ मॉं नर्मदा के पूजन के साथ हुआ. नर्मदा महोत्सव के पहले दिन आज सुर और ताल के साथ आध्यात्म, संस्कृति और प्रकृति का अनूठा संगम देखने को मिला. नर्मदा महोत्सव के पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण अभिलिप्सा पांडा के शिव भजन रहे. “हर हर शंभु” फेम पुरी की प्रसिद्ध भजन गायिका अभिलिप्सा पांडा ने अपने भजनों की शुरुआत ” तू क्या भोले को चढायेगा, भोला सबको देता है” से की. अभिलिप्सा का दूसरा भजन मॉ दुर्गा की उपासना में “तेरी जमीं तेरा सारा जहां है, तू जीवन में लाये उजाला” था. इसके बाद उन्होंने महादेव को समर्पित सबसे पसंदीदा भजन “हर हर शंभु …” गाकर पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. इसके बाद अभिलिप्सा ने कई और भजन प्रस्तुत किये.
22 वां वर्ष में प्रवेश किया नर्मदा महोत्सव
इस प्रतिष्ठित आयोजन का यह 22 वां वर्ष है. शरद पूर्णिमा पर आयोजित दो दिवसीय नर्मदा महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि प्रदेश परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य सभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि ने की. इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री और इस महोत्सव के प्रणेता राकेश सिंह, बरगी विधायक नीरज सिंह और सिहोरा विधायक संतोष वरकड़े, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, भाजपा के जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल, जबलपुर महानगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, सुभाष तिवारी रानू, भेडाघाट नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष अनिल तिवारी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे.
भारतीय संस्कृति को स्थापित करने का सफल प्रयास है नर्मदा महोत्सव – शिक्षा मंत्री सिंह
परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने अपने संबोधन में नर्मदा महोत्सव को भारतीय संस्कृति को स्थापित करने का सफल प्रयास बताते हुये इसे परंपरा का स्वरूप देने के लिये लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को साधुवाद दिया. उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने नर्मदा तट पर बसे भेड़ाघाट को पर्यटन केंद्र के साथ-साथ धर्ममय और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया गया है.
राज्य सभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि ने अपने संबोधन में मां नर्मदा को नमन करते हुए कहा की नर्मदा महोत्सव का लगातार 22 वें वर्ष आयोजन लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह की तपस्या का फल है. उन पर माँ नर्मदा की अनूठी कृपा है और इससे उन्हें ऐसे पवित्र कार्य करने की प्रेरणा मिलती है. श्रीमती बाल्मीक ने शरद पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी श्रोताओं को शारदीय उत्सव की शुभकामनाएं दीं.
शास्त्रीय गायन से हुई सांस्कृतिक संध्या
कार्यक्रम के पहले सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत कटनी के युवराज सिंह के शास्त्रीय गायन से हुई . इसके बाद जबलपुर की सुश्री कामना नायक एवं उनके समूह के कलाकारों ने भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी. राजस्थान के जवाहरनाथ एवं समूह द्वारा कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति ने भी दर्शकों को प्रभावित किया.
मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड, जबलपुर पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा जिला प्रशासन, जिला पंचायत, नगर निगम जबलपुर, नगर परिषद भेड़ाघाट एवं जबलपुर विकास प्राधिकरण के सहयोग से शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किये जा रहे नर्मदा महोत्सव में इस बार भी आयोजन स्थल पर व्यंजन मेला का आयोजन तथा हस्तशिल्प सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई है.
छायाचित्र प्रतियोगिता सुगनचंद को प्रथम स्थान
नर्मदा महोत्सव का विशेष आकर्षण फोटोग्राफी प्रतियोगिता रही, जिसमें लगभग 50 प्रतिभागियों ने माँ नर्मदा के प्राकृतिक सौंदर्य को अपने कैमरे में कैद किया. सुगनचंद के छायाचित्र को प्रथम स्थान मिला वहीं गौरव यादव द्वितीय और ए राजेश्वर राव का छायाचित्र तृतीय स्थान पर रहा. राहुल पंडित, अमित सोनी और विवेक पाण्डेय को सांत्वना पुरस्कार दिया गया. निर्णायक मंडल में अपर कलेक्टर नाथूराम गोंड, क्षेत्रीय प्रबंधक एमपीटी संजय मल्होत्रा, एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह, जनसंपर्क विभाग के उप संचालक आनंद जैन, वरिष्ठ छायाकार मुकुल यादव तथा राजेश मालवीय शामिल रहे. छायाचित्र प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार का वितरण सोमवार को नर्मदा महोत्सव के दूसरे दिन होगा. प्रथम पुरस्कार 11000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 7,100 रुपये, तृतीय पुरस्कार 5,100 रुपये और प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे.
आज मैथिली ठाकुर और लखवीर सिंह लक्खा देंगे प्रस्तुति
नर्मदा महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार 6 अक्टूबर की सांस्कृतिक संध्या में शाम 7.30 बजे संस्कार भारती जबलपुर की ओर से कमलेश यादव एवं उनके समूह द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जायेगी. शाम 7.45 बजे राजस्थान के जवाहर नाथ ग्रुप द्वारा चरी और घूमर नृत्य प्रस्तुत किये जायेंगे. रात 8.05 बजे से मधुबनी की सुश्री मैथिली ठाकुर तथा रात 9 बजे से पंजाब के लखवीर सिंह लक्खा द्वारा भजनों का गायन होगा.

