अमृत-2.0 योजना के तहत होंगे जल प्रदाय और सीवरेज परियोजनाओं के होंगे काम, नगर निगम में जुड़े गांवों में भी डाली जाएगी सीवर लाइन
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Jabalpur Mission Amrit 2.0 : अटल मिशन फॉर रिजूवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (एएमआरआईटी) में प्रदेश सरकार ने 11195 करोड़ रुपये कर बजट रखा है. इस बजट में जबलपुर शहर का समग्र विकास भी समाहित है. इस बजट की राशि उपयोग करने के लिए नगर निगम जबलपुर द्वारा जल प्रदाय, सीवरेज परियोजना, हरित क्षेत्र का विकास और जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार संबंधी प्रोजेक्ट शुरू कर दिए हैं. यह राशि नगर निगम को अमृत-2.0 योजना के तहत मिलेगी. जिसका प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया गया है.
1100 किमी सीवर लाइन बिछाने की तैयारी
अमृत 2.0 योजना के तहत 11 सौ किलोमीटर का नए क्षेत्र में सीवर लाइन का नेटवर्क बिछाया जाएगा. जिसके अंतर्गत मुख्य शहर का उत्तर पूर्वी क्षेत्र व पश्चिम का कुछ हिस्सा सीवर लाइन से कवर किया जाएगा। इसके अलावा नर्मदा, गौर, परियट नदी की स्वच्छता का ध्यान रखते हुए एसटीपी की स्थापना भी की जाएगी. बताया जा रहा है कि सीवर लाइन बिछाने के दौरान विशेष रूप से नए वार्डों के तालाब व नालों का विशेष ध्यान रखा जाएगा. जिससे सैप्टिक टैंकों का गंदा पानी नदी में मिलने से रोका जा सके. इसके लिए करीब 1 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि खर्च की जाएगी.
छूटा हिस्सा कवर करने की तैयारी
अभी तक पुराना शहर यानि बड़ा फुहारा और आसपास के व्यवसायिक क्षेत्रों से लेकर दमोहनाका तक सीवर लाइन का कार्य नहीं कराया गया है. इसके साथ ही इनकम टैक्स चौराहा व आसपास का इलाका, कांचघर क्षेत्र व मदनमहल, गुप्तेश्वर क्षेत्र का हिस्सा छूटा हुआ है, अमृत-2.0 के अंतर्गत सीवर लाइन बिछाते समय ये इलाके कवर किए जाने का प्लॉन है.
नए वार्डों में भी बिछेगी लाइन
अमृत-2.0 के अंतर्गत तेवर, अंधुआ, कुंगवा, से लेकर पाटन बायपास, कटंगी बायपास, महाराजपुर बायपास तक के नए वार्ड, मोहनिया, मानेगांव, पिपरिया, सोनपुर जैसे क्षेत्र में भी सीवर लाइन बिछाए जाने की तैयारी की गई है. इसके साथ ही डुमना क्षेत्र की कालोनियां व तिलहरी, बिलहरी का हिस्सा भी सीवर के जद में रहेगा. क्योंकि इस क्षेत्र में बनी कॉलोनियों का गंदा पानी सीधे नर्मदा में मिल रहा है.
अमृत 2.0 पर एक नजर
- 11195 करोड़ रुपये का बजट अमृत-2.0 परियोजनाओं के लिए निर्धारित किया गया है.
- 297 जल प्रदाय एवं 36 सीवरेज परियोजनाएं इस बजट के तहत लांच हुई हैं.
- 290 हरित क्षेत्र का विकास परियोजनाएं भी शामिल की गई हैं.
- 465 करोड़ रुपये की लागत से 430 जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के कार्य कराए जाएंगे.
- 1050 करोड़ के करीब राशि सीवर लाइन पर खर्च किए जाने की उम्मीद है.
- 1100 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने का प्लॉन है.
- 40 एसटीपी प्लांट बनाने की तैयारी भी जबलपुर में की जा रही है.
- 140 एमएलडी की क्षमता के एसटीपी प्लांट बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
- 250 एमएलडी हो एसटीपी प्लांट की क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है.
सवा सौ एमएलडी की क्षमता बढ़ाने का प्लॉन
अमृत-2.0 प्रोजेक्ट के तहत सीवर नेटवर्क को तैयार करने के साथ ही सीवर ट्रीटमेंट के लिए 40 से ज्यादा एसटीपी प्लांट बनाने का प्लॉन है. जिनकी कुल क्षमता सवा सौ एमएलडी से ज्यादा होगी. यानि पुराने सभी एसटीपी प्लांट को यदि मिला दिया जाए तो नगर में एसटीपी प्लांटों की कुल क्षमता 250 एमएलडी हो जाएगी.
दो चरण में शुरू होगा काम
फेज नंबर-1
- 801 करोड़ से सीवर लाइन डालने का जोन-1 का काम प्रारंभ हो गया है.
- 685 किमी सीवर लाइन बिछाई जाएगी.
- छोटा फुहारा, बड़ा फुहारा, दमोहनाका, हाईकोर्ट के आसपास, कांचघर, इनकम टैक्स चौराहे का क्षेत्र शामिल किया गया है.
फेज नंबर-2
- 397 करोड़ से 9 नए वार्डों में पाइप लाइन बिछाई जाएगी.
- 300 किमी से ज्यादा का सीवर नेटवर्क तैयार किया जाएगा.
- 9 नए वार्ड में सीवर लाइन बिछाई जाएगी.
- 55 गांवों तक सीवर लाइन का नेटवर्क पहुंच जाएगा.

