सीआरपीएफ के अधिकारियों ने कहा है कि झारखंड के बोकारो में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में 6 नक्सली मारे गए हैं.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Bokaro Encounter News : झारखंड के बोकारो जिले के लालपनिया क्षेत्र के लुगु पहाड़ियों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने राज्य पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया था. इस अभियान के दौरान सोमवार (21 अप्रैल) को तड़के लालपनिया के लुगु पहाड़ियों में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान 6 नक्सलियों को मार गिराया. अभियान में शामिल पुलिस बल के जवानों ने मौके से एक एसएलआर और एक इंसास राइफल बरामद की है.
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के अधिकारियों ने कहा, “नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान जवानों को किसी तरह की चोट की खबर नहीं है. सर्च ऑपरेशन के साथ रुक-रुक कर गोलीबारी भी जारी है.”
एके-47 राइफल बरामद
इस अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 209 कोबरा यूनिट और झारखंड पुलिस के जवानों ने हिस्सा लिया. मुठभेड़ के बाद एक एके-47 राइफल भी बरामद की गई है.
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, पुलिस सूत्रों के मुताबिक बिरहोरडेरा क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद बुधवार तड़के सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था. सुबह करीब छह बजे पुलिस और नक्सलियों का आमना-सामना होते ही दोनों ओर से फायरिंग शुरू हो गई. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने दो नक्सलियों को ढेर कर दिया. इनमें से एक नक्सली वर्दी में था, जबकि दूसरा साधारण कपड़ों में.
एजेंसी के मुताबिक, इस मुठभेड़ में कोबरा-209 बटालियन का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था. उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया.
झारखंड पुलिस ने इस वर्ष राज्य को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य तय किया है. पुलिस के अनुसार, इस वर्ष अब तक पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे जा चुके हैं. करीब 10 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. पिछले वर्ष 2024 में पुलिस ने 244 नक्सलियों को गिरफ्तार किया था, जबकि मुठभेड़ में नौ नक्सली मारे गए थे. इसके अलावा 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया था. आत्मसमर्पण करने वालों में चार जोनल कमांडर, एक सब जनरल कमांडर और तीन एरिया कमांडर शामिल थे.
तीन की हुई पहचान
जिनकी पहचान हुई है, उनमें माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य सह एक करोड़ का इनामी प्रयाग मांझी उर्फ विवेक, स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य अरविंद यादव व जोनल कमेटी सदस्य सह दस लाख रुपये का इनामी साहब राम मांझी शामिल हैं।
अरविंद यादव उर्फ अविनाश मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के सोनू थाना क्षेत्र के ढेलगा, मोहनपुर का रहने वाला था और झारखंड में सक्रिय था।
उसपर इनाम की घोषणा अभी नहीं हुई थी। उसके रैंक के अनुसार उसपर 25 लाख रुपये का इनाम रखा जाना था। वर्तमान में अरविंद यादव पर बिहार में तीन लाख का इनाम है। शेष पांच नक्सलियों के शव की पहचान की कोशिश चल रही है.
हथियार भी हुए बरामद
सुरक्षा बलों का अभियान जारी है। अब तक सर्च अभियान में मारे गए नक्सलियों के पास से चार इंसास राइफल, एक एसएलआर व एक रिवाल्वर की बरामदगी हुई है। प्रयाग मांझी का पूरा नाम प्रयाग मांझी उर्फ विवेक उर्फ फुचना उर्फ नागो मांझी उर्फ करण उर्फ लेतरा है।
वह धनबाद के टुंडी थाना क्षेत्र के दलुबुढ़ा का रहने वाला था। वह टेरर फंडिंग के मामले में एनआइए का भी वांटेड था। डीजीपी ने कहा कि अभियान में शामिल जवानों में इनाम के एक करोड़ रुपये बंटेंगे.
डीजीपी ने की प्रेस कांफ्रेंस
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने पुलिस मुख्यालय में सोमवार की दोपहर प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि माओवादियों का सेंट्रल कमेटी सदस्य प्रयाग मांझी उर्फ विवेक व केंद्रीय कमेटी सदस्य सहदेव सोरेन तथा अन्य 20-25 नक्सलियों का सशस्त्र दस्ता लुगु पहाड़ पर मौजूद है।
बड़ी घटना को अंजाम देने की बना रहे थे योजना
ये किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इसी सूचना पर संयुक्त बलों की एक टीम बनाई गई। टीम में 209 कोबरा बटालियन, बोकारो पुलिस, झारखंड जगुआर व सीआरपीएफ के जवानों को शामिल किया गया। अभियान का नाम दिया गया था ‘ऑपरेशन डाकाबेड़ा’।
यह अभियान बोकारो जिले के लुगु पहाड़ इलाके में चलाया गया। सोमवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे माओवादियों के दस्ते के साथ सुरक्षा बलों की कई बार मुठभेड़ हुई। अभियान अभी जारी है।
इस अभियान के दौरान अब तक नक्सलियों के आठ शव बरामद हुए हैं। इनमें से तीन की पहचान हो चुकी है, पांच की शिनाख्त की कोशिश चल रही है। मौके से भारी मात्रा में हथियार व दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किए गए हैं।

