हाथरस में एक सत्संग कार्यक्रम के समापन के दौरान भगदड़ मच गई जिसमें अभी तक 121 ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Hathras Satsang Stampede:उत्तर प्रदेश. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया. मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए, इस हादसे के बाद उत्तर प्रदेश में राजनीति भी शुरू हो गई है और इस घटना को प्रदेश सरकार की नाकामी से जोड़कर देखा जा रहा है। विपक्ष ने मरीजों को पर्याप्त इलाज की व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया है.
पर्याप्त इलाज नहीं मिला- अखिलेश
हाथरस हादसे पर समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “यह बहुत दर्दनाक है. जिन परिवारों के सदस्यों की जान गई है उन्हें दुख सहने की शक्ति मिले. जो हादसा हुआ है यह सरकार की लापरवाही है. ऐसा नहीं है कि सरकार को इस कार्यक्रम की जानकारी न हो. जब कभी भी इस प्रकार के कार्यक्रम होते हैं तो बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं. इस लापरवाही से जो जानें गईं है उसकी जिम्मेदार सरकार है. कोई अगर अस्पताल पहुंच भी गया तो उन्हें पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाया. ना ऑक्सीजन, ना दवाई, ना इलाज मिल पाया. इसकी जिम्मेदार भाजपा है जो बड़े-बड़े दावे करती है कि हम विश्वगुरु बन गए हैं. क्या अर्थव्यवस्था का मतलब यह है कि किसी आपातकाल स्थिति में आप लोगों का इलाज न कर पाएं?”
सत्संग और आयोजनों के लिए कड़े नियम और कानून बनाए जाने की जरूरत
राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मांग की है कि जो कल हादसा हुआ है उसको ध्यान में रखते हुए ऐसे सत्संग और आयोजनों को लेकर कड़े नियम और कानून बनाए जाने की जरूरत है.
बाबा की व्यक्तिगत आर्मी और श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की हुई- SDM रिपोर्ट
एफडीएम की रिपोर्ट में कई बड़ी बातों का खुलासा हुआ है, यह रिपोर्ट डीएम को दी गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दो लाख से अधिक भीड़ थी. बाबा सत्संग के बाद बाहर निकला तो पब्लिक दौड़ी थी. बाबा के चरण रज की धूल उठाने के चक्कर में भगदड़ मची थी. बाबा की व्यक्तिगत आर्मी और श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की हुई. जब लोग वहां से भागे तो दल-दल और ऊंची नीची जमीन पर फिसल कर गिरे और भगदड़ हुई.


