पहलगाम आतंकी हमले के बाद यह यात्रा बहुत सेंसिटिव है. पहलगाम में हमले वाली जगह से यात्रा का स्टार्टिंग प्वाइंट कितना दूर है.
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Amarnath Yatra Route : अमरनाथ यात्रा इस बार 3 जुलाई से शुरू हो रही है. हर साल सावन के महीने में शुरू होने वाली इस यात्रा का समापन पूर्णिमा तिथि पर हो जाता है. भगवान शिव के बर्फ से ढके पवित्र शिवलिंग के दर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं. इसके लिए श्रद्धालु ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से रजिस्ट्रेशन कराते हैं. 3 जुलाई से शुरू हो रही यह यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी. बाबा बर्फानी की पवित्र अमरनाथ गुफा समुद्र तल से करीब 13000 फीट ऊपर स्थित है.
यहां हम बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने 26 मासूम पर्यटकों को अपना निशाना बनाया था. इस घटना को हुए एक महीने का समय बीत गया है. इस हमले के बाद से अभी भी देशभर में लोगों में गुस्से का माहौल है. इस घटना के जख्म अभी भरे नहीं हैं और शायद कभी भर भी नहीं पाएंगे. लेकिन इसके बीच चर्चा में आए पहलगाम की एक अलग कहानी है. यह वही पहलगाम है, जहां से बाबा बर्फानी की अमरनाथ यात्रा की शुरुआत होती है.
चलिए आज आपको पहलगाम से अमरनाथ यात्रा का रूट बताते हैं और यहां पर किस प्वाइंट से अमरनाथ यात्रा शुरू होती है, जो कि हमले वाली जगह से कितनी दूर है.
कितनी दूर है अमरनाथ यात्रा स्टार्टिंग प्वाइंट
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस गुफा तक पहुंचने के दो रास्ते हैं. पहला रास्ता साउथ कश्मीर के गांदरबल जिले के बालटाल से शुरू होता है. वहीं एक दूसरा रास्ता है जो कि अनंतनाग जिले के पहलगाम से शुरू होता है, जहां पर आतंकी हमला हुआ. पहलगाम में जिस जगह पर आतंकियों ने लोगों को अपना शिकार बनाया है, उस घाटी का नाम है बैसरन. यहां से 7-8 किलोमीटर दूर नुनवान बेस कैंप पड़ता है, जहां से अमरनाथ यात्रा शुरू होती है. पहलगाम से अमरनाथ यात्रा का पूरा रास्ता 47.3 से लगभग 48 किलोमीटर है. पहलगाम से शुरू होकर 16 किलोमीटर दूर पहले चंदनवाड़ी पड़ता है, जो कि इसका पहला पड़ाव है. यहीं से आगे की यात्रा शुरू होती है.
अमरनाथ यात्रा रूट
- चंदनवाड़ी के बाद पिस्सू टॉप, जोजी बल, नाग कोटी, शेषनाग, वारबल, महागुनस टॉप, पाबीबल, पंचतरणी और अंत में संगम पड़ाव आता है.
- संगम से अमरनाथ गुफा की दूरी सिर्फ तीन किलोमीटर रह जाती है.
- यात्रा करने वाले श्रद्धालु यहां से जगह-जगह पर आराम करते हुए अमरनाथ की गुफा तक पहुंचते हैं.
- इस यात्रा को पूरा करने के लिए 3-5 दिन लगते हैं.
- दूसरा रूट गांदरबल जिले के बालटाल से शुरू होता है. बालटाल के बाद डोमाली, बरारी और फिर संगम आता है. ये रास्ता सिर्फ 14 किलोमीटर का है. इसमें तीन पड़ाव ही होते हैं.
पहला पड़ाव चंदनवाड़ी है
अमरनाथ जाने का एक आम रास्ता पहलगाम बेस कैंप से शुरू होता है. इस रास्ते पर चलकर आपको गुफा मंदिर तक पहुंचना होगा. चलने में दिक्कत वाले लोग मंदिर तक पहुंचने के लिए टट्टू की सवारी ले सकते हैं. पहला पड़ाव चंदनवाड़ी है, जो पहलगाम से लगभग 16 किलोमीटर दूर है. चंदनवाड़ी लगभग 2895 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. चंदनवाड़ी से आगे बढ़ते हुए आपको शेषनाग पहुंचना होगा, जो चंदनवाड़ी से लगभग 13 किलोमीटर दूर है. शेषनाग के बाद आपको 4.6 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके पंचतरणी पहुंचना होगा, जो अगला पड़ाव है. पंचतरणी से 2 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके आप अमरनाथ मंदिर पहुंच जाएंगे.
पहलगाम से अमरनाथ मंदिर तक पैदल यात्रा करके कुल दूरी लगभग 36-48 किलोमीटर तय करनी पड़ती है. तीर्थयात्रियों को अमरनाथ मंदिर तक एक तरफा यात्रा पूरी करने में लगभग 3-5 दिन लगते हैं.
मार्ग इस प्रकार है-
पहलगाम – चंदनवाड़ी
चंदनवाड़ी – पिस्सू टॉप
पिस्सु टॉप – ज़ोजी बाल
ज़ोजी बाल – नागा कोटि
नागा कोटि – शेषनाग
शेषनाग – वारबल
वारबल – महागुन शीर्ष
महागुनस टॉप – पबिबल
पबिबल – पंचतरणी
पंचतरणी – संगम
संगम – अमरनाथ गुफा
गुफा में प्रवेश करने से पहले संगम में स्नान करें
तीर्थयात्री सुबह-सुबह अमरनाथ गुफा के लिए अपनी यात्रा शुरू करते हैं. गुफा के आसपास ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है. इसलिए बाबा अमरनाथ के दर्शन के बाद तीर्थयात्रियों को रात बिताने के लिए पंचतरणी लौटना पड़ता है. गुफा के रास्ते में तीर्थयात्री पंचतरणी और अमरावती नदियों के संगम से गुजरते हैं, जिसे संगम कहा जाता है. तीर्थयात्री अक्सर गुफा में प्रवेश करने से पहले संगम में स्नान करते हैं ताकि उनके पाप धुल जाएं और वे शुद्ध और पवित्र हो जाएं.

