उत्तराखंड चारधाम को शुरू हुए 45 दिन बीत चुके हैं, इन 45 में अबतक 28 लाख तीर्थयात्रियों ने चारधाम यात्रा की.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Char Dham Yatra 2025: उत्तराखंड में पिछले 45 दिनों से चार धाम यात्रा जारी है, इन 45 दिनों में लगभग 28 लाख श्रद्धालुओं ने चारों धामों का भ्रमण कर चुके हैं. खास बात यह कि इनमें सबसे अधिक तीर्थ यात्रियों ने केदारनाथ धाम के दर्शन किए हैं. आंकड़ों के अनुसार, बीते 15 दिनों में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं ने केदारनाथ धाम के दर्शन किए है.
रिपोर्ट के अनुसार चार धाम यात्रा में लगभग 70 हजार तीर्थ यात्री प्रतिदिन चारों धामों के दर्शन कर रहे हैं. तीर्थयात्रियों के लिए प्रशासन ने काफी अच्छी व्यवस्था बनाई है, जिसके चलते उत्तराखंड में चल रही चार धाम यात्रा में आ रहे श्रद्धालुओं को चारों धामों के दर्शन अच्छे से हो रहे हैं. प्रदेश में इस बार चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू हुई थी.
2026 चारधाम यात्रा से पहले मॉकड्रिल
चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर NDMA और USDMA ने मिलकर प्रदेश के सात जनपदों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार में एक साथ मॉकड्रिल आयोजित की गयी. इस अभ्यास में सभी संबंधित अधिकारी और सातों जिलों के जिलाधिकारी मौजूद रहे. हर साल चारधाम यात्रा के दौरान पहाड़ी रास्तों पर लाखों श्रद्धालु निकलते हैं. किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया के लिए यह अभ्यास जरूरी माना जाता है. इस बीच आपदा राहत में देरी को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है.
अगस्त 2025 में उत्तराखंड में भीषण आपदा आई थी. सितंबर में राज्य दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने तत्काल राहत के तौर पर 1200 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी. राज्य सरकार ने अपने स्तर पर नुकसान का आकलन कर 5700 करोड़ रुपये का मेमोरेंडम केंद्र को भेजा, जबकि PDNA रिपोर्ट में कुल नुकसान 15,000 करोड़ रुपये से भी अधिक बताया गया.
लेकिन पीएम के इस दौरे तक घोषित 1200 करोड़ में से एक भी रुपया राज्य तक नहीं पहुंचा और यही बात विपक्ष के लिए बड़ा हथियार बन गई है. विपक्षी दलों का सवाल है कि जब पीएम खुद उद्घाटन और जनसभाओं के लिए आ रहे हैं, तो आपदा पीड़ितों की राशि में देरी क्यों?
19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलते ही यात्रा की शुरुआत
देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का बिगुल बज चुका है. 19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही इस पावन यात्रा की शुरुआत होने जा रही है. इस बार भक्तों का उत्साह ऐसा है कि अब तक 13.5 लाख से ज्यादा लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. सरकार ने भी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए जमीन-आसमान एक कर दिया है. केदारनाथ-बदरीनाथ में नए अस्पतालों से लेकर, हर 10 किमी पर पुलिस का पहरा और भूस्खलन वाले रास्तों पर जेसीबी की तैनाती जैसे कड़े इंतजाम किए गए हैं.
कब खुलेंगे बदरीनाथ के कपाट
इस यात्रा का विधिवत शुभारंभ 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा. इसके बाद 22 अप्रैल, बुधवार को बाबा केदारनाथ के कपाट खोले जाएंगे, जबकि 23 अप्रैल, गुरुवार को भगवान बदरीनाथ के दर्शन के लिए कपाट खुल जाएंगे. प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर यह तय किया है कि कपाट खुलने से करीब एक हफ्ते पहले ही यात्रा मार्ग के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी जाएगी ताकि शुरुआती भीड़ को अच्छे से संभाला जा सके.
भूस्खलन के संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित
भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की दृष्टि से भी 109 संवेदनशील क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं. इनमें टिहरी जिले में सबसे अधिक 50 क्षेत्र हैं, जबकि उत्तरकाशी में 20, चमोली में 18 और रुद्रप्रयाग में 13 क्षेत्र शामिल हैं. इन स्थानों पर विशेष निगरानी और सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. इसके अलावा, कुल 274 दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की गई है, जिनमें हरिद्वार में सबसे अधिक 69 पॉइंट हैं. सभी जगहों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा चुके हैं.
पार्किंग की व्यापक व्यवस्था
मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग की व्यापक व्यवस्था भी की गई है. पूरे यात्रा मार्ग पर 45 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहनों की पार्किंग क्षमता तैयार की गई है. हरिद्वार में सबसे अधिक पार्किंग सुविधा उपलब्ध है, जहां लगभग 40 हजार छोटे और करीब 5 हजार बड़े वाहनों के लिए जगह बनाई गई है. इसके अलावा देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और उत्तरकाशी में भी पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.

