पानी की सप्लाई से लेकर स्ट्रीट लाइट के बिजली बिल में कमी लाने का उद्देश्य, 10 मेगावॉट की सोलर परियोजना शुरू करने की तैयारी
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Development of Solar Parks In Jabalpur : नगर निगम और केन्द्र सरकार के बीच ऐसा गठजोड़ हुआ है कि आने वाले कुछ दिनों में ही एक बड़ा सोलर पार्क डेवलप हो जाएगा. इस सोलर पार्क परियोजना से करीब 10 मेगावॉट की बिजली तैयार की जाएगी और नगर निगम के बिजली बिल के बोझ को कम किया जाएगा. इसके लिए नगर निगम ने पूरी तरह से ग्रीन एनर्जी की तरफ जोर लगाना शुरू कर दिया है. इस परियोजना के संबंध में यहां तक पता चला है कि जबलपुर को जल्द ही सोलर प्लांट स्थापित करने की अनुमति भी मिल जाएगी. बशर्ते नगर निगम को सोलर प्लांट के लिए राजस्व विभाग से समय रहते जमीन मिल जाए, क्योंकि 10 मेगावॉट के सोलर पार्क को स्थापित करने में करीब 50 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी. इसके लिए नगर निगम के अिधकारियों ने पूरी तैयारी के साथ ग्रीन एनर्जी बनाने की दिशा में काम करना प्रारंभ कर दिया है और इस प्रोजेक्ट को जल्द ही हरी झंडी मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है.
500 करोड़ बताई जा रही परियोजना की लागत
सोलर एनर्जी बनाने के लिए केन्द्र सरकार सब्सिडी देने जा रही है. इसी का फायदा नगर निगम जबलपुर को मिल सकता है. वर्ष 2024 में शुरू की गई पीएम सूर्य मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत नगर निगम जबलपुर को करीब 500 करोड़ रुपए मिल सकते हैं. इसी राशि से 50 एकड़ में सोलर प्लांट स्थापित ? कर शहरी क्षेत्र में बिजली सप्लाई की जाएगी.
घाटे को पूरा करने के लिए की जा रही कवायद
सूत्रों से जानकारी प्राप्त हुई है कि नगर निगम का बिजली बिल का बोझ बढ़ता जा रहा है. इसी के चलते निगम में बड़ी सोलर परियोजना की शुरुआत होने जा रही है. इसके लिए नगरीय विकास विभाग और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने संयुक्त रूप से इस परियोजना के लिए प्लानिंग है और इस पर काम प्रारंभ किया है. इसके पीछे की प्रमुख वजह जो भी रही हो, लेकिन शहर में एक अच्छा बड़ा प्रोजेक्ट लॉन्च होने जा रहा है. यह शहर के लिए अच्छे संकेत हैं.
3 से 4 रुपए प्रति वर्गमीटर के हिसाब से लीज पर मिल सकती है जमीन
बताया जा रहा है कि सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए नगर निगम जबलपुर को राजस्व विभाग 3 से 4 रुपए सालाना लीज पर जमीन उपलब्ध करा सकता है. इसके लिए नगर निगम द्वारा कागजी कार्रवाई भी शुरू हो गई है. यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो जल्द ही इस प्लांट को लगाने की मंजूरी मिल सकती है और शहर में एक बड़ी सोलर पार्क परियोजना स्थापित हो सकती है.

