मध्य प्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 में राज्य को 56,414 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही.
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Mining Revolution: मध्य प्रदेश खनिज के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है. शनिवार 23 अगस्त को कटनी में ‘मध्य प्रदेश माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0’ का आयोजन किया गया. जिसमें 56 हजार 414 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए. इस निवेश से एक तरफ प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, तो दूसरी तरफ युवाओं-महिलाओं और गरीब वर्ग को रोजगार मिलेगा.
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि खनिज के मामले में मध्य प्रदेश की देश में अलग पहचान है. प्रदेश में खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की शुरुआत की है. हम सरकार के गठन के साथ ही इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं. अभी तक हम संभाग स्तर पर इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहे थे, भविष्य में जिले की प्रकृति के हिसाब से जिला स्तर पर इस तरह के कार्यक्रम करेंगे.
कॉन्क्लेव में राज्य शासन ने क्रिटिकल मिनरल की खोज, प्रसंस्करण और संवर्धन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू किया. शासन ने खनन क्षेत्र में आर्टिफियल इंटेलीजेन्स, आईओटी, ब्लॉक चेन, रिमोट सेंसिंग के उपयोग के मद्देनजर धनबाद की टेक्समिन आईएसएम के साथ भी एमओयू किया. इसी तरह खनिज अन्वेषण अनुसंधान के लिए राज्य शासन ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के साथ भी एमओयू साइन किए.
खनिज को लेकर प्रसिद्ध है कटनी
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कटनी जिला विविध खनिजों के दोहन और खनिज आधारित उद्योगों के लिए प्रसिद्ध है. इस आयोजन में प्रदेश के खनिज उद्यमियों द्वारा भाग लिया गया. इससे कटनी जिले में उपलब्ध खनिज संपदा को प्रदेश में नया मंच मिला है. इस क्षेत्र में चूनापत्थर आधारित सीमेंट उद्योग, डोलोमाईट से निर्मित पुट्टी प्लांट, मार्बल, क्ले से बनने वाली अग्निसह ब्रिक्स और बॉक्साईट खनिज पर आधारित विभिन्न उद्योग स्थापित हैं. भविष्य में और औद्योगिक इकाईयों की प्रचुर संभावनाएं हैं.
एमपी में खनिज का भंडार
- पन्ना में हीरे मिलते हैं.
- कटनी में भी सोना मिल सकता है.
- शहडोल में कोल, बॉक्साइड है,
- छिंदवाड़ा में कोल है.
- बैतूल में ग्रेफाइट है.
- जबलपुर में गोल्ड का भंडार मिला है. ग्रेफाइट सहित 30 क्रिटिकल एलिमेंट, जिन्हें क्रिटिकल मिनरल्स कहते हैं.
- सीधी में लीथियम और लौह अयस्क के लिए एक बेल्ट चिह्नित किया गया है.
- कॉपर में सबसे अधिक उत्पादन, लाइमस्टोन और हीरा उत्पादन में भी प्रदेश अग्रणी है.
- प्रदेश में क्रिटिकल और माइनर मेटल भी मिल रहे हैं.
- प्रदेश में ईंधन के लिए पेट्रोलियम और गैस के 12 ब्लॉक चिह्नित किए हैं. कोल बेस्ड मीथेन 37 प्रतिशत मध्य प्रदेश प्रोड्यूस करता है.
इनके बीच हुए एमओयू
राज्य शासन ने क्रिटिकल मिनरल की खोज, प्रसंस्करण और संवर्धन के लिए कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू किया.
शासन ने खनन क्षेत्र में आर्टिफियल इंटेलीजेन्स, आईओटी, ब्लॉक चेन, रिमोट सेंसिंग के उपयोग के मद्देनजर धनबाद की टेक्समिन आईएसएम के साथ एमओयू किया.
खनिज अन्वेषण अनुसंधान के लिए राज्य शासन ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल के साथ भी एमओयू साइन किए.
उद्योगपतियों ने क्या कहा
माइनवेयर एडवायजर के एमडी कौशिक बोस ने कहा कि हमारी कंपनी मैकेनाइज माइनिंग करती है. हमारा राज्य में 450 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है. हम प्रदेश सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं. हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के सीएमडी संजीव कुमार सिंह ने कहा कि तांबा एक सात्विक धातु है. भारत में तांबे के उपयोग का प्राचीन इतिहास रहा है. हमारी 12 मिलियन टन तांबा उत्पादन क्षमता में 5 टन मलजखंड खदान से आएगा. कंपनी ने 32 टन कॉपर राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सहयोग से मध्यप्रदेश को तांबा उत्पादन में अग्रणी बनाएंगे.
कॉन्क्लेव में कौन-कौन हुए शामिल?
इस आयोजन में लगभग 2 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया. इनमें विषय विशेषज्ञ, खनिज उद्यमी, निवेशक और भारत सरकार के संस्थान कोल इंडिया लिमिटेड, मैगनीज ओर इंडिया लिमिटेड, हिन्दस्तान कॉपर लिमिटेड, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, टेक्समिन आईएसएम शामिल थे. निवेशकों ने भविष्य में खनन और खनिज आधारित उद्योगों में निवेश की रुचि दिखाई.
इनके साथ हुई वन-टू-वन और वर्चुअल मीटिंग
सीएम डॉ. मोहन यादव ने सिंघल विजनेस के सौरभ जैन, विनमीर रिसोर्सेस के गोविंद ए. शोरेवाला, रमनीक पावर एंड एलॉयएस के हर्ष त्रिवेदी-निश्चल त्रिवेदी, माइनवेयर एडवायजर के कौशिक बोस, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के संजीव कुमार सिंह, महाकौशल रिफ्रेक्ट्रीज के मयंक गुगलिया से वन-टू-वन मीटिंग की. इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजीव मुंद्रा (कोलकाता), जेपी अग्रवाल (श्रीलंका से), विवेक भाटिया (दिल्ली), वी. साईंराम (कोचीन), थॉमस चेरियन (हैदराबाद) से उनकी निवेश योजनाओं एवं अनुभव को लेकर वर्चुअल संवाद किया.

