जीएसटी 2.0 की समीक्षा बैठक में लग्जरी सामानों और सिन गुड्स पर 40 परसेंट टैक्स लगाया गया है. इसी कैटेगरी में सिगरेट, तंबाकू, गुटखा, पान मसाला और तंबाकू से बनाए गए दूसरे प्रोडक्ट्स आते हैं.
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By: प्रिंस अवस्थी
GST on Sin Goods: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी 2.0 की समीक्षा बैठक बुधवार रात को आयोजित की गई और इस दौरान ‘नेक्स्ट जेनरेशन’ जीएसटी रिफॉर्म्स का ऐलान किया गया. इससे देश के आम आदमी को बड़ी राहत मिली है. लेकिन लग्जरी सामग्री सहित पान मसाला, सिगरेट, गुटखा इसकी जद में आ गए. इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे.
बता दें कि जीएसटी 2.0 के तहत टैक्स स्ट्रक्चर बदलते हुए 5 परसेंट और 18 परसेंट के दो टैक्स स्लैब मंजूर किए गए हैं. साथ ही लग्जरी सामानों और सिन गुड्स पर 40 परसेंट टैक्स लगाए जाने का भी फरमान जारी किया गया है. इसी सिन गुड्स की कैटेगरी में सिगरेट, तंबाकू, गुटखा, पान मसाला और तंबाकू से बनाए गए दूसरे प्रोडक्ट्स आते हैं. वहीं, लग्जरी कार, सुगर बेवरेजेस और फास्ट फूड पर भी 40 परसेंट की दर से जीएसटी वसूला जाएगा.
कंपनसेशन सेस को किया जा रहा खत्म
वित्त मंत्रालय ने कहा, “चूंकि कंपनसेशन सेस को समाप्त करने का फैसला लिया गया है इसलिए अब इसे जीएसटी में मिला दिया जा रहा है ताकि टैक्स का असर अधिकतर वस्तुओं पर बना रहे.” बता दें कि कंपनसेशन सेस एक तरह का टैक्स होता है, जो लग्जरी और सिन आइटम्स पर लगाए जाते हैं. इसे 2017 में इसलिए शुरू किया गया था ताकि जब जीएसटी सिस्टम लागू होगा, तब राज्यों के रेवेन्यू को नुकसान पहुंचेगा.
इसी नुकसान की भरपाई करने के लिए इस टैक्स को लगाया जाने लगा. पहले इसे 2022 तक ही लागू रखने की योजना था, लेकिन कोरोना महामारी के बाद इसे 2026 तक लागू रखने का फैसला लिया गया. दरअसल, केंद्र सरकार ने कोविड-19 के दौरान राज्यों की मदद करने के लिए 2.69 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. इसी कर्ज को चुकाने के लिए कंपनसेशन सेस की मियाद बढ़ाई गई थी.
40 परसेंट जीएसटी की दायरे में आई ये सामग्री –
- पान मसाला
- सिगरेट
- गुटखा
- चबाने वाला तंबाकू
- अनिर्मित तंबाकू; तंबाकू अपशिष्ट [तंबाकू के पत्तों के अलावा]
- सिगार, चुरूट, तंबाकू या तंबाकू के विकल्प वाले सिगारिलो
- वातित शर्करा युक्त पेय/शीतल पेय
- कार्बोनेटेड पेय
- फलों के पेय या फलों के रस वाले कार्बोनेटेड पेय
- ऑनलाइन जुआ या गेमिंग
- कैफीनयुक्त पेय
खाद्य सामग्री पर नहीं लगेगा टैक्स
- रेडी टू ईट रोटी
- रेडी टू ईट पराठा
- सभी तरह के ब्रेड
- पिज्जा
- पनीर
- यूएचटी दूध
- छेना
शिक्षा से जुड़े सामान भी हुए टैक्स फ्री
- पेंसिल
- रबर
- कटर
- नोटबुक
- ग्लोब
- मानचित्र
- प्रैक्टिस बुक
- ग्राफ बुक

