प्रेमानंद महाराज से मिलने केली कुंज आश्रम पहुंचे भागवत कथा के विद्वान संत जगद्गुरु स्वामी राजेन्द्रदेवाचार्य जी महाराज
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Rajendradevacharya Met Premananda Maharaj: भगवत भक्ति में लीन राधा प्रेमी संत स्वामी प्रेमानंद जी महाराज से बुधवार आज 15 अक्टूबर को श्रीमद्भागवत कथा के मर्मज्ञ विद्वान जगद्गुरु स्वामी राजेन्द्रदेवाचार्य जी महाराज श्रीराधा केली कुंज स्थित आश्रम में मुलाकात हुई. संत मिलन का दृश्य देखकर उपस्थित संत भावुक हो गए. संत मिलन के दौरान संतों के बीच अद्भुत नजारा देखने को मिला. जिसमें एक दूसरे के प्रति आदर और सम्मान का भाव रहा, यह दृश्य उपस्थित जन समूह को अचंभित कर दिया. इस दौरान स्वामी प्रेमानंद जी महाराज मेहमान के रूप में पहुंचे संत द्वय का स्वागत वंदन किया और गुरु स्वरूप संतों की आरती भी की. संत मिलन के इस अवसर पर जगद्गुरु राजेन्द्रदेवाचार्य जी महाराज ने भगवत भक्ति के संबंध में भी चर्चा की. भगवत भक्ति सुनकर प्रेमानंद जी महाराज भावविभोर हो गए. संत मिलन का यह वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल होने लगा.
स्वागत की परंपरा अद्भुत
संतों के बीच एक दूसरे के प्रति आदर, सम्मान और सत्कार का यह दृश्य परंपरागत है, लेकिन संतों के बीच का यह अद्भुत मिलन चर्चा का विषय बन गया. क्योंकि आगंतुक संत मेहमान स्वरूप केली आश्रम नहीं पहुंचे थे. बल्कि आपसी सौहार्दपूर्ण मेल मुलमुलाकात थी. इस संत मिलन में कहीं भी अहंकार का दृश्य देखने को नहीं मिला.
अहंकार दमन करने के गुर का किया गुणगान
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में जगद्गगुरु राजेन्द्रदेवाचार्य जी महाराज एक पुस्तक के माध्यम से शास्त्र के उस गूढ़ रहस्य के बारे में बताया, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि संतों में अहंकार का कोई स्थान होता ही नहीं है. चाहे जितना ठोक बजा लो संत में क्रोध, मद, लोभ का स्थान नहीं होता है.
एकाग्रता के साथ संत वाणी का किया श्रवण
स्वामी प्रेमानंद जी महाराज संतों की वाणी का रसास्वादन इस प्रकार कर रहे थे, जैसे कोई एक सामान्य श्रोता जमीन पर नीचे बैठकर कथा श्रवण करता है. संतों के आपसी मिलन से यह दृश्य स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि जब भी कोई बड़ा विद्वान व्यक्ति भगवत रहस्य की चर्चा कर रहा हो तो उसका श्रवण एक श्रोता के रूप में ही सुनना चाहिए.

