ज्योतिष शास्त्र में गरीबी और इससे जुड़ी परेशानियों के लिए कौन-सा ग्रह जिम्मेदार होता है. साथ ही जानें इससे बचने के लिए किन उपाय को करना चाहिए.
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By- सुप्रिया
जबलपुर.
Rahu-Ketu: राहु-केतु दोनों ही छाया ग्रह है. इनका नाम सुनकर अक्सर लोग भयभीत हो जाते हैं. क्योंकि कुंडली में राहु-केतु के दुष्प्रभाव की वजह से मनुष्य परेशानियों और समस्याओं से घिर जाता है.
अगर किसी जातक की कुंडली में राहु और केतु का प्रभाव है तो उसे आर्थिक तंगी या गरीबी हो सकती है. कुंडली में इसके अशुभ होने पर दिक्कतें झेलनी पड़ सकती है. राहु और केतु का परिवर्तन 18 महीने यानि डेढ़ साल के बाद होता है
रिश्ते और धन-जन हानि का खतरा
कुंडली में राहु की स्थिति खराब होने से कामकाज ठप हो जाता है, धन हानि, धन लाभ में परेशानी आने लगती है. वहीं केतु के खराब होने से करियर में विकास नहीं होता, रिश्ते और संबंध खराब होने लगते हैं. जिस वजह से मानसिक स्थिति भी खराब हो सकती है.
गुलाबी रंग का वस्त्र फायदेमंद
राहु दोष को समाप्त या कम करने के लिए नीले रंग के वस्त्र पहने. वहीं केतु के दोष को कम करने के लिए गुलाबी रंग के वस्त्र पहने, इससे राहु और केतु दोष कम हो सकता है.
पंचमुखी रुद्राक्ष भी कारगर
राहु और केतु दोष को कम करने के लिए रुद्राक्ष की माला से पंचमुखी शिवजी के सामने बैठकर ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें.
गरीबी से मुक्ति पाने के लिए भगवान श्रीकृष्ण की शेषनाग के ऊपर नृत्य करते हुए मूर्ति स्थापित करें. इस मूर्ति की पूजा नित्य करें.

