इंदौर सहित आसपास के जिलों में भी स्वाइन फ्लू और कोविड-19 ने दी दस्तक, जबलपुर में जहां 11मरीजों को सर्दी-खांसी की जांच कराने के बाद स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है.
Source : DB News Update
By- डीबी न्यूज अपडेट | Edited By- सुप्रिया
Swine flu: जबलपुर. जबलपुर में स्वाइन फ्लू के 11 मामले पकड़ में आए हैं. यह संख्या बढ़ भी सकती है. क्योंकि अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. संजय मिश्रा ने मीडिया के सामने स्वाकार करते हुए बताया कि स्वाइन फ्लू के 11 मामले सामने आए हैं.
ये मामले 11 जुलाई से लेकर 6 अगस्त के बीच के हैं. इनमें से 6 मरीज जो निजी अस्पताल में इलाजरत थे. उन्हें छुट्टी दे दी गई है. जबकि अन्य मरीज ठीक होने की कगार पर पहुंच रहे हैं. स्वाइन फ्लू के इन मरीजों की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप है.
इंदौर और जबलपुर में प्रकोप
जबलपुर में जहां 11 मरीजों को सर्दी-खांसी की जांच कराने के बाद स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है. वहीं इंदौर में भी एक 28 वर्षीय महिला की सोमवार को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई, जो लगभग तीन महीने के अंतराल के बाद पहली बार है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मरीज को दो दिन पहले एमआरटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को उसकी रिपोर्ट आई, जिसमें उसे स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई।
कोविड-19 की दस्तक
सूत्रों से पता चला है कि इंदौर में जहां स्वाइन फ्लू के मामले आ रहे हैं. इसी बीच इंदौर में दो ताजा कोविड-19 मामले भी सामने आ रहे हैं. इस प्रकार के मामले 1 जुलाई से अब तक संक्रमण की कुल संख्या सात के करीब पहुंच गई है. खंडवा रोड के एक 44 वर्षीय व्यक्ति और वैशाली नगर की एक 60 वर्षीय महिला पॉजीटिव पाई गईं।
स्वाइन फ्लू क्या है?
स्वाइन फ्लू, जिसे H1N1 फ्लू भी कहा जाता है, एक श्वसन रोग है जो सूअरों में फैलता है और मनुष्यों में भी संक्रमित हो सकता है। यह वायरस 2009 में महामारी के रूप में सामने आया और तब से इसके विभिन्न प्रकार मौजूद हैं।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
- – अचानक तेज बुखार हो सकता है।
- – गले में खराश, सूखी खांसी और गले में दर्द हो सकता है।
- -शरीर में दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द हो सकता है।
- – लगातार सिरदर्द रह सकता है।
- – अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है।
- – नाक से पानी बहना और बंद होना आम है।
- कुछ मामलों में उल्टी और दस्त भी हो सकते हैं।
अब तक सामने आए इतने मामले
सूत्रों से पता चला है कि स्वाइन फ्लू के भी कई मामले सामने आए हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. जबलपुर के सीएमएचओ ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 11 जुलाई से अब तक स्वाइन फ्लू के 20 मामले सामने आए हैं. इनमें से 11 मामले पॉजिटिव हैं, जबकि 9 मामले संदिग्ध हैं जिनकी रिपोर्ट आना बाकी है. कई मरीज निजी अस्पतालों में भी इलाजरत हैं, लेकिन स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर सभी पैथोलॉजी लैब को सरकार को पहले रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं.
जानिए कैसे फैलता है स्वाइन फ़्लू
मीडिया को जानकारी देते हुए डॉक्टरों ने बताया कि बारिश के मौसम में सूर्य न निकलने के कारण विभिन्न वायरस पनपते हैं, जिसमें स्वाइन फ्लू का वायरस भी शामिल है. सर्दी, खांसी, बुखार और गले में खराश जैसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कोविड के समय की तरह स्वाइन फ्लू के मरीजों को भी आइसोलेशन में रहना चाहिए ताकि यह बीमारी दूसरों में न फैले.
स्वाइन फ्लू के लक्षण
डाक्टरों की मानें तो स्वाइन फ्लू ज्यादातर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वालों को होता है. इसके लक्षण वैसे तो आम फ्लू जैसे ही होते हैं, लेकिन इसमें कुछ खास लक्षण भी होते हैं. इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक का बहना, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और थकावट शामिल है. कुछ मामलों में आपको उल्टी और दस्त भी देखने को मिल सकती है. अगर स्वाइन फ्लू ज्यादा बढ़ जाता है तो अक्सर सांस लेने में कठिनाई और सीने में दर्द होने लगता है. यह लक्षण तेजी से बढ़ सकते हैं. इसलिए समय रहते जल्दी इलाज और सही देखभाल जरूरी है. इसी बीच शहर में डायरिया के भी कई मरीज देखने को मिले हैं, जिनका इलाज निजी और शासकीय अस्पतालों में किया जा रहा है और उन्हें स्वस्थ्य किया जा रहा है.

