मध्य प्रदेश सरकार ने शिप्रा नदी को प्रवाहमान करने और सिंचाई के साधन को समृद्ध बनाने के लिए एक बड़ी योजना बनाई
By : DB News Update| Edited By: Prince Awasthi
MP News: मध्य प्रदेश में सिंचाई के साधन को समृद्ध बनाने के लिए बड़ी योजना बनाई गई है. उज्जैन और इंदौर के लिए बड़ी सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है. इस योजना के तहत, उज्जैन जिले के पंथ पिपलाई, जमालपुर, गोठड़ा, रामवासा, पिपलिया राघो में डैम बनाए जाएंगे. इसके अलावा इंदौर के पिपलिया, दर्जी करीधिया, कुदाना, कायस्थ खेड़ी, सहाड़ा में स्टॉप डैम बनेंगे. इस पर 36 करोड़ 64 लाख रुपये खर्च होंगे. सांवरा खेड़ी, सिलर खेड़ी परियोजना का काम भी शुरू होगा. कान्ह नदी को शिप्रा नदी से डायवर्ट करने का काम जारी है. इस पर 651 करोड़ रुपये खर्च होंगे. नए डैम बनने से जल संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी.
जल संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी
अब जल संसाधन विभाग के माध्यम से सांवरा खेड़ी, सिलर खेड़ी परियोजना का कार्य भी शुरू होने वाला है. इस पर सरकार 614 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर रही है, जिससे सिलार खेड़ी जलाशय की ऊंचाई बढ़ जाएगी.
इससे जल संग्रहण की क्षमता भी बढ़ जाएगी. इस परियोजना से उज्जैन जिले के 65 गांव को 18000 हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचाई की सुविधा मिलेगी. सरकार ने 5 डैम और भी स्वीकृत किए हैं, जिस पर सरकार 36 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च कर रही है.

