तिरुपति मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी मामले पर पूर्व सीएम रमन सिंह का बयान चर्चा में, यह घटना आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के उस दावे के दो दिन बाद सामने आई है.
By : DB News Update| Edited By: प्रिंस अवस्थी
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Tirupati Temple Laddu Controversy: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रमन सिंह ने एएनआई से बात करते हुए तिरुपति लड्डू प्रसादम विवाद पर कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब यदि मंदिर की पवित्रता न बनी रहे. करोड़ों लोगों की जो आस्था है उसे से बना कर रख सकते है. यह सिर्फ आस्था का मामला नहीं है बल्कि यह स्वास्थ्य से भी जुड़ा हुआ विषय है. जिस प्रकार की घटना तिरुपति में हुई है यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय है. साथ ही स्वास्थ्य के लिए स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए.’
बता दें कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में मिलने वाले प्रसाद में जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है. इस जानकारी के सामने के बाद से ही देश भर में विरोध और नाराजगी बढ़ती जा रही है. इस बीच छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह की भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, यह मामला पूरे देश के लिए चिंता का विषय है.
अमूल घी की आपूर्ति की जा रही थी
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को अमूल घी की आपूर्ति की जा रही थी. हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमने कभी भी टीटीडी को अमूल घी की आपूर्ति नहीं की है,” बयान में कहा गया है. “हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि अमूल घी हमारे अत्याधुनिक उत्पादन संयंत्रों में उत्पादित दूध से बनाया जाता है, जो आईएसओ प्रमाणित हैं. अमूल घी उच्च गुणवत्ता वाले शुद्ध दूध वसा से निर्मित होता है. हमारी डेयरियों में प्राप्त दूध एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित मिलावट का पता लगाने सहित कड़े गुणवत्ता परीक्षणों से गुजरता है,” इसमें आगे कहा गया है. यह घटना आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के उस दावे के दो दिन बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछली युवजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार के दौरान तिरुपति के श्री वेंकटेश्वर मंदिर में चढ़ाए जाने वाले मीठे व्यंजन तिरुपति लड्डू बनाने में पशु वसा सहित घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था.
नड्डा से जब तिरुपति प्रसाद में मिलावट के बारे में पूछा
मोदी सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियों पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, नड्डा से जब तिरुपति प्रसाद में मिलावट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे में जानकारी मिलने के बाद मैंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू से बात की और उनसे विस्तृत जानकारी ली. मैंने उनसे उपलब्ध रिपोर्ट साझा करने का अनुरोध किया है ताकि मैं उसकी जांच कर सकूं। मैं राज्य के नियामकों से भी बात करूंगा और इसकी जांच करूंगा। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, मैंने रिपोर्ट मांगी है और हम उसकी जांच करेंगे.”
न तो दूध की वसा है और न ही घी
“हमें तिरुपति लड्डू बनाने में इस्तेमाल होने वाले घी की प्रयोगशाला रिपोर्ट मिली हैं. दोनों रिपोर्टों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि एक विशेष वसा, उसके एस मान के आधार पर, निर्धारित सीमा के भीतर नहीं है और यह न तो दूध की वसा है और न ही घी. यह वनस्पति तेलों का मिश्रण है और चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें गोमांस और सूअर की चर्बी भी मिली हुई है. इससे देशभर के श्रद्धालु और हिंदू धर्म के सभी अनुयायी स्तब्ध हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस तरह का शासन न केवल राज्य को बल्कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के पवित्र स्थल को भी प्रभावित कर रहा है. इससे हुए नुकसान को इतनी आसानी से दूर नहीं किया जा सकता है. टीडीपी नेता ने कहा कि देशभर के लोग शोक में हैं. सिम्हाचलम मंदिर में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है,”
क्या है तिरुपति प्रसाद विवाद?
आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में भक्तों को दिए जाने वाले लड्डू में कथित तौर पर मिलावटी घी के इस्तेमाल का आरोप लगा है. तिरुपति लड्डू में मिलावट के बाद देशभर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. इन आरोपों के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने घी सप्लायर को नोटिस जारी किया है. सोमवार को तिरुपति में शुद्धिकरण के लिए महा शांति होम किया गया.
वहीं, मंदिर बोर्ड ने 9 जुलाई को लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी की गुजरात स्थित पशुधन लैब (NDDB CALF Ltd.) में जांच करवाई. इसके बाद 16 जुलाई को आई जांच रिपोर्ट में घी का एक सैंपल ठीक नहीं निकला.

