5 अक्टूबर 2024 को मां चंद्रघंटा की पूजा होगी. इस दिन माता की पूजा करने वालों को शत्रु का भय नहीं रहता.
By : DB News Update| Edited By : सुप्रिया
Navratri 2024 Maa Chandraghanta: मां चंद्रघंटा साहस और पराक्रम का प्रतीक हैं. इनकी साधना से भक्तों में आत्मविश्वास बढ़ता है. मां चंद्रघंटा का रूप निवेश के मामलों को लेकर पैदा होने वाले डर और जोखिम को दूर करता है. मां का रंग सोने जैसा चमकदार है और वह शेर की सवारी करती हैं.
उनके आठ हाथों में कमल, धनुष, बाण, तलवार, कमंडल, त्रिशूल और गदा जैसे अस्त्र-शस्त्र हैं. मां के गले में सफेद फूलों की माला और सिर पर चंद्रमा से सुसज्जित रत्नजड़ित मुकुट है. मां हमेशा युद्ध की मुद्रा में तंत्र साधना में लीन रहती हैं. उनकी पूजा करने से आपके तेज और प्रभाव में वृद्धि होती है. कार्यक्षेत्र में आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और आपको समाज में विशेष स्थान प्राप्त होता है.
स्लेटी रंग के कपड़े पहनने शनि भी प्रसन्न होंगे
नवरात्रि के तीसरे दिन का शुभ रंग स्लेटी है. ये रंग व्यक्ति को व्यावहारिक और सरल बनने के लिए प्रेरित करता है. आज शनिवार शनि देव का दिन भी है. ऐसे में स्लेटी रंग के कपड़े पहनने शनि भी प्रसन्न होंगे.
लाल गुलाब अर्पित करें
मां चंद्रघंटा को लाल गुलाब अर्पित करें और ऐं श्रीं शक्तयै नम: मंत्र का जाप करें. माता चंद्रघंटा को सेब या दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं.
मां चंद्रघंटा की पूजा का मंत्र –
पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥
तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं
मां चंद्रघंटा की पूजा से मंगल ग्रह की अशुभता दूर की जा सकती है. मांगलिक दोष से पीड़ित लोगों को मां चंद्रघंटा की उपासना जरुर करनी चाहिए. इनकी कृपा से रोगों का नाश भी होता है. नवरात्रि के तीसरे दिन किसी दुर्गा मंदिर में घंटी भेंट करें और दुर्गा चालीसा का पाठ करें. मान्यता है इससे विरोधी कार्य में बाधा नहीं बनते और तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं.

