स्मगलिंग कर रहे युवक पुलिस के हत्थे चढ़े, उपमुख्यमंत्री का निर्देश मिलते ही शहडोल पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की पुलिस ने नशीले इंजेक्शनों से भरी 108 एंबुलेंस को पकड़ा है, 108 एम्बुलेंस के जरिए गांव के बेरोजगार युवक तस्करी करते पकड़े गए हैं. इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और108 एंबुलेंस को बरामद किया है। इसके मार्फत नशों के इंजेक्शन शहडोल शहर और आसपास के गांव में सप्लाई किए जाते थे. पुलिस की इस कार्रवाई से यह तो स्पष्ट हो गया कि गांव में बड़ी तेजी के साथ नशीले इंजेक्शन की तश्करी हो रही है. जिस पर पुलिस द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा था. अब जैसे ही प्रदेश के उपमुख्यमंत्री द्वारा नशा पर पाबंदी लगाने का आदेश आया तो नशीली सामग्री का खुलासा भी होने लगा. शहडोल पुलिस द्वारा पकड़े गए नशीले इंजेक्शन एक बानगी है. इस तरह का अवैध कारोबार प्रदेश के हर हिस्से में बढ़ रहा है.
नशे का काराबार तेजी से बढ़ रहा
जिले में नशे का कारोबार काफी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगो को नशे की आदत बढ़ती जा रही है. जिससे ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. आसपास के जिलों में नशे की तस्करी हो रही है, चाहे वो गांजा हो या नशे के इंजेक्शन, हर तरह का नशा गांव तक पहुंच रहा है. इस पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने भी चिंता व्यक्त कर चुके हैं। उनके द्वारा रीवा आईजी के साथ बैठक करके नशे के इंजेक्शन सहित गांजा, शराब पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए थे। उनके द्वारा दिए गए निर्देश पर ही शहडोल पुलिस गुरुवार देर शाम को एम्बुलेंस में नशीले इंजेक्शनो का जखीरा पकड़ा है.
एम्बुलेंस के माध्यम से हो रहा था अवैध कारोबार
ये मामला मध्य प्रदेश के शहडोल जिले का हैं, जहा पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर उमरिया जिले की ओर से आ रही एक 108 एम्बुलेंस पर नशे के इंजेक्शन रखे होने की जानकारी लगी और उस जानकारी के अनुसार पुलिस एम्बुलेंस की जांच की, जिसमे 255 नग इंजेक्शन पाए गये, जिसकी कीमत 25,000 बताई जा रही है.
नशे की खेप का इंतजार करता था चालक
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने बताया कि इंजेक्शनो की खेप ट्रेन के माध्यम से भोपाल से शहडोल लाते थे, जिससे किसी की नजर में न आएं और इंजेक्शन को सही जगह पहुंचा दिया जाए इसलिए वो सब पाली के समीप ही मुदरिया स्टेशन में ही उतर जाते थे और वहा पर पहले से एक एम्बुलेंस उनका इंतजार करती, जिससे वहां से निकल कर शहडोल जा सके, पर पुलिस ने बीच में ही उनको पकड़ ली और सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, अभी भी पूछताछ जारी है।
ये सभी इंजेक्शन बिक्री के लिए प्रतिबंधित हैं। मामले में शहडोल पुलिस ने राहुल शुक्ला, संदीप सोनी और आदित्य उपाध्याय और एंबुलेंस चालक विजय केवट को गिरफ्तार कर लिया है। जब्त किए इंजेक्शन और एंबुलेंस की कीमत 10 लाख से अधिक बताई जा रही है। शहडोल जिले के एएसपी अभिषेक दीवान ने बताया है कि एंबुलेंस के जरिए नशे की तस्करी करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
रीवा और शहडोल संभाग की प्रमुख समस्या
मध्य प्रदेश के रीवा और शहडोल संभाग में इंजेक्शन और कफ सिरप (खांसी की दवाइयों) की स्मगलिंग की शिकायतें एक गंभीर और लगातार बढ़ती समस्या मानी जा रही हैं। आम तौर पर इसमें नशीले तत्वों वाली दवाइयों—जैसे कोडीन युक्त कफ सिरप—का अवैध परिवहन और बिक्री शामिल होता है।
समस्या की मुख्य वजह क्या है?
नशीली दवाओं का दुरुपयोग: कुछ इंजेक्शन और कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के रूप में किया जा रहा है। सीमावर्ती इलाकों में रीवा संभाग का भौगोलिक स्थान इसे तस्करी के लिए आसान मार्ग माना जा रहा है। युवाओं पर इस तरह की गतिविधियाँ से नशे की ओर जा रहे हैं। अवैध नेटवर्क: इसमें स्थानीय स्तर पर दवा विक्रेता, सप्लाई चेन और बाहरी गिरोह शामिल हैं।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका संदिग्ध
पुलिस और नारकोटिक्स विभाग समय-समय पर छापेमारी करती रहे और अवैध दवा दुकानों और बिना पर्चे के बिक्री पर कार्रवाई होती रहे तो इस पर लगाम लग सकती है। उन्हें इस बात का डर रहेगा कि NDPS Act (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत सख्त सजा हो सकती है।

