नारायणपुर के अबूझमाड़ इलाके में पुलिस की हुई मुठभेड़, एक जवान शहीद, दो जवान घायल होने की भी खबर
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
CG. नारायणपुर, छत्तीसगढ़ में एक बार फिर नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ जारी है. नारायणपुर के अबूझमाड़ इलाके में हो रही इस मुठभेड़ में अब तक 8 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. इस मुठभेड़ में एक जवान के शहीद और दो जवानों के घायल होने की भी खबर सामने आई है. पिछले दो दिनों से नारायणपुर जिले में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ जारी है.पुलिस अधिकारियों ने ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि अबूझमाड़ में जारी नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने 8 नक्सलियों को मार गिराया है. वहीं एक जवान को अपनी जान गवानी पड़ी है और दो जवान घायल हुए हैं
पहाड़ी इलाका में जारी मुठभेड़
नारायणपुर का अबूझमाड़ एक वन क्षेत्र है जोकि दुर्गम पहाड़ियों से घिरा है. ये क्षेत्र दश्कों से माओवादियों की गतिविधियों का केंद्र रहा है. न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक आज सुबह से ही अबूझमाड़ के जंगलों में गोलाबारी जारी है. खबरों के मुताबिक नक्सलियों की पकड़ वाले चार जिलों में सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने अभियान चलाया है जिसके तहत इस मुठभेड़ को अंजाम दिया जा रहा है.
सुरक्षाबलों का बड़ा हमला
नक्सलियों के विरोध में चल रहे इस ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ के चार जिलों के रिजर्व गार्ड (DRG), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITB) की 53वीं कंपनी के जवान शामिल हैं. सुरक्षाबलों ने इस ऑपरेशन की शुरुआत 12 जून को की थी. ये ऑपरेशन पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी पर सुरक्षाबलों का इस साल का सबसे बड़ा हमला है.
इस साल हुई बड़ी मुठभेड़
- 27 मार्च को बीजापुर के चिपुरभट्टी में 6 नक्सलियों ढेर किए था.
- 2 अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर में 13 नक्सली मारे गए थे.
- 16 अप्रैल को कांकेर के छोटेबेठिया में 29 नक्सली ढेर हुए थे.
- 30 अप्रैल को अबूझमाड़ के टेकमेटा में 10 नक्सलियों की मौत हुई थी.
- 10 मई को बीजापुर जिले के पीड़िया में 12 नक्सली ढेर हुए.
सीएम ने सरेंडर कर चुके नक्सलियों के निर्णय का स्वागत किया
गौरतलब है सुरक्षा बलों के सामने बुधवार को जगदलपुर में विभिन्न जिलो के 108 नक्सिलयों के सरेंडर किया. सामूहिक आत्म-समर्पण माओवादियों में 44 महिला नक्सली भी शामिल हैं. उनकी निशानदेही में अब तक के सबसे बड़े माओवादी डंप की रिकवरी की भी गई है, इस डंप को भी आज समर्पण के दौरान पेश किया जाएगा. मुख्यमंत्री साय ने सरेंडर करने वाले 108 नक्सलियों का निर्णय का स्वागत किया. इस पर सीएम ने सोशल मीडिया एक्स एकाउंट में लिखा कि बंदूक हार रही है और विश्वास जीत रहा है. इससे साफ है कि सरकार अब विकास के रास्ते में चलते हुए नक्सलियों को सरेंडडर कराने पर जोर दे रही है.
कांकेर नारायणपुर बॉर्डर पर मुठभेड़
मीडिया के माध्यम से जानकारी लग रही है कि कांकेर पुलिस के द्वारा नक्सलियों और जवानों के बीच मुठभेड़ को लेकर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया है कि कांकेर नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र के जंगल पहाड़ों में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी. जिसके बाद सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया. सर्च अभियान के दौरान बुधवार सुबह से पुलिस टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है.
जवानों और नक्सलियों के बीच रुक रुककर जारी है फायरिंग
कांकेर पुलिस ने बताया कि अभियान अभी भी जारी है, इसलिए मुठभेड़ के स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी इस समय साझा नहीं की जा सकती. अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी. नक्सलियों के मूवमेंट पर भी नजर रखे जाने की चर्चा है.
जल्द खत्म हो सकता है नक्सलबाद
सरकार जिस प्रकार कार्रवाई लगातार कर रही है. उससे स्पष्ट है कि नक्सलबाद जल्द खत्म होगा और अमन-चैन से लोग जीवन यापन कर सकेंगे. क्योंकि सरकार की मंशा केवल नक्सलबाद को खत्म करना नहीं है. बल्कि पिछड़ेपन को भी खत्म करने की मंशा है, जिससे प्रदेश और देश का नाम रोशन हो सके और लोग सुरक्षित महसूस कर सकें. अभी जितने लोग नक्सल प्रभावित क्षेत्र में निवास कर रहे हैं. उनकें डर का माहौल है और वे सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. उन्हें सुरक्षा का विश्वास दिलाना प्रमुख मकसद है.

