आईएमएफ में भारत के कार्यकारी निदेशक डॉ. कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यन को केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Who is Krishnamurthy V Subramanian: केंद्र सरकार ने पाकिस्तान को दी गई फाइनेंशियल सुविधाओं पर आईएमएफ बोर्ड की अहम रिव्यू मीटिंग से पहले बड़ा फैसला लिया है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (भारत) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे डॉ. कृष्णमूर्ति वी सुब्रमण्यन (KV Subramanian) के कार्यकाल को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की मंजूरी दे दी है. वह 1 नवंबर, 2022 से इस पद पर तैनात थे.
आर्थिक सलाहकार रह चुके हैं केवी सुब्रमण्यन?
केवी सुब्रमण्यन भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) रह चुके हैं. उन्होंने साल 2018 से 2021 तक सबसे युवा सीईए का खिताब भी अपने नाम किया था. अर्थव्यवस्था की स्थिति और आर्थिक सुधारों पर भारत सरकार को समय-समय पर सलाह देने के साथ-साथ CEA हर साल बजट से पहले इकोनॉमिक सर्वे करने के लिए भी जिम्मेदार होते हैं.
नवंबर 2025 में पूरा होने वाला था कार्यकाल
मीडिया में चल रहीं खबरों के अनुसार सुब्रमण्यम का IMF में कार्यकारी निदेशक के तौर पर कार्यकाल नवंबर 2025 में पूरा होने वाला था. वह तीन साल तक इस पद पर रहने वाले थे. लेकिन, सरकार ने उन्हें पहले ही हटा दिया। यह फैसला क्यों लिया गया, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है. आईएमएफ के ईडी पद से सुब्रमण्यम का समय से पहले हटना 9 मई को होने वाली आईएमएफ बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक से पहले हुआ है. इस बैठक में पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की समीक्षा की जानी है. बैठक में भारत पाकिस्तान को आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए धन देने का विरोध करने वाला है. यह विरोध 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए हमले की पृष्ठभूमि में किया जा रहा है. इसमें 26 पर्यटकों की जान चली गई थी. पहले, ज्यादातर कार्यकारी निदेशकों को IMF में विस्तारित कार्यकाल मिला है.
सुब्रमण्यम से पहले सुरजीत भल्ला को मिला था विस्तार
सुब्रमण्यम से पहले अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला को सरकार ने अक्टूबर 2019 में तीन साल की अवधि के लिए IMF के ED के पद के लिए चुना था. भल्ला नवंबर 2019 में IMF के कार्यकारी बोर्ड में शामिल हुए और फिर अगले चुनावी चक्र में 1 नवंबर, 2020 से 31 अक्टूबर, 2022 तक दो साल की अवधि के लिए फिर से चुने गए.
IMF के अनुसार, कार्यकारी बोर्ड IMF के दिन-प्रतिदिन के कामकाज के लिए जिम्मेदार होता है. इसमें 24 कार्यकारी निदेशक होते हैं. इन्हें सदस्य देशों या देशों के समूहों की ओर से चुना जाता है. प्रबंध निदेशक इसके अध्यक्ष के रूप में काम करते हैं. बोर्ड आमतौर पर प्रत्येक सप्ताह कई बार मिलता है. सभी IMF सदस्य-देशों का प्रतिनिधित्व इसके कार्यकारी बोर्ड में होता है, जो प्रत्येक सदस्य की आर्थिक नीतियों के राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और वैश्विक परिणामों पर चर्चा करता है. साथ ही सदस्य-देशों को भुगतान संतुलन की अस्थायी समस्याओं का समाधान करने में मदद करने के लिए IMF वित्तपोषण को मंजूरी देता है.
कौन हैं डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम?
डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम, जिन्हें केवी सुब्रमण्यम के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री हैं. उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की और फिर आईआईएम कलकत्ता से एमबीए किया. उन्होंने शिकागो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से वित्तीय अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की.
मुख्य आर्थिक सलाहकार के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, सुब्रमण्यम ने कई महत्वपूर्ण आर्थिक नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की विभिन्न विशेषज्ञ समितियों में भी पद संभाले हैं.
आईआईटी कानपुर की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर सुब्रमण्यम के शोध के मुख्य क्षेत्रों में बैंकिंग और मौद्रिक नीति, कॉर्पोरेट प्रशासन, बैंकिंग विनियमन, दिवालियापन, नवाचार और उद्यमिता, कानून और वित्त, और उभरते बाजार शामिल हैं.

