ओवरब्रिज के ऊपर कांक्रीट सड़क के गड्ढे भरने के लिए किया गया डामरीकरण भी उखड़ गया है और ओवर ब्रिज के ऊपर की दरारें स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगी हैं.
By : DB News Update |Edited By : Prince Awasthi
MP News, जबलपुर: जबलपुर से होकर निकलने वाली एनएच-30 रीवा-लखनादौन रोड के परखच्चे उड़ गए हैं। जितनी भी सर्विस रोड हैं, उन सभी का डामरीकरण उखड़कर बिखर गया है और डामर व कांक्रीट के टुकड़े पानी के बहाव में फुटपाथ के किनारे पड़े दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं, ओवरब्रिज के ऊपर कांक्रीट सड़क के गड्ढे भरने के लिए किया गया डामरीकरण भी उखड़ गया है और ओवर ब्रिज के ऊपर की दरारें स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगी हैं।
ओवरब्रिज के ऊपर पड़ी दरारों के कारण कई बार तेज रफ्तार चलने वाले चारपहिया वाहन बहक भी रहे हैं, जिससे दुर्घटना की संभावना बन रही है। इसके लिए जिम्मेदार अिधकारी बारिश को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। सड़क की गुणवत्ता को परफेक्ट बता रहे हैं, लेकिन वाहन चालक इस सड़क पर असहज महसूस करने लगे हैं और इस सड़क पर जो वाहन 80 से 120 की स्पीड से दौड़ रहे थे, उनकी रफ्तार में कमी आई है। जबलपुर से मैहर तक के सफर में जहाँ 3 घंटे लगते थे, अब 4 से 4.30 घंटे लग रहे हैं।
अभी सुधार संभव नहीं
एनएचएआई के अिधकारियों को एनएच-30 की सर्विस रोड और ओवरब्रिज के हालात के बारे में जानकारी दी गई तो उनका कहना है कि बारिश के दौरान सड़क का मेंटेनेंस किया जाना संभव नहीं है। बारिश निकलने के बाद ही सड़क का मेंटेनेंस किया जा सकता है। लिहाजा सड़क का मेंटेनेंस अक्टूबर माह के बाद ही शुरू हो पाएगा। ऐसे में सवाल उठता है कि वाहन चालक हर दिन टोल का भुगतान कर रहे हैं और उन्हें चलने के लिए चिकनी सपाट रोड नहीं मिल रही है। चाहे जहाँ गड्ढे में गाड़ी उछल-कूद करते हुए निकल रही है। वाहन के टायर खराब हो रहे हैं, इसका जिम्मेदार कौन होगा, यह समझ से परे है।
मेंटेनेंस करने वाली कंपनी बारिश थमने का इंतजार कर रही
नेशनल हाईवे -30 के मेंटेनेंस का जिम्मा एलएण्डटी कंपनी का है। इस कंपनी के द्वारा सड़क मेंटेनेंस की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा सड़क के मेंटेनेंस हेतु एनएचएआई के अिधकारियों ने गुजरात की लक्ष्मी नामक एक कंपनी से अनुबंध किया है, जिस पर सवा 3 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं। इस कंपनी के द्वारा भी जहाँ गड्ढे हो गए हैं, वहाँ मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा है। इसी कारण न ताे सर्विस रोड चलने लायक बची है और न ही ओवरब्रिज के ऊपर किया गया डामरीकरण का हिस्सा वाहनों की रफ्तार के अनुकूल है।
गुजरात की कंपनी ने हथिया लिया मेंटेनेंस का ठेका
शहर से गुजरने वाली सड़क के मेंटेनेंस का ठेका जबलपुर या प्रदेश के किसी दूसरे जिले के ठेकेदार को नहीं मिला, बल्कि गुजरात की लक्ष्मी नामक कंपनी ने सवा तीन करोड़ रुपए में हथिया लिया है। उसके द्वारा अस्थाई गड्ढे तक नहीं भरे जा रहे हैं, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस कंपनी के ऊपर एनएचएआई के अधिकारियों का दबाव भी नहीं है। इसी कारण रीवा से लखनादौन रोड की सर्विस रोड और ओवर ब्रिज के ऊपर गड्ढे देखने को मिल रहे हैं।
आवारा जानवरों से नहीं मिल पा रही निजात
सड़क पर आवारा जानवरों का झुण्ड चाहे जहाँ देखने मिल जाएगा। इतना ही नहीं, सड़क के ओवरब्रिज तो आवारा जानवरों के लिए सुरक्षित स्थान बन गए हैं। तभी तो एनएच-30 के जितने भी ओवरब्रिज हैं, उन पर आवारा जानवर बैठकर आराम फरमाते दिखाई पड़ रहे हैं। इन आवारा जानवरों की वजह से एनएच में सड़क हादसे भी हर दिन हो रहे हैं। आवारा जानवरों की मृत्यु होने पर कई लोग दो पहिया वाहन से उन्हें घसीटते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। यानी आवारा जानवरों को सड़क से हटाने के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं।


