Puja Path: नियमित रूप से भगवान की पूजा करने से घर के सदस्यों पर हमेशा भगवान की कृपा बनी रहती है. सनातन धर्म में पेड़-पौधों पर कलावा बांधने से शुभ संकेत मिलते है.
By – dbnewsupdaste | Edited By- Supriya
Source : DB News Update
Jyotish Upay: हिंदू धर्म में कलावा बांधने का एक अलग अपना महत्व है. धार्मिक कार्यक्रम में पुरोहित अपने यजमान के हाथ में कलावाा बांधते हैं. इसके लिए उनके द्वारा वेद मंत्र भी पढ़ा जाता है. यजमान को कलावा बांधने के बाद आत्मविश्वास हो जाता है कि उसके जीवन में आने वाली कठिनाइयां दूर हो जाएंगी और सुरक्षा का एहसास करता है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि पेड़ों में भी कलावा बांधने की परंपरा है. इसके पीछे प्रमुख कारण क्या है? यह कभी जानने का प्रयास किया है. आप नहीं जानते हैं तो आइए हम बता रहे हैं पेड़ों पर कलावा बांधने का प्रमख कारण क्या है?
पेड़ों को देवताओं का वास माना जाता है. कुछ खास पेड़-पौधों की पूजा करने से ग्रह संबंधित दोष (Grah Dosh) दूर होते हैं. कुछ पेड़-पौधों में कलावा (Kalawa) बांधना शुभ माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार इन पेड़ों पर कलावा बांधने से सारी इच्छाएं पूरी होती हैं और किस्मत चमक जाती है. ज्योतिष में 5 पेड़ों में कलावा बांधना बहुत शुभ माना जाता है.
पीपल का पेड़ (Peepal Ka Ped)
शास्त्रों में पीपल के पेड़ को बहुत पवित्र माना जाता है. इस पेड़ में देवताओं वास माना जाता है. अगर आप करियर में तरक्की चाहते हैं पीपल की पूजा करें और पेड़ में कलावा बांधें. ऐसा करने पर घर में सुख समृद्धि और धन का आगमन होता है.
बरगद का पेड़ (Bargad Ka Ped)
शास्त्रों में बरगद यानी वट वृक्ष के पेड़ की पूजा करने का विधान बताया गया है. वट सावित्री व्रत के दौरान महिलाएं बरगद के पेड़ के चारों ओर चक्कर लगाकर इस पर कलावा बांधती हैं. माना जाता है कि बरगद के पेड़ में कलावा बांधने से सुहागिन स्त्रियों का सुहाग हमेशा बना रहा है. इस पेड़ पर कलावा बांधने से अकाल मृत्यु जैसे योग भी टलते हैं.
तुलसी (Tulsi)
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पूजनीय माना जाता है. तुलसी में माता लक्ष्मी का वास होता है. यह विष्णु जी को बेहद प्रिय है. तुलसी के पौधे में कलावा बांधने से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु दोनों की ही कृपा प्राप्त होती है. इससे घर में सुख- शांति का वास होता है.
शमी का पेड़ (Shami Ka Ped)
शमी का पेड़ शनि और शिव दोनों को प्रिय है. इसकी पूजा से दोनों देव प्रसन्न होते हैं. मान्यताओं के अनुसार शमी के पेड़ में कलावा बांधने पर शनि देव और भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है. इससे राहु-केतु ग्रह भी शांत होते हैं.
केले का पेड़ (Kele Ka Ped)
केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है. इसकी पूजा करने और इसमें कलावा बांधने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है. साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
हाथ में क्यों पहनते हैं मौली या कलावा
- कलावा बांधने से त्रिदेवों के साथ तीनों देवियों मां लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है,
- कोई शुभ कार्य करने जा रहे हैं, वह बिना किसी बाधा के पूर्ण होता है.
- मौली व कलावा को रक्षा सूत्र भी कहते हैं, जो हमारे बुरे समय में रक्षा करता है, इससे घर में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है.
- वैज्ञानिक कारण भी बताया गया है. हमारे शरीर की संरचना का प्रमुख नियत्रंण कलाई में होता है, इसलिए मौली धागा एक तरह से एक्यूप्रेशर की तरह काम करता है, जो हृदय रोग, मधुमेह व लकवा जैसे रोगों से सुरक्षा करता है.
हाथ के अलावा और कहां-कहां बांधे कलावा
- – तुलसी का पौधा जो आपके घर में लगा हो उस पर कलावे से बांधें. यह उपाय घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और धन के प्रवाह को बढ़ाता है.
- – पीपल का पेड़ घर के बाहर हो तो वहां पर कलावा बांधें. यह धन की बरकत बढ़ाने का एक सरल और असरदार तरीका है.
- – घर की पूर्व दिशा में कोई वस्तु है तो वहां कलावा बांधें. अन्यथा आप घर की तिजोरी में भी कलावा रख सकते हैं.
- – सुख-समृद्धि के लिए घर के मंदिर में भी कलावा बांधना चाहिए. ऐसा करने से परिवार में मेलजोल अच्छा बना रहता है.
- – रसोई की खिड़की पर कलावा बांधने से घर में हमेशा धन और समृद्धि बनी रहती है. यदि खिड़की नहीं है तो आप पानी के मटके पर भी बांध सकते हैं.
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