MP में 26 IAS अफसरों का तबादला, इंदौर में गंदे पानी से 24 मौतों के मामले से जुड़े IAS दिलीप यादव पर सरकार मेहरबान, अब सरकार ने उन्हें मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का एमडी बनाया.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश सरकार ने 18 जनवरी को एक साथ 26 आईएएस अफसरों के तबादले किए हैं. आईएएस की फेरबदल सूची एक ऐसा नाम चर्चा में आ गया जो अभी हाल ही में इंदौर कांड से जुड़ा था और वह नाम है दिलीप यादव का, जिन्हें अभी कुछ दिन पहले ही इंदौर आईएएस को पद से हटाया गया था. वजह यह थी कि इंदौर में गंदे पानी की सप्लाई के कारण 24 लोगों की मौत हो गई थी. यह मामला अभी भी सुर्खियों में है. इसके बावजूद इस अफसर को अब नई और अहम जिम्मेदारी मिलना कहीं न कहीं चर्चा का विषय तो बनना ही था.
24 मौत के बाद हटाए गए थे आईएएस
मध्य प्रदेश के इंदौर में गंदा पानी सप्लाई होने के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए थे. इस मामले में 24 लोगों की मौत हो गई थी. इसी मामले को लेकर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया था और उस वक्त इंदौर नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए दिलीप यादव को पद से हटाया गया था. हालांकि, अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि आखिर इस त्रासदी का जिम्मेदार कौन है.

क्रीम पोस्टिंग मानी जाती है पर्यटन विकास निगम
ताजा तबादला आदेश में दिलीप यादव को मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है. इसे प्रशासनिक भाषा में क्रीम पोस्टिंग माना जाता है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जिस अफसर पर इतने गंभीर आरोप लगाए गए हैं, उसे इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी क्यों दी गई.
इस पूरे मामले को लेकर अब राजनीति होना तय माना जा रहा है. क्योंकि गंदे पानी का मामला सामने आने के बाद से कांग्रेस 24 मौतों का जिम्मेदार आईएएस अधिकारी दिलीप यादव को मानती आ रही है. ऐसे में उसी अफसर को सरकार ने इनाम की तरह बड़ी पोस्टिंग दे दी.
अभी ठंडा नहीं पड़ा है इंदौर गंदा पानी कांड
बता दें कि इंदौर गंदा पानी कांड अभी ठंडा नहीं पड़ा है. क्योंकि बीते दिनों लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इंदौर का दौरा किया था और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी और उनका दर्द सुना. इस दौरान कई पीड़ित परिवारों को चेक का वितरण भी किया था. इस दौरान पीड़ितों ने साफ पानी की मांग को लेकर अपनी पीड़ा खुलकर उनके सानमे रखी थी.
तबादला नीति को लेकर बवाल होना तय
शासन के तबादले को लेकर एक ओर जहां बवाल मचना तय है. गृह विभाग की जिम्मेदारी शिवशेखर शुक्ला को सौंपना और उमाकांत उमराव से खनिज जैसे अहम पद से हटाया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है. वहीं लंबे समय तक पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में एमडी रहे अनय द्विवेदी को हटाकर विशेष गढ़पाले को जिम्मेदारी सौंपी गई है. अचानक आईएएस अधिकारियों का तबादला कहीं न कहीं विवादों में बनता दिख रहा है.

