सुखोई-राफेल समेत 29 एयरक्राफ्ट्स शामिल, PM मोदी ने बंधानी पगड़ी पहनी, इस पर मोर पंख पैटर्न, कुर्ता-जैकेट के रंग नेवी और एयरफोर्स यूनिफॉर्म जैसे
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस परेड के कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इसके बाद राष्ट्रगान का गायन हुआ. 77वें गणवतंत्र दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन समेत उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी. कर्तव्य पथ की परेड में ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल किए गए इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर का प्रदर्शन भी किया गया. इसके अलावा भारतीय वायुसेना के विमान आसमानी जौहर दिखाया. राफेल फाइटर के 6 जेट्स एक साथ प्रदर्शन किया. जो 900 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ता दिखाई दिया. वहीं सी-130 की अगुवाई में सी-295 दो विमानों का प्रदर्शन देखने लायक था. इनकी रफ्तार से पूरा आसमान गूंज उठा.

‘वंदे मातरम’ झांकी का प्रदर्शन
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर वंदे मातरम पर आधारित झांकी निकाली गई. झांकी में बंकिम चंद चट्टोपाध्याय को दिखाया गया. इसके साथ वंदे मातरम का गायन भी हुआ. राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू को 21 तोपों की सलामी दी गई. जिसको देखकर वहां मौजूद लोगों में देश प्रेम की अनुभूति हुई और भारत की समृद्ध संस्कृति की विविधता, एकता और प्रगति देखने को मिली. सैन्य शक्ति के प्रदर्शन से पूरा माहौल देश के रंग में रंगा दिखाई दिया. इस अवसर पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं.
राष्ट्र्पति परेड ने मुर्मू को दी सलामी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति परेड ने सलामी दी. परेड की कमान परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार, जनरल ऑफिसर कमांडिंग और दिल्ली एरिया ने संभाली. मेजर जनरल नवराज ढिल्लों, चीफ ऑफ स्टाफ, मुख्यालय दिल्ली एरिया परेड के सेकंड-इन-कमांड हैं.
पारंपरिक बग्गी में पहुंची राष्ट्रपति
गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ‘पारंपरिक बग्गी’ में बैठकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं. इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय समर स्मारक जाकर शहीदों को कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके साथ ही देश में गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत हो गई. इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान और तीनों रक्षा सेवाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे.
PM मोदी गैलरी में बैठे लोगों से मिलने पहुंचे
PM मोदी गैलरी में बैठे लोगों से मिले. इस बीच लोग मोदी-मोदी कहते दिखाई दिए. इसके बाद वे गाड़ी में बैठकर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए कर्तव्य पथ से रवाना हो गए. इससे पहले गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन समारोह के खत्म होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ बग्घी में बैठकर राष्ट्रपति भवन के लिए रवाना हो गए.
17 राज्यों की 30 झांकियां शामिल हुईं
मीडिया में दिखाई जा रही तस्वीरों के अनुसार परेड में पहली बार स्वदेशी हाइपरसौनिक मिसाइल दिखाई गई. परेड में पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात बैक्ट्रियन ऊंटों को भी शामिल किया गया. 17 राज्यों की 30 झांकियां शामिल हुईं. परेड में भैरव बटालियन ने पहली बार शौर्य का प्रदर्शन किया. वायुसेना के मार्चिंग बैंड में महिला अग्निवीरों ने हिस्सा लिया.
MY भारत NSS मार्चिंग ग्रुप का दिखा जोश
MY भारत NSS मार्चिंग ग्रुप ने झांकियां निकालीं. जम्मू कश्मीर और लद्दाख डायरेक्टोरेट के SD बॉयज कंटींजेंट के कमांडर सीनियर अंडर ऑफिसर तौहीद अल्ताफ ने 148 बॉयज कैडेट के दल का नेतृत्व किया. उनके बाद 200 वॉलेंटियर्स के MY भारत NSS मार्चिंग ग्रुप का नेतृत्व जयपुर, राजस्थान की चारू सिंह ने किया. इसके बाद एक-एक करके 30 झांकियां निकाली गईं, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की झांकियां थीं. ये ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ की व्यापक थीम पर आधारित रहीं.
परेड में तीनों सेनाओं ने दिखाई ताकत
परेड में तीनों सेनाओं ने अपनी ताकत दिखाई. एयरफोर्स के राफेल, जगुआर, मिग 29, सुखोई समेत 29 एयरक्रॉफ्ट शामिल हुए. इन्होंने सिंदूर, वज्रांग, अर्जन और प्रहार फॉर्मेशन बनाए. सेनाओं ने मिसाइलें, बैटल एयरक्राफ्ट, नई बटालियन और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल घातक वेपन सिस्टम का प्रदर्शन किया गया. इनमें ब्रह्मोस और आकाश वेपन सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर सूर्यास्त्र, मेन बैटल टैंक अर्जुन और स्वदेशी मिलिट्री प्लेटफार्मों और हार्डवेयर की सीरीज शामिल थीं.

