गुरु पूर्णिमा का पर्व आषाढ़ महीने की पूर्णिमा पर पड़ता है. यह दिन हमारे जीवन में शिक्षकों या गुरुओं के सम्मान का दिन है.
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Guru Purnima 2025 Puja Time: हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व है. भारत में इसे आध्यात्मिक या अकादमिक गुरुओं के सम्मान के रूप में मनाया जाता है. इस दिन गुरुओं के प्रति वंदन, आभार, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का शुभ अवसर भी होता है. क्योंकि हर व्यक्ति के जीवन में गुरु की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. केवल मनुष्य ही नहीं बल्कि अलग-अलग युग में देवताओं और महारथियों को भी गुरु ज्ञान की आवश्यकता पड़ी है. फिर चाहे वे श्रीराम हों या एकलव्य.
कब मनाया जाता है गुरु पूर्णिमा का पर्व
हिंदू परंपरा के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का पर्व हर साल आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाए जाने का विधान है. आमतौर पर यह पर्व जून या फिर जुलाई के महीने में पड़ता है. इस साल गुरु पूर्णिमा गुरुवार 10 जुलाई 2025 को है. पंचांग के मुताबिक पूर्णिमा की अवधि 10 जुलाई रात 01:36 से 11 जुलाई रात 2:06 तक रहेगी.
गुरु पूर्णिमा पूजा शुभ मुहूर्त 2025
ब्रह्रा पूजा मुहूर्त – सुबह 4:10 से 4:50 तक
अभिजीत पूजा मुहूर्त- सुबह 11:59 से 12:54 तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 12:45 से 3:40 तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 7:21 से 7:41 तक
अभिजीत पूजा मुहूर्त- सुबह 11:59 से 12:54 तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 12:45 से 3:40 तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 7:21 से 7:41 तक
हिंदू धर्म में गुरुओं को ईश्वर से भी श्रेष्ठ दर्जा
पौराणिक मान्यता के अनुसार, गुरु पूर्णिमा का दिन महाभारत के रचयिता वेद व्यास के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है. इसलिए उनके सम्मान में इस दिन को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है. शास्त्रों के मुताबिक महर्षि वेद व्यास ने ही चारों वेदों की रचना की थी.
गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि
गुरु पूर्णिमा पर आप भगवान विष्णु की पूजा करके भी शुभ फल पा सकते हैं. इसके लिए सुबह स्नानादि के बाद स्वस्छ हो जाएं और पूजा में भगवान विष्णु को तुलसी, धूप, दीप, गंध, पुष्प और पीले फल चढ़ाएं. भगवान का का स्मरण करें. इस बात का ध्यान रखें कि पूजा में भक्ति भाव जरूरी है. पूजा के बाद भगवान को अलग-अलग तरह के पकवानों का भोग लगाएं और प्रणाम करें. इस दिन वेद व्यास की भी पूजा करनी चाहिए.
गुरु पूर्णिमा पर इन मंत्रों का जाप
गुरु मंत्र ॐ गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु गुरु देवो महेश्वरः।
गुरु साक्षात परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥
गुरु बीज मंत्र – ॐ श्री गुरुभ्यो नमः
गायत्री मंत्र- ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्॥
गुरु पूर्णिमा के दिन 10 चमत्कारिक उपाय जरूर करें
- गुरु का आशीर्वाद लें
- पीपल वृक्ष की पूजा करें
- पीली वस्तुओं का दान करें
- गुरुओं की पूजा करें
- गुरु मंत्र का जाप करें
- घर पर गुरु यंत्र स्थापित करें
- तुलसी पूजन करें
- भगवान विष्णु की पूजा करें
- कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें.
- पांच वर्ष की कन्याओं को फल और मिठाई का दान करें.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

