यूपी विधानसभा में अखिलेश के चाचा शिवपाल सिंह पर सीएम योगी ने ली चुटकी
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
UP Politics: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतकालीन सत्र में विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि आपको बाबा साहब आंबेडकर के मूल संविधान की प्रस्तावना को पढ़ना चाहिए. मौलिक अधिकारों को देखना चाहिए. अलग-अलग पृष्ठों का अवलोकन करेंगे तो आपको उसमे राम भी नजर आएंगे और कृष्ण भी, लंका दहन के उपरांत बजरंग बली भी नजर आएंगे और ज्ञान का उपदेश देने वाले बुद्ध भी नजर आएंगे.भारत की समृद्ध परंपरा का दर्शन आपको उसी संविधान में मिलेगा, लेकिन उस मूल संविधान में कहीं भी धर्मनिरपेक्ष, पंथनिरपेक्ष या समाजवाद शब्द नहीं है.
नेता विरोधी दल को बोलना चाहता हूं कि बुद्ध ने करुणा और मैत्री का उपदेश उस कालखंड में दिया था, जब विदेशी हमले शुरू हो गए थे, लेकिन उससे पहले ही राम ने कहा था ‘निसिचर हीन करहुं महि भुज उठाई पन कीन्ह,’ उससे पहले भगवान कृष्ण ने भी कहा था ‘परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च दुष्कृताम.’ हम तो राम और कृष्ण को ही मानते हैं, बुद्ध पर विश्वास करते हैं, उन्हीं को आदर्श मानकर कार्य करते हैं. शासन पद्धति एक भी इंच इधर-उधर नहीं करते हैं.
चच्चू थोड़ी कृपा कर लिए नहीं तो सफाचट हो जाते-योगी
सीएम योगी ने कहा कि संभल में जैसे ही आपके खटाखट की असलियत सामने आई, जनता ने कहा सफाचट. उपचुनाव में 9 में से 7 पर भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन जीता है. यही नहीं, सीसामऊ और करहल को याद करिए. 2022 में समाजवादी पार्टी ने करहल में करीब 70,000 से जीत दर्ज की थी, इस बार वह मात्र 13-14000 तक आ गई है. वह भी ‘चच्चू’ थोड़ी कृपा कर लिए, नहीं तो वहां भी सफाचट ही था, लेकिन चिंता मत करिए अगली बार होगा. सीसामऊ में भी बाल-बाल बच गए. कुंदरकी में लोगों को अपनी जड़ें याद आने लग गई हैं.

