भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जबलपुर में मनाया गया राज्यस्तरीय ‘जनजातीय गौरव दिवस’ समारोह, महिला क्रिकेट विश्वकप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सुश्री क्रांति गौड़ को दिया गया 1 करोड़ का चेक, पद्मश्री अर्जुन सिंह घुर्वे, श्रीमती फुलझारिया बाई, श्रीमती उजियारो बाई, विक्रम अवॉर्डी सुश्री रागिनी मार्को, सुश्री सृष्टि सिंह हुए सम्मानित
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Bhagwan Birsa Munda150th Janjati: स्वाधीनता संग्राम में देश के विभिन्न अचंलों में जनजातीय वीरों और जननायकों ने आजादी के लिए अपना लहू बहाया. इन वीरों ने अपना त्याग किया, पर अंग्रेजों को चैन से बैठने नहीं दिया. स्वाधीनता संग्राम के उस प्रारंभिक काल में जनजातीय जननायकों ने जो योगदान दिया, उसे हम भुला नहीं सकते, पर इतिहासकारों और तत्कालीन सरकारों ने इनके योगदान को सिरे से नकार दिया. देश के स्वाधीनता संग्राम में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है, अभूतपूर्व है. इसीलिए हमने यह बीड़ा उठाया है कि जनजातीय वीरों और जननायकों के बारे में आज की नई पीढ़ी को भी अवगत कराया जाए. हर साल 15 नवम्बर को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी का जन्मदिन होता है. इस विशेष दिन को राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने के पीछे हमारी यही मंशा है कि जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया, हम सब उनके बारे में जानें, समझें, विचार करें और इन शूरवीरों के योगदान को श्रद्धानवत् होकर नमन् करें. प्रधानमंत्री श्री मोदी शनिवार को गुजरात के नर्मदा जिले से राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे. इस समारोह का देशव्यापी सीधा प्रसारण किया गया.
मध्यप्रदेश के जबलपुर में आयोजित राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी के इस वर्चुअल संबोधन का सभी ने श्रवण किया तथा उनके आह्वान पर देश के सभी जनजातीय वीरों और जननायकों को नमन किया.
राज्यस्तरीय कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उईके विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे. कार्यक्रम में राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा विशिष्ट उपलब्धियां प्राप्त करने वाले जनजातीय समुदाय के युवाओं, चित्रकारों और सिकल सेल एनीमिया पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले डॉक्टर्स को भी सम्मानित किया गया. इस अवसर पर हाल ही में सम्पन्न आईसीसी महिला क्रिकेट विश्वकप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छतरपुर जिले की महिला क्रिकेटर सुश्री क्रांति गौड़ को 1 करोड़ का चेक और प्रशस्ति-पत्र दिया गया. अतिथियों द्वारा पद्मश्री अर्जुन सिंह धुर्वे, श्रीमती फुलझारिया बाई, श्रीमती उजियारो बाई, विक्रम अवॉर्डी सुश्री रागिनी मार्को, सुश्री सृष्टि सिंह तथा राज्य शासन के सहयोग से विदेश में अध्ययन करने वाले विद्यार्थी आशाराम पालवी एवं रवि मेड़ा को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में प्रतियोगी परीक्षा पास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति समूह (पीवीटीजी) के चयनित 6 अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र दिया गया. कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जनजातीय वर्ग के दो मेधावी विद्यार्थियों को महाराजा शंकर शाह और रानी दुर्गावती मेधावी पुरस्कार प्रदान किए गए. अतिथियों द्वारा जनजातीय कार्य विभाग की योजनाओं की एक ही स्थान पर एकीकृत जानकारी के लिए तैयार शालिनी एप का लोकार्पण किया गया. अतिथियों द्वारा शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित जनजातीय वर्ग हितग्राहियों को हितलाभ वितरण भी इस अवसर पर किया गया.
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आज देशभर में आयोजन हो रहे हैं. सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती से हमारी एकता और विविधता को मनाने के लिए भारत पर्व शुरू हुआ था. आज भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर यह भारत पर्व पूर्णता प्राप्त कर रहा है. उन्होने कहा कि आज काशी विश्वनाथ, महाकाल की चर्चा होती है. पिछले एक साल में देश में कई धामों का विकास हुआ है.
यह आयोजन होते रहेंगे
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि आज देश की राष्ट्रपति जनजातीय समुदाय से ही आती हैं. छत्तीसगढ़, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड में जनजातीय वर्ग के मुख्यमंत्री हैं. मध्यप्रदेश में जनजातीय समुदाय से आने वाले मंगुभाई पटेल राज्यपाल के पद पर आसीन हैं. हमारा लक्ष्य है विकास में न कोई पीछे रहे, न कोई छूटने पाये. यही धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के श्रीचरणों में हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है. प्रधानमंत्री ने कहा देशभर में जनजातीय गौरव दिवस को संपूर्ण गौरव और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है और आगे भी यह आयोजन होते रहेंगे. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को भी 150 साल पूरे हो गए हैं. वंदे मातरम् आज भारत की एकता और अखण्डता का प्रेरणास्त्रोत गीत बन गया है. प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सभी को जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामनाएं देते हुए भगवान बिरसा मुंडा जय का उद्घोष कराया.
जबलपुर में हुए राज्यस्तरीय जनजातीय गौरव दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में बीते पांच सालों से भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन के कानूनों, कर-वसूली और जंगल पर कब्ज़े के खिलाफ जनजातीय समाज ने अपने तरीके से स्वराज का ध्वज उठाया और मध्यप्रदेश लंबे समय तक अंग्रेजों के लिए सबसे कठिन क्षेत्र बन गया था. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वाधीनता का दीया सबसे पहले मध्यप्रदेश की पावन धरती में ही जला था और यह दीया जलाने का जिम्मा भी हमारे जनजातीय वीरों ही उठाया था.
देशभक्ति की सबसे बड़ी मिसाल पेश की शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जबलपुर की धरती पर गोंडवाना के शहीद शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने देशभक्ति की सबसे बड़ी मिसाल पेश की. निमाड़ की पावन धरती पर भील योद्धा भीमा नायक ने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए. खंडवा-बुरहानपुर के टांट्या भील ने अंग्रेजी राज की कमर तोड़ दी. झाबुआ-आलीराजपुर में खाज्या नायक ने क्रांतिवीरों को संगठित कर अंग्रेजों को खुली चुनौती दी. भोपाल की रानी कमलापति ने विदेशी ताकतों के आगे झुकने के बजाय स्वाभिमान का रास्ता चुना. मंडला-जबलपुर की अमर नायिका महारानी दुर्गावती विदेशी शासन के विरुद्ध जनजातीय प्रतिरोध की सबसे बड़ी प्रेरणा बनी. महारानी दुर्गावती ने अपने जीवन में अकबर और शेरशाह सूरी से कुल 52 युद्ध लड़े और इनमें से 51 युद्ध जीते.
शालिनी ऐप का लोकार्पण किया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज प्रदेशभर के जनजातीय भाई-बहनों के सर्वांगीण विकास और कल्याण के लिए कुल 662 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 133 विकास कार्यों की सौगात दी गई है. इसमें 564 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 106 विकास कार्यों का लोकार्पण और 98 करोड़ से अधिक लागत के 27 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है. इसके साथ ही हमने शालिनी ऐप का भी लोकार्पण भी किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाल विज्ञान पुरस्कार योजना के हितग्राही छात्रों को भी सम्मानित किया गया है। जनजातीय वर्ग के हित में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित सभी कन्या छात्रावास और आश्रमों का नाम अब वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाएगा। इसी प्रकार बालक छात्रावासों को भी अब महाराजा शंकर शाह के नाम पर संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय छात्रावासों के बेहतर संचालन के लिए छात्रावास अधीक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की आवश्यकता बताते हुए अगले वर्ष से प्रदेश के 5000 छात्रावासों के अधीक्षकों की भर्ती करने की घोषणा की।
कार्यक्रम का परम्परागत जनजातीय विधि से साल, तेंदू और साजा वृक्ष की पूजा तथा दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ हुआ. आयोजन के दौरान आदिवासी धर्मगुरुओं को बिरन माला पहनाकर सम्मानित किया गया, वहीं धर्मगुरुओं ने भी राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत कर वातावरण को और अधिक गरिमामय बना दिया. इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियां हासिल करने वाली जनजातीय वर्ग की प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया.
इनकी रही उपस्थिति
राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय पर पुष्प वर्षा कर सौहार्द्र और सम्मान का अनूठा संदेश दिया. जनजातीय कला की समृद्ध परंपरा को नमन करते हुए अतिथियों को गोंडी पेंटिंग भेंट की गई. कार्यक्रम में जनजातीय मामलों के केन्द्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, राज्यसभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मिकी, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, डॉ. अभिलाष पांडे, नीरज सिंह एवं संतोष बरकड़े, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, भाजपा के जिला ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज मौजूद थे.

