यात्रियों को 16 ट्रेनों में साफ, स्वच्छ और हाइजीनिक बेडरोल की आपूर्ति
By: DB News Update | Edited by: prince Awasthi
MP .news Jabalpur: भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता के बेडरोल देने के लिए प्रतिबद्ध है। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मंडल में संचालित होने वाली सभी वातानुकूलित ट्रेनों में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान किए जा रहे हैं!
सभी चादरों और पिलो कवर को प्रत्येक उपयोग के बाद मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई और इस्त्री की जाती है ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल देकर उनकी आरामदायक, हाइजीनिक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।
जबलपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) श्री विवेक शील ने कहा, “हम अपने यात्रियों को सर्वोत्तम सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले लिनन की आपूर्ति हमारी प्राथमिकताओं में से एक है।”
लिनन धुलाई की विस्तृत प्रक्रिया:
1. छंटाई और निरीक्षण:
उपयोग किए गए लिनन को लॉन्ड्री में पहुंचने पर छांटा जाता है और किसी भी क्षतिग्रस्त या फटे हुए लिनन को अलग किया जाता है।
2. प्री-ट्रीटमेंट:
दाग-धब्बों को हटाने के लिए लिनन पर प्री-ट्रीटमेंट किया जाता है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि धुलाई के बाद लिनन पूरी तरह से साफ हो।
3. स्वचालित धुलाई:
लिनन को बड़े औद्योगिक वॉशिंग मशीनों में डाला जाता है, जहां उच्च गुणवत्ता वाले डिटर्जेंट और सैनेटाइज़र का उपयोग किया जाता है। पानी के तापमान और धुलाई के समय का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि बैक्टीरिया और विषाणुओं का नाश हो सके।
4. सुखाने की प्रक्रिया:
धुले हुए लिनन को टंबल ड्रायर में सुखाया जाता है, जिससे अतिरिक्त सैनेटाइजेशन होता है।
5. प्रेसिंग और फोल्डिंग:
सुखाने के बाद, लिनन को प्रेस किया जाता है और सही तरीके से पैकेजिंग साइज के अनुसार मोड़ा एवं पैक किया जाता है।
6. गुणवत्ता नियंत्रण:
हर लिनन की स्वच्छता, सफेदी की जांच की जाती है एवं व्हाइट नेस मीटर द्वारा धुले हुए लिनेन की गुणवत्ता को जांच जाता ताकि उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
स्वच्छ और पैक किए गए लिनेन को फिर से ट्रेनों में भेजा.
जबलपुर मंडल पर्यावरण के प्रति जागरूक है। जल संरक्षण के लिए आधुनिक वॉटर रीसाइकलिंग सिस्टम (ETP) का उपयोग किया जाता है और बायोडिग्रेडेबल डिटर्जेंट्स का प्रयोग किया जाता है जो पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं हैं।
स्वच्छ और पैक किए गए लिनेन को फिर से ट्रेनों में भेजा जाता है। यहां इन्हें यात्रियों के उपयोग के लिए सेट किया जाता है, जिससे उन्हें स्वच्छ और आरामदायक अनुभव मिलता है।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि वर्तमान में जबलपुर मंडल में यात्रियों को लगभग 16 ट्रेनों में लिनन की आपूर्ति की जाती है।
इन ट्रेनों में प्रमुख रूप से जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर गोंडवाना, जबलपुर- हजरत निजामुद्दीन- जबलपुर एमपी संपर्क क्रांति, जबलपुर- हजरत निजामुद्दीन- जबलपुर महाकौशल, जबलपुर-वेरावल- जबलपुर सोमनाथ, जबलपुर-अमरावती- जबलपुर, जबलपुर-अजमेर-जबलपुर दयोदय, जबलपुर- हावड़ा- जबलपुर शक्तिपुंज, जबलपुर- पुणे-जबलपुर स्पेशल, जबलपुर-बांद्रा टर्मिनस- जबलपुर स्पेशल, जबलपुर-श्रीमाता वैष्णव देवी कटरा- जबलपुर आदि शामिल हैं।
वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर श्री मनीष कुमार पटेल ने बताया, “हम स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष ध्यान देते हैं और यात्रियों की संतुष्टि के लिए हर संभव कदम उठाते हैं।”
यात्री लिनन से संबंधित किसी भी शिकायत या सुझाव के लिए रेल मदद पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। इन शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जाता है।
इन सभी प्रयासों के माध्यम से भारतीय रेल यह सुनिश्चित कर रही है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान साफ, स्वच्छ और आरामदायक लिनन मिले, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव और भी सुखद हो सके।

