International YogaDay 2024: इस साल 10वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है. योग दिवस की थीम ‘Yoga For Self and Society’ (स्वयं और समाज के लिए योग) है.
PM Modi Yoga Session: जम्मू. योग की यात्रा लगातार जारी है। आज दुनिया में योग करने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। योग केवल विद्या ही नहीं विज्ञान है। आज सूचना संसाधनों की बाढ़ है। ऐसे में एक विषय पर फोकस कर पाना मुश्किल हो रहा है। इसका निदान भी योग में ही है।
आज 10वां योग दिवस है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीनगर में योग किया। पहले यह कार्यक्रम डल झील के किनारे 6:30 बजे होना था, लेकिन बारिश की वजह से इसे हॉल में शिफ्ट कर दिया गया। यह करीब 8 बजे शुरू हो पाया। इसमें 7 हजार लोगों को शामिल होना था, लेकिन हॉल में शिफ्ट होने के कारण सिर्फ 50 लोग शामिल हुए।
‘योगा फॉर सेल्फ एंड सोसाइटी’ है
2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून के दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। तब से इसे अलग-अलग थीम पर मनाया जा रहा है। इस बार की थीम ‘योगा फॉर सेल्फ एंड सोसाइटी’ है।
PM मोदी दो दिन के दौरे पर जम्मू-कश्मीर में हैं। 2013 के बाद से यह उनकी जम्मू-कश्मीर की 25वीं यात्रा है। वहीं 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद 7वीं यात्रा है। चुनाव आयोग सितंबर में जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव करवाने तैयारियां कर रहा है। ऐसे में PM मोदी का यहां जाना और योग दिवस जैसे इंटरनेशनल इवेंट में शामिल होना पॉजिटिव मैसेज माना जा रहा है।
UN ने 2014 में की थी घोषणा
मन और शरीर को शुद्ध करने की इस विशुद्ध वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पद्धति की मुरीद तो दुनिया हमेशा से रही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के अनवरत-अथक प्रयासों या दूसरे शब्दों में कहें तो ‘हठयोग’ से 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने जब 21 जून को आधिकारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की, तब से संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों में योग की महत्ता और लोकप्रियता सिर चढ़कर बोलने लगी।
पीएम मोदी कहां करेंगे योग?
शुक्रवार को दुनियाभर के 170 से अधिक देशों और बड़ी संस्थाओं, कार्यालयों में अरबों की संख्या में लोग योग करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी योग दिवस पर श्रीनगर में डल झील के किनारे स्थित शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसकेआईसीसी) में सुबह साढ़े छह बजे होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में योग करेंगे। इसके जरिये उनका प्रयास आतंकवाद की नकारात्मक ऊर्जा को योग की सकारात्मक ऊर्जा में बदलने का भी रहेगा, ताकि कश्मीर का युवा अपनी सकारात्मक ऊर्जा का इस्तेमाल कश्मीर और भारत को विकसित बनाने में कर सके।
ऐसे में आइए पीएम मोदी के योग से पहले और बाद में दिए गए संबोधन की बड़ी बातें जानते हैं.
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि आज पूरी दुनिया में योग करने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और योग के प्रति लोगों का आकर्षण भी लगातार बढ़ रहा है.
पीएम मोदी ने कहा, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मुझे योग और साधना की भूमि कश्मीर में आने का सौभाग्य मिला है. योग से हमें जो शक्ति मिलती है, श्रीनगर में हम उसे महसूस कर रहे हैं. मैं देश के सभी लोगों को और दुनिया के कोने-कोने में योग कर रहे लोगों को कश्मीर की धरती से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई देता हूं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि योग को दुनिया कैसे देख रही है. उन्होंने कहा कि दुनिया योग को वैश्विक भलाई के एक शक्तिशाली माध्यम के रूप में देख रही है. योग हमें अतीत के बोझ के बिना वर्तमान क्षण में जीने में मदद करता है.
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि योग ने लोगों को यह महसूस कराने में मदद की है कि उनका कल्याण उनके आसपास की दुनिया के कल्याण से जुड़ा हुआ है. पीएम ने कहा कि बारिश की वजह से यहां ठंड भी बढ़ गई है.
पीएम मोदी ने एसकेआईसीसी में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब हमारा चित्त शांत रहता है तब हम दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं. योग समाज में सकारात्मक बदलाव के नए तरीके बना रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2014 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था और भारत के इस प्रस्ताव का 177 देशों ने समर्थन किया था जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड था. उन्होंने कहा, तब से योग दिवस लगातार नए रिकॉर्ड बनाता जा रहा है
पीएम मोदी ने कहा कि पूरे जम्मू-कश्मीर में योग के प्रति जो आकर्षण बना है, जिस उमंग और उत्साह के साथ लोग योग के साथ जुड़ने के लिए आतुर हैं, वह जम्मू कश्मीर के पर्यटन को भी एक नई ताकत देने का अवसर बन गया है.
योग करने के बाद पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जब योग स्वाभाविक रूप से जीवन का हिस्सा बन जाता है, तो इसका हर पल लाभ होता है. उन्होंने कहा कि युग के लिए योग है. योग से ही समाज का निर्माण होगा. योग आगे जा रहा है और लोगों को इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए.
पीएम मोदी ने योग का महत्व बताते हुए कहा कि जिस तरह से टूथब्रश करना और बाल संवारना जीवन का हिस्सा बन जाता है. ठीक वैसे ही जब योग जीवन से जुड़ता है तो उसका हर पल फायदा मिलता है.
ध्यान के महत्व के बारे में बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ध्यान को लेकर धार्मिक यात्रा के तौर पर देखते हैं. कोई अल्लाह को प्राप्त करने का या ईश्वर को प्राप्त करने का या गॉड को प्राप्त करने का कोई साक्षात्कार कार्यक्रम है. लोगों को लगता है कि वे ऐसा नहीं कर सकते हैं. हालांकि, ध्यान हमारे फोकस या कहें हमारा चीजों पर कितना ध्यान है, उससे जुड़ा हुआ है.
पीएम मोदी ने कहा कि लोग मेमोरी बढ़ाने के लिए टेक्निक डेवलप करते हैं. उसे फॉलो करने से मेमोरी बढ़ती भी है. वैसे ही किसी भी काम में मन लगाने की आदत, ध्यान केंद्रित करने की आदत, फोकस तरीके से काम करने की आदत उत्तम से उत्तर परिणाम देती है. स्वंय का विकास करती है. कम से कम थकान से ज्यादा से ज्यादा संतोष मिलता है.


