ट्रांसमिशन लाइनों के समीप बने घातक निर्माणों से सचेत करने का अभियान ट्रांसको ने शुरू किया. उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दी जानकारी
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Department of Energy Madhya Pradesh : मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने प्रदेश में एक नए अभियान की शुरुआत कर दी है. जिन लोगों ने एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र में विद्युत सुरक्षा के निर्धारित मानकों की अनदेखी की है और उनके मकान-दुकान लाइन के नीचे बने हैं, ऐसे घातक व अवैध निर्माणों को हटाने और नागरिकों को विद्युत सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है.
नियमानुसार विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से 132 के.वी. व उससे अधिक क्षमता की ट्रांसमिशन लाइनों के दोनों ओर 27 मीटर का कॉरीडोर प्रतिबंधित क्षेत्र है. इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण वर्जित है, क्योंकि ट्रांसमिशन तारों के हवा के दबाव से झूलने (स्विंग) की स्थिति में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
600 से 950 गुना घातक है घरेलू बिजली से
प्रदेश में अनेक स्थानों पर ऐसे अवैध निर्माण पाए गए हैं, जो न केवल मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा हैं बल्कि प्रदेश की बिजली आपूर्ति को भी लंबे समय के लिए बाधित कर सकते हैं. घरेलू बिजली की तुलना में ट्रांसमिशन लाइनों में प्रवाहित धारा लगभग 600 से 950 गुना अधिक घातक होती है.
प्रदेश में दिये गये 3610 नोटिस
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि पूरे प्रदेश में 3610 नोटिस ऐसे लोगों को दिए गए हैं जिन्होंने पहले से विद्यमान ट्रांसमिशन लाइन के समीप प्रतिबंधित सीमा क्षेत्र में अपने निर्माण कर लिए हैं. इनमें से सर्वाधिक संख्या इंदौर की है जहां 1031 नोटिस दिए गए हैं. इसके अलावा राजधानी भोपाल में 855 जबलपुर में 544 तथा ग्वालियर क्षेत्र में 277 नोटिस दिए गए हैं. इंदौर शहर के अलावा मालवा -निमाड़ क्षेत्र में 903 नोटिस एम.पी. ट्रांसको द्वारा जारी किये गए हैं.

