स्कंद पुराण में लिखी हैं ये अद्भुत भविष्यवाणियां, धरती को पापमुक्त बनाएंगे भगवान विष्णु, उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद जिले के सम्भल नामक स्थान पर विष्णुयशा नामक तपस्वी ब्राह्मण के घर भगवान कल्कि पुत्र रूप में जन्म लेंगे
Source : DB News Update
By : पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP JABALPUR NEWS: कल्कि 2898 AD फिल्म के रिलीज होने के बाद से लोग एक बार फिर से भगवान विष्णु के कलियुग में होने वाले अवतार कल्कि के बारे में चर्चा कर रहे हैं. मनोरंजन की दुनिया से परे कल्कि अवतार के बारे में कई पुराणों में इस उल्लेख मिलता है. माना जाता है कि कलियुग के पांच हजार से ज्यादा वर्ष बीत चुके हैं. ऐसे में जब कलियुग अपनी चरम सीमा पर होगा, तो भगवान विष्णु के अवतार कल्कि का जन्म होगा. कल्कि भगवान तब इस संसार में बढ़ते पापियों का अंत करेंगे और धरती को पापमुक्त बनाएंगे, जिससे कलियुग का अंत हो जाएगा. यहा जानते हैं स्कंदपुराण, श्रीमद्भागवत पुराण, कल्कि अवतार, अग्नि पुराण के अनुसार कौन हैं भगवान कल्कि और इन जन्म कहां होगा.
कौन है भगवान कल्कि और कहां जन्म लेंगे
स्कंदपुराण के अनुसार कलियुग के आखिर में, जब पाप अपने चरम पर होगा, तब भगवान विष्णु कल्कि के रूप में अवतार लेंगे. यह समय कलयुग और सतयुग के बीच का संधिकाल होगा. कहा जाता है कि भगवान कल्कि 64 कलाओं में माहिर होंगे. कल्कि पुराण के अनुसार उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद जिले के सम्भल नामक स्थान पर विष्णुयशा नामक तपस्वी ब्राह्मण के घर भगवान कल्कि पुत्र रूप में जन्म लेंगे.
परशुराम होंगे कल्कि भगवान के गुरु
कल्कि भगवान, जो विष्णु जी के अवतार हैं, अपने गुरु परशुराम जी से मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे. परशुराम जी भी विष्णु जी के अवतार माने जाते हैं और उन्हें अमरता मिली हुई है. कल्कि भगवान, परशुराम जी के कहने पर भगवान शिव की तपस्या करेंगे. इस तपस्या से उन्हें दिव्य शक्तियां मिलेंगी जिनसे वे दुनिया से अधर्म का नाश करेंगे.
भगवान विष्णु का कल्कि अवतार कैसा होगा
स्कंद पुराण के दशम अध्याय में स्पष्ट वर्णित है कि कलियुग में भगवान श्रीविष्णु का अवतार श्रीकल्कि के रुप में सम्भल ग्राम में होगा. अग्नि पुराण के 16वेंअध्याय में कल्कि अवतार का चित्रण भी किया गया. इस चित्रण के अनुसार भगवान राम की तरह ही कल्कि अवतार ने हाथ में तीर-कमान धारण किया होगा और वे एक घोड़े पर सवार होकर आएंगे. कल्कि पुराण में उल्लेख मिलता है कि भगवान कल्कि हाथ में चमचमाती हुई तलवार लिए सफेद घोड़े पर सवार होकर पापियों का अंत करेंगे.
भगवान राम की तरह ही भगवान कल्कि के होंगे 4 भाई
भगवान विष्णु के दसवें अवतार, कल्कि, के बारे में कहा जाता है कि उनके भी चार भाई होंगे. ये भाई उनके साथ मिलकर धर्म की स्थापना में मदद करेंगे. उनके नाम होंगे सुमन्त, प्राज्ञ और कवि. अपने इन्हीं भाइयों के साथ मिलकर भगवान धर्म की स्थापना करेंगे.
वैष्णों देवी से विवाह करेंगे भगवान कल्कि
कल्कि भगवान, जो विष्णु जी के दसवें अवतार माने जाते हैं, उनकी पत्नी के बारे में उल्लेख किया गया कि वो देवी लक्ष्मी का ही एक रूप होंगी जिनका नाम ‘पद्मा’ होगा. श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार माता वैष्णो देवी, जो भगवान राम से विवाह के लिए कई युगों से तपस्या कर रही हैं, उनकी तपस्या कल्कि भगवान ही पूर्ण करेंगे और उनसे विवाह करेंगे. स्कंदपुराण और कल्कि पुराण में भी इस बात का उल्लेख मिलता है कि माता वैष्णो देवी रामावतार के समय से ही तपस्या कर रही हैं.
कलयुग का अभी पहला चरण चल रहा है
धार्मिक पुराणों की मान्यता के अनुसार कलयुग 432,000 वर्षों का है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कलयुग का अभी पहला चरण चल रहा है. अग्नि पुराण के अनुसार, कलयुग के दौरान पापियों का नाश करने के लिए भवगान विष्णु कल्कि के रूप में अवतार लेंगे. उत्तर प्रदेश के संभल नामक जिले में एक ब्रह्माण के परिवार में भगवान विष्णु का कल्कि के रूप में अवतार होगा. उनके पास एक घोडा होगा, जिसका नाम देवदत्त होगा. इसी पर बैठकर कल्कि दुष्टों का नाश करेंगे.
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