धरती पर पापियों और दुष्ट राजाओं का संहार करने के लिए अवतार लिया था.
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Bhagwan Parshuram Ji Ki Aarti in Hindi: भगवान परशुरामजी को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है. उन्होंने धरती पर यह अवतार पापी, विनाशकारी राजाओं और दुष्टों का संहार करने के लिए लिया था. माता रेणुका और ऋषि जमदग्नि के घर उन्होंने धरती पर यह अवतार लिया था.
ऐसी मान्यता है कि आज भी भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुरामजी धरती पर निवासरत हैं. वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर प्रदोष काल में विष्णुजी ने परशुरामजी का यह अवतार लिया था. ऐसे में परशुराम जयंती का बहुत खास महत्व माना जाता है. अक्षय तृतीया पर भगवान परशुरामजी की पूजा करने के साथ-साथ उनकी आरती करने से व्यक्ति को अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है
भगवान परशुराम की आरती…
ॐ जय परशुधारी, स्वामी जय परशुधारी।
सुर नर मुनिजन सेवत, श्रीपति अवतारी॥
ॐ जय परशुधारी…
जमदग्नी सुत नर-सिंह, मां रेणुका जाया।
मार्तण्ड भृगु वंशज, त्रिभुवन यश छाया॥
ॐ जय परशुधारी…
कांधे सूत्र जनेऊ, गल रुद्राक्ष माला।
चरण खड़ाऊँ शोभे, तिलक त्रिपुण्ड भाला॥
ॐ जय परशुधारी…
ताम्र श्याम घन केशा, शीश जटा बांधी।
सुजन हेतु ऋतु मधुमय, दुष्ट दलन आंधी॥
ॐ जय परशुधारी…
मुख रवि तेज विराजत, रक्त वर्ण नैना।
दीन-हीन गो विप्रन, रक्षक दिन रैना॥
ॐ जय परशुधारी…
कर शोभित बर परशु, निगमागम ज्ञाता।
कंध चाप-शर वैष्णव, ब्राह्मण कुल त्राता॥
ॐ जय परशुधारी…
माता पिता तुम स्वामी, मीत सखा मेरे।
मेरी बिरद संभारो, द्वार पड़ा मैं तेरे॥
ॐ जय परशुधारी…
अजर-अमर श्री परशुराम की, आरती जो गावे।
‘पूर्णेन्दु’ शिव साखि, सुख सम्पति पावे॥
ॐ जय परशुधारी…
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

