नए साल 2026 के प्रारंभ जनवरी माह में ही खरमास लग रहा है. खरमास के दौरान सगाई, विवाह, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित हैं. ऐसे में आइए जानते है नए साल में कौन से दिन हैं शुभ मुहूर्त हैं.
Source : DB News Update
By : एस्ट्रोलॉजर पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Vivah Muhurat 2026: हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार साल 2026 में शुभ विवाह तिथियां 4 फ़रवरी से शुरू हो रही हैं, क्योंकि साल के प्रारंभ जनवरी माह में खरमास लग रहा है और शुक्र भी अस्त हो रहा है. वहीं फ़रवरी से मार्च तक विवाह संभव हैं, लेकिन खरमास के कारण 14 मार्च से 13 अप्रैल तक विवाह नहीं होंगे. ऐसी स्थिति में विवाह के सभी मुहूर्त अप्रैल से जुलाई तक होंगे.
नए साल में कितने रहेंगे शुभ मुहूर्त?
ज्योतिष गणना के अनुसार बताया जा रहा है कि 2026 का पहला विवाह मुहूर्त 5 फरवरी से प्रारंभ हो जाएगा और साल 2026 का आखिरी मुहूर्त 6 दिसंबर को होगा. सालभर में कुल 59 विवाह मुहूर्त बतलाए गए हैं.
पंचांग के अनुसार फरवरी में 12, मार्च में 8, अप्रैल में 8 और मई में भी 8 वैवाहिक शुभ मुहूर्त बताए जा रहे हैं. हालांकि बीच के कुछ महीने ऐसे भी हैं, जिनमें एक भी विवाह के मुहूर्त नहीं हैं. यहां बता दें कि हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार जीवन के 16 संस्कारों में वैवाहिक संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक माना गया है.
वसंत पंचमी पर कर सकते हैं विवाह
हर साल 15 जनवरी को धनुर्मास खत्म होते ही शादियों के मुहूर्त शुरू हो जाते हैं. इस बार शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण जनवरी में शादी के लिए एक भी मुहूर्त नहीं होगा. हालांकि 23 जनवरी को वसंत पंचमी पर देश में कुछ जगह शादियां होंगी, क्योंकि कुछ परंपरा के अनुसार कई लोग इस दिन को भी शादी का बड़ा मुहूर्त मानते हैं.
इन दिनों नहीं कर सकते कोई शुभ कार्य
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत खरमास से हो रही है. खरमास के दौरान सगाई, विवाह, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. खरमास 15 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के साथ समाप्त होगा, लेकिन शुक्र अस्त होने के कारण खरमास समाप्त होने के बाद भी विवाह वर्जित रहेंगे.
दिसंबर 2025 को अस्त होने वाला शुक्र 1 फरवरी 2026 तक अस्त ही रहेगा. इसके बाद 4 फरवरी 2026 से विवाह पुनः प्रारंभ होंगे. वहीं इसके बाद भा फरवरी के अंत से होलाष्टक काल होने के कारण 4 मार्च तक विवाह पर फिर से रोक लग जाती है.
नया साल 12 नहीं 13 महीने का होगा
वर्ष 2026 अधिक मास वाला होगा, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. इसमें 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे. क्योंकि इस वर्ष पंचांग में दो ज्येष्ठ मास पड़ रहे हैं. यह अवधि दो मई से 29 जून तक लगभग 59 दिनों तक की रहेगी. मास का अगला भाग 17 मई से पंद्रह जून के बीच रहेगा.
पहले भी ऐसी स्थिति निर्मित हुई है
इससे पहले वर्ष 2018 में दो ज्येष्ठ और 2023 में दो सावन माह पड़े थे. खास बात यह भी है कि नए साल 2026 के पहले महीने यानी जनवरी में शुक्र ग्रह के अस्त होने से उस पूरे महीने में विवाह के लिए कोई शुभ तिथि नहीं रहेगी.
पंचांग के अनुसार साल 2025 में 12 दिसंबर को शुक्र ग्रह अस्त अवस्था में चला जाएगा और फिर 2026 में 1 फरवरी तक अस्त ही रहेंगे. जिससे विवाह के मुहूर्त नहीं बन रहेंगे. विवाह मुहूर्त के लिए बृहस्पति और शुक्र दोनों ग्रह को उदित होना चाहिए. ऐसे में शुक्र के उदित होने पर 1 फरवरी 2026 से विवाह मुहूर्त शुरू हो जाएगा.
2026 खरमास और चातुर्मास
14 मार्च 2026 को सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास पुनः प्रारंभ हो जाएगा. खरमास 13 अप्रैल 2026 तक रहेगा. इस दौरान विवाह नहीं हो सकेंगे. इसके बाद, विवाह का मौसम पुनः शुरू हो जाएगा, जो चातुर्मास के प्रारंभ तक जारी रहेगा.
चातुर्मास देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होकर देवउठनी एकादशी पर समाप्त होता है. देवउठनी एकादशी के अगले दिन तुलसी विवाह किया जाता है और इसके साथ ही शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं. 2026 में, देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026 को और देवउठनी एकादशी 20 नवंबर 2026 को पड़ेगी.
इसलिए, 25 जुलाई से 20 नवंबर 2026 के बीच कोई भी शुभ कार्य नहीं होंगे.
आईए जानते है वर्ष 2026 के शुभ मुहूर्त
- फरवरी 2026 – 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी
- मार्च 2026 -1, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 मार्च
- अप्रैल 2026 – 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 अप्रैल
- मई 2026 – 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14 मई
- जून 2026 – 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 जून
- जुलाई 2026 – 1, 6, 7, 11 जुलाई
- नवंबर 2026 – 21, 24, 25 और 26 नवंबर
- दिसंबर 2026 -2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर
( कुछ पंचांग में भेद होने के कारण तिथि घट बढ़ सकती है और परिवर्तन हो सकता है. )
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