ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत ₹1.38 है, लेकिन यात्रियों से केवल 73 पैसे लिए जाते हैं, इस साल 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक है.
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Indian Rail News. केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा के दौरान भारतीय रेल की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को रेखांकित किया. उन्होंने बताया कि भारतीय रेल यात्रियों को किफायती किराए पर सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थान हासिल कर रही है. जहां हमारे देश में रेलवे का किराया आस-पास के देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के रेल किराए से भी कम है तो वहीं पश्चिमी देशों में रेल किराया तो भारत की अपेक्षा 10-20 गुना अधिक है.
रेल यात्रियों दी जा रही सब्सिडी पर रेल मंत्री ने कहा कि अभी ट्रेन से प्रति किलोमीटर यात्रा की लागत ₹1.38 है, लेकिन यात्रियों से केवल 73 पैसे लिए जाते हैं, यानी 47% सब्सिडी दी जाती है. वित्त वर्ष 2022-23 में यात्रियों को ₹57,000 करोड़ की सब्सिडी दी गई, जो 2023-24 (प्रोविजनल फिगर) में बढ़कर करीब ₹60,000 करोड़ हो गई। हमारा लक्ष्य न्यूनतम किराए पर सुरक्षित और बेहतर सेवाएं देना है.
कार्गो ढोकर दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल
इस साल भारत में 1,400 लोकोमोटिव का उत्पादन हुआ, जो अमेरिका और यूरोप के संयुक्त उत्पादन से अधिक है. साथ ही, 2 लाख नए वैगन बेड़े में जोड़े गए हैं. रेल मंत्री ने बताया कि 31 मार्च को समाप्त हो रहे वित्त वर्ष में भारतीय रेल 1.6 बिलियन टन कार्गो ढोकर दुनिया के टॉप 3 देशों में शामिल होगा, जिसमें चीन, अमेरिका और भारत होंगे। यह रेलवे की बढ़ती क्षमता और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है.
फॉग सेफ्टी डिवाइस और ‘कवच’ सिस्टम तेजी से लागू
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में ऐलान किया कि रेल सुरक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए, 41,000 LHB कोच तैयार किए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में सभी ICF कोच को LHB में बदला जाएगा. लंबी रेल, इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, फॉग सेफ्टी डिवाइस और ‘कवच’ सिस्टम तेजी से लागू किए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए वैष्णव ने कहा कि पहले रेलवे को ₹25,000 करोड़ का समर्थन मिलता था, जो अब बढ़कर ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक हो गया है. इससे बुनियादी ढांचे में सुधार हुआ है. वहीं 50 नमो भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है, जो कम दूरी की यात्रा के लिए AC और नॉन-AC विकल्पों के साथ है.
हाल ही में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे लेकर रेल मंत्री ने सदन को बताया कि इस दुखद हादसे की जांच हाई-लेवल कमेटी कर रही है. CCTV फुटेज समेत सभी डेटा सुरक्षित रखा गया है, करीब 300 लोगों से बातचीत कर फैक्ट्स की जांच हो रही है. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए 10 महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं.
कितना बढ़ा रेलवे का किराया?
रेल मंत्री ने बताया कि हालिया किराया संशोधन 1 जुलाई 2024 से लागू हुआ है और यह पिछले पांच सालों में पहली बार हुआ है. उन्होंने यह भी साफ किया कि यह बढ़ोतरी बेहद मामूली है और ज्यादातर यात्रियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
0.5 पैसे प्रति किलोमीटर – सेकंड क्लास (साधारण), स्लीपर, फर्स्ट क्लास (साधारण) यात्राओं में
1 पैसा प्रति किलोमीटर – नॉन-एसी मेल/एक्सप्रेस श्रेणी
2 पैसे प्रति किलोमीटर – आरक्षित एसी क्लास यात्राओं में
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई यात्री 1,000 किलोमीटर का सफर कर रहा है, तो उसका किराया अधिकतम ₹10 से ₹20 तक ही बढ़ेगा, वो भी क्लास के हिसाब से.
इन पैसेंजर्स पर नहीं पड़ेगा असर
रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 500 किलोमीटर तक की यात्रा करने वाले सेकंड क्लास सामान्य कोच यात्रियों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके अलावा मासिक सीजन टिकट (MST) और शहरी/लोकल ट्रेनों के किराये में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है, ताकि दैनिक यात्री, नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े.
उनका कहना था, “हमने किराए में बेहद सीमित बढ़ोतरी की है. उदाहरण के लिए, 500 किमी की यात्रा करने वाले यात्री के किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ है.”

