By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Reading: मठ-मंदिर को नोटिस भेजने पर भड़के शंकराचार्य-कहा, ‘भस्मासुर को आशीर्वाद दोगे तो…’
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
Font ResizerAa
  • National
  • International
  • Politics
  • Religion
  • Technology
Search
  • Home
  • Religion
  • National
  • International
  • Madhya Pradesh
  • Politics
  • Business
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
DB News Update | Divya Bhumi News > Blog > Religion > मठ-मंदिर को नोटिस भेजने पर भड़के शंकराचार्य-कहा, ‘भस्मासुर को आशीर्वाद दोगे तो…’
ReligionUttar Pradesh

मठ-मंदिर को नोटिस भेजने पर भड़के शंकराचार्य-कहा, ‘भस्मासुर को आशीर्वाद दोगे तो…’

DB News
Last updated: 15/03/2026 1:10 PM
DB News
Share
7 Min Read
SHARE

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंदिरों को नोटिस भेजने पर आपत्ति जताई, उन्होंने कहा कि “मठ मंदिर वालों ने ही आशीर्वाद दिया था, अब भोगे फल. गलत आदमी को आशीर्वाद देंगे तो क्या होगा?

Source : SOCIAL MEDIA

Contents
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंदिरों को नोटिस भेजने पर आपत्ति जताई, उन्होंने कहा कि “मठ मंदिर वालों ने ही आशीर्वाद दिया था, अब भोगे फल. गलत आदमी को आशीर्वाद देंगे तो क्या होगा?शंकराचार्य ने साधा सरकार पर निशानाअब विचार करने का समयतीर्थ नहीं हो सकता पीएम कार्यालय का नामधार्मिक लोगों के हाथों में हों धर्म स्थलमौनी अमावस्या के बाद फिर चर्चा में आएक्यों शुरु हुआ विवादऐसे विवाद का घटनाक्रम बढ़ा

By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी

Varanasi News: “मठ मंदिर वालों ने ही आशीर्वाद दिया था, अब भोगे फल. गलत आदमी को आशीर्वाद देंगे तो क्या होगा? भस्मासुर को भगवान शिव ने वरदान दिया तो क्या हुआ? उन्हीं के माथे पर हाथ रखने के लिए आने लगा, उन्हें ही जलाकर भस्म कर दूंगा” ऐसी अवधारणा लेकर आगे बढ़ा. यह वक्तव्य ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद काशी स्थित मठ पर वेद विद्या से जुड़े कार्यक्रम के दौरान कहा. वाराणसी के साधु संतों को नगर निगम द्वारा नोटिस देने के मामले में उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब इस बात पर विचार हो कि सत्ता पर आशीर्वाद रखना है या अब हाथ हटाने का समय आ गया है.

शंकराचार्य ने साधा सरकार पर निशाना

उन्होंने कहा कि भस्मासुर को आप आशीर्वाद देते हो तो आपको भोगना पड़ेगा. भस्मासुर वो है जो मठ और मंदिरों को नोटिस भेज रहा है. जिनसे आशीर्वाद लेकर वो सत्ता में आया, उन्हीं को नोटिस भेजने का मतलब वहीं भस्मासुर है. हम संत समाज के साथ हैं, सनातनी समाज जहां होगा, हम वहां खड़े दिखाई देंगे.

अब विचार करने का समय

जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि हमने 10-11 मार्च को दिल्ली में एक बहुत बड़ा सम्मेलन बुलाया है और हम अपने साधु संतों को कह रहे हैं कि आप विचार करो, जैसे समर्थन वापसी का विचार राजनीतिक पार्टियां करती हैं वैसे आप आशीर्वाद वापसी पर विचार करो कि ये आशीर्वाद इनके साथ रहे या वापस ले लिया जाए.

तीर्थ नहीं हो सकता पीएम कार्यालय का नाम

मनरेगा का नाम बदलने पर शंकराचार्य ने कहा कि हमारी आपत्ति तीर्थ शब्द पर है. योजनाएं किसी के नाम पर हो हमें कोई आपत्ति नहीं लेकिन, प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम तीर्थ के नाम पर नहीं हो सकता.

धार्मिक लोगों के हाथों में हों धर्म स्थल

बांके बिहारी मंदिर में बाल भोग लगाने में हुई देरी पर शंकराचार्य ने कहा अब इसी तरह रोज परंपराएं टूटेगी, अभी ये पहली बार हुआ है. अब हजार बार होगा. हमने पहले ही कहा था कि जो हमारे धर्म स्थल है, वह धार्मिक लोगों के हाथ में होना चाहिए.

अगर आप सरकार को वहां पर लाते हैं तो सरकार के अधिकारी धर्मनिरपेक्ष है, उन्हें धर्म का पूरी तरह ज्ञान नही है. उन्होंने ना ही धर्म को जी कर जाना है इसलिए रोज परंपराएं टूटेंगी, रोज ऐसी गलतियां होंगी. यह ठीक नहीं है. हम चाहते हैं कि वहां पर जो प्रक्रियाएं चल रही हैं उसे निरस्त किया जाए.. क्योंकि आगे भी यहीं होता रहेगा.

मौनी अमावस्या के बाद फिर चर्चा में आए

मौनी अमावस्या 18 जनवरी को एक बार फिर शंकराचार्य चर्चा में आ गए. जब वे मुख्य स्नान पर्व पर गंगा स्नान के लिए जा रहे थे. उनका यह विवाद उस समय चरम पर पहुँच गया जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बिना गंगा स्नान किए ही मेला क्षेत्र छोड़ने का ऐलान कर दिया. उन्होंने अपने शिविर के बाहर खड़े होकर समर्थकों और मीडिया को संबोधित करते हुए कहा- “ हम बिना स्नान किए यहाँ से विदा ले रहे हैं. न्याय की परीक्षा कभी समाप्त नहीं होती. आज हम यहाँ से जा रहे हैं, लेकिन अपने पीछे सत्य की गूंज और कुछ प्रश्न छोड़कर जा रहे हैं.”

क्यों शुरु हुआ विवाद

विवाद की शुरुआत 18 जनवरी को तब शुरु हुआ.जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपनी पालकी और समर्थकों के साथ संगम स्नान के लिए जा रहे थे. मेला प्रशासन ने अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें पालकी से उतरकर पैदल जाने का अनुरोध किया.
इस दौरान पुलिस और स्वामी के शिष्यों के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई. स्वामी का आरोप था कि पुलिस ने उनके शिष्यों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें उनके धर्मसम्मत ‘राजसी स्नान’ के अधिकार से वंचित किया.
इसके विरोध में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उसी स्थान पर धरना शुरू कर दिया था जहाँ उन्हें रोका गया था. उन्होंने अन्न-जल त्याग कर अनशन शुरू किया और प्रशासन से माफी की मांग की.

उन्होंने आरोप लगाया कि यह राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ के इशारे पर हो रहा है. बीजेपी के कई नेताओं ने बयान देकर शंकराचार्य को इस तरह रोके जाने पर आपत्ति की. कुछ ने समझौते का प्रयास किया.

ऐसे विवाद का घटनाक्रम बढ़ा

  • अनशन के दौरान विवाद तब और गहरा गया जब माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दो कारण बताओ नोटिस जारी किए:
  • प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए पूछा कि वह किस आधार पर ‘शंकराचार्य’ की पदवी का उपयोग कर रहे हैं.
  • दूसरे नोटिस में उन पर मौनी अमावस्या के दिन बैरिकेडिंग तोड़ने और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया गया.
  • शंकराचार्य के समर्थकों और खुद अविमुक्तेश्वरानंद का आरोप है कि यह दांवपेंच उन्हें परेशान करने के लिए किया गया.
  • स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रस्थान के समय मेला क्षेत्र में भारी सुरक्षा बल तैनात रहा. उनके समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया, लेकिन स्वामी ने शांति बनाए रखने की अपील की.
  • उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भले ही अभी जा रहे हैं, लेकिन उनके द्वारा उठाए गए धार्मिक मर्यादा और संतों के सम्मान के प्रश्न प्रशासन और सरकार का पीछा करते रहेंगे.
  • विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है और इसे सनातन परंपरा का अपमान बताया है. अब देखना यह होगा कि स्वामी के इस ‘अधूरे स्नान’ और प्रशासन के सख्त रुख का आने वाले दिनों में क्या धार्मिक और राजनीतिक असर पड़ता है.

    You Might Also Like

    जन्माष्टमी 2026 में कब ? नोट करें तारीख और पूजा का मुहूर्त

    गुरु पूर्णिमा के बीज मंत्र को सिद्ध करने का बन रहा दुर्लभ संयोग, जानें विधि

    कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

    चरणामृत फायदेमंद है या फिर पंचामृत, जानें इससे जुड़ी मान्यताएं

    शिवलिंग का रुद्राभिषेक करने के बाद ताली बजाना पुण्य है या पाप? जानें क्या है रहस्य

    TAGGED:DB NewsDB News UpdateDBNewsupdateDelhi Newsdivya bhumi updateMP NEWSPMModiShankaracharya AvimukteshwaranandUP NewsVaranasi News:
    Share This Article
    Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Threads Email Copy Link Print
    What do you think?
    Love0
    Sad0
    Happy0
    Surprise1
    Angry0
    Previous Article 2026 में दो दिन मनाई जाएगी राम नवमी
    Next Article MP में शिकारी मदमस्त, टाइगर पस्त
    Leave a comment Leave a comment

    Leave a Reply Cancel reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Stay Connected

    FacebookLike
    TwitterFollow
    InstagramFollow
    YoutubeSubscribe
    - Advertisement -
    Ad imageAd image

    Latest News

    7 दिन में ही 70 रुपये किलो बिकने लगी चीनी
    Business 23/08/2026
    ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ को खत्म करने देर रात पुलिस ने दिखाई सख्ती…
    National 22/08/2026
    मैहर शारदा लोक का रास्ता हुआ साफ, जिले को 256 करोड़ के विकास कार्यों की मिली सौगात
    Madhya Pradesh 20/08/2026
    लाल किले पर PM मोदी ने फहराया तिरंगा
    National 15/08/2026
    //

    यह विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती हुई हिंदी समाचार वेबसाइट है। यह राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, व्यापार, मनोरंजन और क्रिकेट की दुनियां से जुड़े समाचार प्रकाशित करने में अहम भूमिका अदा कर रही है। यह अन्य हिंदी न्यूज साइटों की अपेक्षा सबसे अधिक विश्वसनीय, प्रामाणिक और निष्पक्ष समाचार अपने समर्पित पाठक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।

    Quick Link

    • About Us
    • Contact
    • My Bookmarks
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    • Sitemap

    Top Categories

    • Fashion
    • Health
    • Religion
    • Science
    • Technology
    • Travel

    Contact Us

    //

    Director – Mr. Prince Awasthi 8815353246,

    Editor – Miss. Supriya 8815353246.

    DB News Update | Divya Bhumi NewsDB News Update | Divya Bhumi News
    Follow US
    © 2024 Copyright All Rights Reserved. Media Management Society Jabalpur M.P. | Design & Developed by JPTechnoPark
    • Advertise
    Welcome Back!

    Sign in to your account

    Lost your password?