सपा सांसद डिंपल यादव ने बांके बिहारी मंदिर में चढ़ने वाले प्रसाद की क्वॉलिटी पर सवाल उठाया
By : DB News Update| Edited By: प्रिंस अवस्थी
Tirupati Balaji Laddu Controversy Latest News: आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद का मामला अभी थमा नहीं है और इसी कड़ी में यूपी के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के प्रसाद पर भी घमासान शुरू हो गया है. आरोप कि वृंदावन में प्रसाद बनाने के लिए खराब क्वॉलिटी के खोवे का इस्तेमाल किया जा रहा है. विदित है कि जानवरों की चर्बी वाले घी के इस्तेमाल की बात सामने आने के बाद से न सिर्फ तिरुपति बालाजी, बल्कि पूरे देश में इसे लेकर चर्चा हो रही है. हिंदू संगठन और संत लगातार आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. सीएम चंद्रबाबू नायडू ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है.
मथुरा-वृंदावन के पेड़ों की क्वॉलिटी पर उठ रहे सवाल
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो बांके बिहारी मंदिर में भोग के तौर पर चढ़ने वाले पेड़े में मिलावट को लेकर आरोप लगाने वाला कोई आम आदमी नहीं, बल्कि समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव हैं. मथुरा वृंदावन में बांके बिहारी के दरबार में माथा टेकने के लिए हर रोज करीब 50 हजार भक्त पहुंचते हैं. 162 साल पुराना ये वो मंदिर है जहां भगवान कृष्ण के आशीर्वाद के लिए सिर्फ देश से ही नहीं बल्कि विदेश से भी पर्यटक आते हैं. और मथुरा वृंदावन की जमीन पर कदम रखने वाला कोई भी श्रद्धालु बिना पेड़ा लिए वहां से वापस नहीं आता, लेकिन इस पेड़े में मिलावट की खबरों के बाद से भक्तों के मन में कई तरह के सवाल हैं.
मंदिरों से प्रसाद के 13 सैंपल जमा किए हैं
एहतियातन मथुरा के पेड़ों की गुणवत्ता की जांच आनन-फानन में शुरू हो गई है. यूपी के फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन के मंदिरों से प्रसाद के 13 सैंपल जमा किए हैं और इनकी जांच रिपोर्ट 15 दिन के बाद आएगी.


