भगवान शिव की महिमा अपरंपार है और उनकी पूजा करने से भय दूर होता है.
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Mahakal ki Aarti, Om Jai Shiv Jai Mahakal : बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल धाम, मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित है. यहां देश-विदेश से आने वाले भक्तों की भीड़ लगी रहती है. महाकाल दरबार में बड़ी श्रद्धा व भक्ति के साथ भगवान महाकाल के बारी-बारी से दर्शन करते हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए कृपा प्राप्त करते हैं.
भगवान शिव की कृपा यदि हो जाए तो भक्तों के सभी दु:ख-दर्द दूर हो जाते हैं. कालों के काल महाकाल प्रभु की महिमा ऐसी है कि उनके भक्तों को न भूत-पिशाच का डर होता है और न ही काल उन्हें डरा सकता है. भगवान शिव जी की नियमित पूजा करने और उनकी आरती करने से दुख दूर होते हैं.
महाकाल शिव जी की आरती-
ऊं जय शिव जय महाकाल
स्वामी जय शंभू महाकाल,
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,
तुम कालो के काल
ओम जय शिव जय महाकाल।
बारह ज्योतिर्लिंग में
महिमा बड़ों है नाम,
क्षिप्रा तट उज्जैन में,
महाकाल को धाम
ऊं जय शिव जय महाकाल।
प्रभु तुम भीमेश्वर देवा
तुम काशी विश्वनाथ,
गोमती तट त्रयंभकेश्वर
दारूकवन नागनाथ,
ओम जय शिव जय महाकाल।
हाथ जोड़ तेरे द्वारे
काल खड़ा लाचार,
सुर नर असुर चराचर,
सब के हो करतार,
ऊं जय शिव जय महाकाल।
चिता भस्म से तेरो
नित नित हो शृंगार,
भक्तन का मन मोहे,
तेरो रूप निहार,
ऊं जय शिव जय महाकाल।
भस्म आरती तेरी
अद्भुत है भगवान,
भाग्यवान नर नारी,
पाएं शुभ दर्शन
ऊं जय शिव जय महाकाल।
साथ में गणपति गौरा,
कार्तिक है देवा,
द्वार खड़े हैं नंदी,
नित्य उठ करें सेवा,
ऊं जय शिव जय महाकाल।
जो जन तेरा दर्शन
श्रद्धा से कर जाए,
मौत अकाल ना आए,
सुख वैभव पा जाए
ऊं जय शिव जय महाकाल।
महाकाल की आरती
जो नर नारी गाए,
कहत महेश प्रभु से,
मन इच्छा फल पाए
ऊं जय शिव जय महाकाल।
ऊं जय शिव जय महाकाल
स्वामी जय शंभू महाकाल,
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,
तुम कालो के काल,
ऊं जय शिव जय महाकाल।।
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

