भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा चुनाव के बाद से ही महाराष्ट्र में डेरा डाल रखा था. टिकट बंटवारे से लेकर पार्टी की रणनीति बनाने तक दोनों नेताओं ने अहम भूमिका निभाई.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Maharashtra Election 2024: लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के कुछ दिनों बाद जून में भूपेन्द्र यादव और अश्विनी वैष्णव को महाराष्ट्र चुनाव के लिए क्रमश: प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किया गया था.
दोनों नेता हरकत में आ गए और पार्टी के भीतर असंतुष्ट वर्गों तथा विभिन्न छोटे जाति समूहों से संपर्क किया, क्योंकि भाजपा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन से उत्पन्न चुनौती से जूझ रही थी. इन दोनों की जोड़ी ने बीजेपी के प्रति महौल अनुकूल किया, जिससे महायुति को प्रचंड जीत मिली.
भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव और अश्विनी वैष्णव की जोड़ी ने मध्यप्रदेश के बाद महाराष्ट्र में भी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है. पिछले साल यादव-वैष्णव की जोड़ी को मध्यप्रदेश में BJP के चुनावी अभियान का नेतृत्व करने का जिम्मा सौंपा गया था. पार्टी ने राज्य की 230 विधानसभा सीटों में से 163 पर जीत दर्ज कर अपनी सत्ता बरकरार रखी.
महाराष्ट्र में भाजपा के चुनावी अभियान की कमान भी यादव और वैष्णव को थमाई गई थी. लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद विधानसभा चुनावों में मतदाताओं का रुख भाजपा के पक्ष में करने के लिए दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने राज्य में कई महीनों तक डेरा डाले रखा.
मतगणना के रुझान सामने आने और इनसे महायुति (भाजपा, शिवसेना और राकांपा का गठबंधन) की प्रचंड जीत के संकेत मिलने के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यादव को बधाई दी.
महाराष्ट्र में भाजपा 130 से अधिक सीटें जीतने की राह पर अग्रसर है, जो राज्य विधानसभा चुनावों में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। हालांकि, अप्रैल-मई में संपन्न लोकसभा चुनावों में उसे महज नौ सीटों से संतोष करना पड़ा था, जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में उसने 23 सीट जीतीं थी।
लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के कुछ दिनों बाद जून में यादव और वैष्णव को महाराष्ट्र चुनाव के लिए क्रमश: प्रभारी और सह-प्रभारी नियुक्त किया गया था।
दोनों नेता हरकत में आ गए और पार्टी के भीतर असंतुष्ट वर्गों तथा विभिन्न छोटे जाति समूहों से संपर्क किया, क्योंकि भाजपा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन से उत्पन्न चुनौती से जूझ रही थी।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री यादव 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान भी भाजपा के प्रभारी थे, जब पार्टी ने 105 सीटें जीती थीं, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली अविभाजित शिवसेना के खाते में 56 सीटें गई थीं।
हालांकि, शिवसेना ने मुख्यमंत्री पद को लेकर मतभेद के बाद भाजपा से गठबंधन तोड़ दिया था और कांग्रेस व अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के सहयोग से सरकार बनाई थी।
कब कौन भाजपा में आया और सीएम बना
1. शुभेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल: साल 2020 में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी छोड़कर भाजपा में आए थे। 2021 में नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराया था। 2026 में पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के पहले सीएम के रूप में शपथ ली है।
2. सम्राट चौधरी, बिहार: 2017 में लालू यादव की पार्टी आरजेडी छोड़कर भाजपा में आए थे। 2024 में पहली बार भाजपा के कोटे से डिप्टी सीएम बने। फिर 2025 में दोबारा डिप्टी सीएम और गृहमंत्री बनाए गए थे। 2026 में भाजपा ने पहली बार बिहार में उन्हें सीएम बनाया है।
3. युमनाम खेमचंद सिंह, मणिपुर: साल 2017 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे। साल 2017-2020 BJP सरकार में मंत्री पद संभालते रहे। साल 2026 में BJP सरकार में पहली बार मुख्यमंत्री बनाए गए।
4. हिमंता बिस्वा सरमा, असम: साल 2015 में हिमंता बिस्वा ने कांग्रेस छोड़ी थी। उन्होंने बीजेपी ज्वाइन किया था। 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा बहुमत में आई और उन्हें पहली बार सीएम बनाया गया। यहां विधानसभा चुनाव 2026 संपन्न हो चुके हैं। 12 मई को वे फिर सीएम पद की शपथ लेने वाले हैं।
5. मणिक साहा, त्रिपुरा: त्रिपुरा में वर्तमान में भाजपा के सीएम मणिक साहा हैं। उन्होंने साल 2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। साल 2022 में भाजपा ने बिप्लव देब के इस्तीफे के बाद मणिक साहा को त्रिपुरा का मुख्यमंत्री बनाया था। 2023 विधानसभा चुनाव में भाजपा को बहुमत मिला और मणिक दूसरी बार सीएम बने थे।
6. पेमा खंडू अरूणाचल प्रदेश: प्रदेश में वर्तमान में भाजपा शासित सरकार के मुखिया पेमा खांडू हैं। वे वर्ष 2016 में पहले कांग्रेस फिर पीपुल्स पार्टी आॅफ अरूणाचल में रहे, फिर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। पहली बार में ही भाजपा ने उन्हें 2016 में अरुणाचल का सीएम बनाया था। साल 2019 में भाजपा ने दूसरी तथा साल 2024 में भाजपा की बहुमत सरकार में वे तीसरी बार सीएम बने थे।
इन प्रदेशों में भाजपा व भाजपा गठबंधन की सरकारें
देश में कुल 22 राज्यों में भाजपा व भाजपा गठबंधन की सरकारें काबिज हो चुकी हैं। इनमें 15 राज्यों में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार चला रही है। वहीं बाकी 7 राज्यों में उसकी सहयोगी दलों के साथ गठबंधन की सरकारें हैं। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, असम, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, मणिपुर, गोवा, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल महाराष्ट्र, बिहार, मेघालय, नागालैंड में भाजपा व गठबंधन सरकारें हैं।

