कार्तिक महीने में विष्णु जी की पूजा का विशेष महत्व है, साथ ही स्नान-दान, तुलसी पूजा खास मानी गई है.
By : DB News Update | Edited By : सुप्रिया
Kartik Month 2024: हिंदू कैलेंडर का 8वां महीना होता है कार्तिक, जो भगवान विष्णु को समर्पित है. यह चातुर्मास का अंतिम महीना होता है. इसी माह से देव तत्व मजबूत हो जाता है. इस महीने धन और धर्म दोनों से संबंधित प्रयोग किए जाते हैं. कार्तिक महीने में किया गया स्नान, दान और तुलसी पूजा कभी न खत्म होने वाले पुण्य देते हैं. इनके प्रभाव से व्यक्ति मृत्यु के बाद जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति होकर मोक्ष को प्राप्त होता है.
कब से शुरू हो रहा कार्तिक माह ?
कार्तिक माह 18 अक्टूबर 2024 से शुरू हो रहा है. इसका समापन कार्तिक पूर्णिमा पर 15 नवंबर 2023 को होगा. इसके बाद मार्गशीर्ष माह लग जाएगा.
कार्तिक मास में क्या खास है ?
इसी मास में शिव पुत्र कार्तिकेय ने तारकासुर राक्षस का वध किया था, इसलिए इसका नाम कार्तिक पड़ा, जो विजय देने वाला है. कार्तिक माह में तप और व्रत का माह है, इस माह में भगवान की भक्ती और पूजा अर्चना करने से मनुष्य की सारी इच्छाएं पूर्ण होती हैं.
कार्तिक में पुण्य कमाने का मार्ग
- कार्तिक मास में तुलसी का रोपण और विवाह सर्वोत्तम होता है. इससे मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.
- बड़े-बड़े यज्ञ से जो फल प्राप्त होता है, वही फल कार्तिक माह में तीर्थ नदियों में या उसके जल से रोजाना स्नान करने पर मिलता है. कार्तिक स्नान सूर्योदय से पूर्व किया जाता है.
- इस महीने दान करने से अक्षय शुभ फल की प्राप्ति होती है. खासकर दीपदान करने से यमराज की यातनाएं नहीं सहनी पड़ती.
कार्तिक स्नान करने से क्या फल मिलता है ?
कार्तिक पूर्णिमा के दिन महादेव ने त्रिपुरासुरों राक्षस का वध किया था और भगवान विष्णु ने मत्स्यावतार लिया था. कार्तिक महीने में भगवान विष्णु मत्स्यावतार लेकर जल में रहते हैं. ऐसे में कार्तिक के पूरे महीने सूर्योदय से पूर्व नदी या तालाब में स्नान करने और दान करने से बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है. वह पाप मुक्त हो जाता है. कहते हैं स्वंय देवतागण भी कार्तिक माह में गंगा में स्नान करने धरती पर आते हैं.
कार्तिक माह के नियम
- इस महीने में मूली, कंद, गाजर, गराडू, शकरकंद खाना सेहत के लिए अच्छा होता है. इससे व्यक्ति निरोगी रहता है.
- खाली पेट पानी के साथ तुलसी के कुछ पत्ते खाएं. मान्यता है इससे सालभर बीमारियों से राहत रहती है.
- कार्तिक के महीने में श्रीहरि जल में निवास करते हैं इसलिए भूलकर भी मछली या फिर अन्य प्रकार की तामसिक चीजें ग्रहण न करें.
- कार्तिक महीने के दौरान बैंगन, मठ्ठा, करेला, दही, जीरा, फलियां और दालें नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इस माह से मौसम में बदलाव शुरू हो जाता है, ठंड बढ़ने लगती है. इन ठंडी चीजों को खाने पर सेहत को नुकसान हो सकता है.
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